25/05/2025
दुआओं का न ही कोई रंग और न हीं कोई समय होता है..
पर जब जब ये क़ुबूल हुई तो ज़िन्दगी ख़ुशियों के रंगों से भर जाती है..
ईश्वर के आशीर्वाद से एवं आप सभी की शुभकामनाओं से एक प्रोफेशनल डिग्री सीएमए प्राप्त करना.. फिर फाइनल परीक्षा मेरिट सूची..और फिर उसी ब्रांच पर चेयरमैन पद जहां विद्यार्थी रहे..और फिर उसी ब्रांच की वेस्टर्न इंडिया रीजनल काउंसिल की एकेडमिक कमेटी का हिस्सा बना और आज वही पर एजुकेशन सेक्टर में सीएमए अचीवर्स अवार्ड..आभार🙏