11/01/2026
Jhajjar में उमड़ा जनसैलाब! Sant Rampal Ji Maharaj Samagam 2026 🔥
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29/12/2025
जुलाना बारहा और सरपंच एसोसिएशन ब्लॉक जुलाना द्वारा
जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी को
किसान जीवन रक्षक सम्मान से नवाजा गया।
स्थान: शादिपुर स्टेडियम, जुलाना बाईपास, जिला जींद।
26/12/2025
परमेश्वर अमर है, लेकिन ईसा मसीह जी की मृत्यु हुई
हजरत ईसा मसीह की मृत्यु पूर्व ही निर्धारित थी। स्वयं ईसा जी ने कहा कि मेरे बारह शिष्यों में से ही एक मुझे विरोधियों को पकड़वाएगा। एक ईसा मसीह का खास यहूंदा इकसरौती नामक शिष्य था, जिसने तीस रूपये के लालच में अपने गुरु जी को विरोधियों के हवाले कर दिया।
(मत्ती 26ः24-55 पृष्ठ 42-44)
रोटी, कपड़ा, शिक्षा, चिकित्सा सबको देगा कबीर भगवान।
संत रामपाल जी महाराज जी की अन्नपूर्णा मुहिम कई परिवारों के लिए वरदान साबित हुई हैं।
#किसानमसीहासम्मान
#किसानोंकेमसीहा
बाढ़ से फसलें नष्ट होने पर, संत रामपाल जी महाराज किसानों के मसीहा बनकर आए। उन्होंने बाढ़ प्रबंधन करके किसानों की जान और खेतों पर आश्रित जीव-जंतुओं की रक्षा की। धीरणवास की सरपंच श्रीमती प्रेरणा चौधरी ने संत रामपाल जी महाराज जी के महान कार्यों के लिए उन्हें कोटि-कोटि नमन किया।
#गरीबों_के_मसीहा
#किसानोंकेमसीहा
#किसानमसीहासम्मान
#भारतगौरवअवॉर्ड
#शुजालपुर
#अकोदिया
अन्नपूर्णा मुहिम ऐसे ज़रूरतमंद और बेसहारा परिवारों के लिए आशा की किरण बनकर आई है, जिन्होंने जीवन की विपरीत परिस्थितियों में सब कुछ खो दिया है।
#गरीबों_के_मसीहा
क्या हरियाणा, क्या पंजाब और क्या राजस्थान, बाढ़ के आँसू पोंछकर, संत रामपाल जी महाराज ने किसानों के घरों में जलाई 'आशा की किरण'।
18/11/2025
04/11/2025
दिव्य धर्म यज्ञ दिवस के उपलक्ष्य में 4 से 6 नवंबर 2025 तक संत रामपाल जी के सतलोक आश्रमों में होने वाले भंडारे में आप सभी सहपरिवार सादर आमंत्रित हैं। भंडारे में आकर प्रसाद ग्रहण करें व संत गरीबदास जी महाराज जी की अमृतवाणी का लाभ उठाएं।
#दिव्य_धर्म_यज्ञ_दिवस
02/11/2025
सन 1513 में कबीर परमात्मा जी ने काशी में केशव बंजारा का रूप धरकर अद्भुत लीला दिखाई। उन्होंने 18 लाख साधु-संतों व जनता को तीन दिन तक भव्य भंडारा करवाया, जहाँ मिठाई, लड्डू, जलेबी, चंगेर (बर्फी) की वर्षा हो रही थी। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो साक्षात कुबेर भंडारी ही पृथ्वी पर अवतरित हुए हों। बिना पकाए पकवान तैयार हो रहे थे, टैंटों-तंबुओं में मिठाईयों के विशाल ढेर लगे थे, और कड़ाहे चावल, खीर, हलवा से भरे थे। सभी तृप्त होकर जय-जयकार कर रहे थे और भरपूर दक्षिणा भी प्रदान की जा रही थी। यह परमात्मा की अलौकिक शक्ति का प्रमाण था।
ा_दिव्य_काशीभंडारा
#दिव्य_धर्म_यज्ञ_दिवस