05/08/2017
अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे निजी स्कूल संचालक
-निरंतरता फीस के तुगलकी फरमान को वापस लेने सहित उठाई कई मांगें
-101 सदस्यीय कमेटी शीघ्र करेगी सीएम से मुलाकात
4 अगस्त।
प्राइवेट स्कूल संघ के बैनर तले प्रदेश भर के निजी स्कूलों के हजारों संचालकों व शिक्षकों ने शुक्रवार को भिवानी बोर्ड का घेराव करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। निजी स्कूल संचालकों के विरोध को देखते हुए शिक्षा बोर्ड चेयरमैन डॉ. जगबीर सिंह मौके पर पहुंचे और आश्वासन दिया कि उनकी मांग को सरकार के पास भेजते हुए जल्द से जल्द पूरा कराया जाएगा। प्रदर्शन के उपरांत सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि प्रदेश स्तर पर एक 101 सदस्यीय कमेटी का गठन किया जाएगा, जो मुख्यमंत्री से मिलेगी। अगर फिर भी प्राइवेट स्कूलों से संबंधित मांगों को पूरा नहीं किया गया तो आगामी आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी।
इससे पूर्व प्रदेश भर के विभिन्न जिलों से करीब तीन हजार स्कूल संचालक व शिक्षक अनाज मंडी में एकत्र हुए और वहां से प्रदर्शन करते हुए बोर्ड के गेट पर पहुंचे। वहां पर बोर्ड का घेराव करते हुए स्कूल संचालकों ने जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए संघ के प्रदेशाध्यक्ष सत्यवान कुंडू, प्रांतीय संरक्षक तेलूराम रामायणवाला, वरिष्ठ उपप्रधान संजय धत्तरवाल व प्रेस प्रवक्ता उमेश भारद्वाज ने कहा की भाजपा ने चुनाव से पूर्व शिक्षा नियमावली का सरलीकरण करके सभी स्कूलों को मान्यता देने, नियम 134ए व बसों की समस्या को हल करने का वादा किया था, लेकिन अभी तक कोई भी वादा पूरा नहीं किया गया। इसके विपरीत सरकार की शह पर शिक्षा बोर्ड ने स्थाई मान्यता प्राप्त स्कूलों पर निरंतरता फीस के रूप में दो हजार रुपए प्रतिवर्ष के लिए एक नया शुल्क लगा दिया व अस्थाई संबंद्धता फीस को बढ़ाकर पहले से चार गुणा कर दिया। जो सरासर अन्याय है, जिसे प्राइवेट स्कूल संचालक कभी सहन नहीं करेंगे। कुंडू ने कहा कि प्रदेश के 309 स्कूलों को एग्जिस्टिंग सूची में शामिल किया गया है, लेकिन सैंकड़ो स्कूल अभी भी सूची से वंचित है। इन पेंडिंग स्कूलों को जल्द ही एग्जिस्टिंग सूची में शामिल किया जाए व तीसरी मंजिल के लिए भूमि में 30 प्रतिशत की छूट देने पर सरकार के साथ सहमति होने के बाद भी अभी तक इसका नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि नियम 134ए में बहुत खामियां है, उनको दूर किया जाए व इस नियम के तहत स्कूल संचालकों द्वारा स्वयं भरी हुई सीटों पर दाखिल बच्चों को भी पैसे दिए जाएं। स्कूली बसों की पासिंग के लिए बनाए गए नियमों को सरल किया जाए व प्रति सीट 180 रुपए वार्षिक टैक्स को माफ किया जाए। दो विषयों में अनुत्तीर्ण छात्रों का कंपार्टमेंट दिया जाए तथा पांचवीं व आठवीं कक्षा का बोर्ड बनाया जाए। इसके साथ ही प्राइवेट स्कूलों में सुविधाएं बढाने के लिए ब्याज रहित लोन सुविधा प्रदान की जाए।
-प्रदर्शन के माध्यम से ये उठाई मांगें
संघ ने प्रदर्शन के माध्यम से स्थाई मान्यता प्राप्त स्कूलों पर लगाए गए दो हजार रुपए प्रतिवर्ष निरंतरता फीस के फैसले का वापस लेने, अस्थाई संबंद्धता की फीस को कम करने, पेंडिंग स्कूलों को जल्द ही एग्जिस्टिंग सूची में शामिल करके भवन व जमीन की शर्त को कम करने, तीसरी मंजिल के लिए भूमि में 30 प्रतिशत की छूट का नोटिफिकेशन जारी करने, नियम 134ए के तहत दाखिल बच्चों को पैसे दिए जाने, बसों की पासिंग प्रक्रिया को सरल करने व प्रति सीट 180 रुपए वार्षिक टैक्स माफ करने, सरकारी स्कूलों की तरह प्राइवेट स्कूलों का परीक्षा केंद्र भी नजदीकी सेंटर में दिए जाने व प्राइवेट स्कूलों के अध्यापकों की सुपरिडेंट की भी ड्यूटी लगाई जाने तथा नौंवी से 12वीं कक्षा तक के दाखिलों की तिथि बढ़ाई जाने सहित विभिन्न मांगों को प्रमुखता के साथ उठाया। इस मौके पर पवन राणा, रविंद्र नांदल, मांगेराम उपाध्याय, दवन यादव, भूपेंद्र, श्यामलाल शर्मा, गुलाब सुंडा, सुशील त्यागी, रणधीर पूनिया, अजय रेवड़ी, विनय वर्मा, ब्रह्मप्रकाश, सतीश यादव, घनश्याम शर्मा, उमेश भारद्वाज, बलदेव खन्ना, ईश्वर इन्सां, रमेश नांदल, सुरेश फतेहाबाद, अजीत यादव, रवि बिश्रोई, बलराज, अनिल कुमार, रामअवतार, दयानंद बाजल सहित भारी संख्या में स्कूल संचालक मौजूद थे।