10/03/2026
यहां ना कोई अपना है सब है पराए।
चेहरे के पीछे जाने कितने चेहरे छुपाए।।
गुड नाइट 🏙️
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10/03/2026
यहां ना कोई अपना है सब है पराए।
चेहरे के पीछे जाने कितने चेहरे छुपाए।।
गुड नाइट 🏙️
24/02/2026
जिल ए इलाही की इनायत,नई तो नहीं है।
जो की गई है सियासत,नई तो नहीं है।
पहले ही वाबस्ता है तो इस इलाके से,
तेरे लिए ये रियासत नई तो नहीं है।।
वैसे भी इतने शुभचिंतक कहां थे तेरे,
अब दिखने लगी जो खिलाफत नई तो नहीं है।
वहीं चार लोग और वही चार बातें,
वहीं पुरानी पंचायत नई तो नहीं है।
पहले कई शहीद हो चुके इस रस्ते पे,
तेरी ये शहादत नई तो नहीं है।।
सदियों से होता आय कतले इश्क यहां,
ये मोहब्बत की खिलाफत नई तो नहीं है।
रेनू नैन की कलम से .....
21/01/2026
Good Morning Aap Sbhi Ko 🌄🌄
Celebrating my 3rd year on Facebook. Thank you for your continuing support. I could never have made it without you. 🙏🤗🎉
27/10/2025
मां के साथ ❤️❤️
02/10/2025
दशहरा पर्व पर आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं 🙏🙏🎁
23/06/2025
जो जो किस्से लिखे मैंने,,
उनमें कुछ ही थे जाने पहचाने।।
कहीं कहानी में लिखी मोहब्बत,
कहीं आशिक पागल दीवाने।।
कहीं कल्पना के रंग गहरे,
अपनी नज्मों में भर डाले।।
कहीं लिखी कड़वी वास्तविकता,
कहीं अंधेरों में लिखे उजाले।।
एक जगह साथी मैंने,
अपने ही दुश्मन को लिखा।
कहीं मस्तियां गंभीर बनी हैं,,
कहीं प्यार भरी अनबन को लिखा।।
ऐसी बहुत लिखी हैं ग़ज़लें,
ऐसे बहुत लिखे हैं फसाने।।
जिनके सरलार्थ पढ़ते रहेंगे,,
आने वाले कई जमाने।।
✍️ रेनू नैन हिसार हरियाणा 🇮🇳🌱🇮🇳