24/12/2025
स्वामी श्रद्धानंद बलिदान दिवस श्रद्धा, अनुशासन और राष्ट्रभाव के साथ मनाया गया
आई डी डीएवी जूनियर पब्लिक स्कूल सेक्टर -14 हिसार में महान समाज सुधारक, आर्य समाज के प्रखर संन्यासी एवं राष्ट्रभक्त स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती जी का बलिदान दिवस श्रद्धा, सम्मान एवं राष्ट्रभाव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं विद्यालय प्रबंधन द्वारा स्वामी जी के जीवन, कार्यों और उनके बलिदान को स्मरण करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रातःकालीन सभा में यज्ञ के साथ हुई। इस अवसर पर विशेष प्रार्थना सभा में अध्यापकों ने स्वामी जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए अपने व्याख्यान में बताया कि स्वामी श्रद्धानंद जी ने अपना संपूर्ण जीवन समाज सुधार, शिक्षा प्रसार और राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने छुआछूत, जातिभेद, अंधविश्वास और सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध निर्भीक होकर संघर्ष किया।
स्वामी श्रद्धानंद जी द्वारा स्थापित गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय आज भी वैदिक मूल्यों और आधुनिक शिक्षा का उत्कृष्ट उदाहरण है। उनके द्वारा चलाया गया शुद्धि आंदोलन सामाजिक संगठन और आत्मगौरव का प्रतीक रहा। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वामी जी के आदर्श—सादा जीवन, उच्च विचार—को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों द्वारा भाषण प्रतियोगिता, कविता पाठ, नारा लेखन,भजन एवं पोस्टर प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। छात्रों ने “राष्ट्र सेवा ही सच्ची सेवा है”, “जाति नहीं, मानवता सर्वोपरि” और “शिक्षा से चरित्र, चरित्र से राष्ट्र” जैसे नारों के माध्यम से स्वामी जी के विचारों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। पोस्टर प्रदर्शनी में सामाजिक समानता, नारी शिक्षा और स्वदेशी शिक्षा प्रणाली जैसे विषयों को दर्शाया गया।
इस अवसर पर शिक्षकगणों ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती का बलिदान केवल इतिहास का एक अध्याय नहीं, बल्कि आज की युवा पीढ़ी के लिए कर्तव्य, साहस और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा है। उन्होंने विद्यार्थियों को नशा, भेदभाव और हिंसा से दूर रहकर समाज सेवा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों को सामाजिक समरसता, सद्भाव, नशा मुक्ति और राष्ट्र सेवा की शपथ दिलाई गई। स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती जी के बलिदान को नमन करते हुए कहा कि उनके विचार आज भी समाज को दिशा देने वाले हैं।