14/04/2026
सौरभ पशुचिकित्सा विज्ञान महाविद्यालय में डॉ. बी.आर. अंबेडकर की 135वीं जयंती मनाई गई।
दिनांक: 14-04-2026, हिण्डौन सिटी (खेड़ा)। स्थानीय सौरभ पशुचिकित्सा विज्ञान महाविद्यालय में भारत रत्न डॉ. बी.आर. अंबेडकर की 135वीं जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर महाविद्यालय परिसर में एक गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें कॉलेज के शैक्षणिक, गैर-शैक्षणिक स्टाफ और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रभारी अधिष्ठाता एवं सहायक अधिष्ठाता छात्र कल्याण (ADSW) डॉ. एस. एस. सिंघल और प्रभारी शिक्षण पशु चिकित्सा क्लिनिकल कॉम्प्लेक्स डॉ. मनोज माथुर द्वारा डॉ. अंबेडकर के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुआ।
उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए डॉ. एस. एस. सिंघल ने बाबा साहेब के जीवन संघर्ष और समाज के वंचित वर्गों के उत्थान के लिए किए गए उनके ऐतिहासिक कार्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि डॉ. अंबेडकर का जीवन केवल एक व्यक्ति की गाथा नहीं, बल्कि अन्याय के विरुद्ध संकल्प की विजय है।
डॉ. मनोज माथुर ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को डॉ. अंबेडकर के जीवन दर्शन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। उन्होंने मार्गदर्शन देते हुए कहा कि विद्यार्थियों को बाबा साहेब के 'शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो' के मूल मंत्र को अपने जीवन में उतारना चाहिए। उनके संघर्षपूर्ण सफर से सीख लेकर ही हम एक बेहतर समाज का निर्माण कर सकते हैं।
कार्यक्रम में विशेष रूप से एकेडमिक कोऑर्डिनेटर डॉ. ओंकार भोसले ने छात्रों और स्टाफ को संबोधित किया। उन्होंने डॉ. अंबेडकर के जीवन के विविध और बहुमुखी पहलुओं पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया. डॉ. भोसले ने बताया कि बाबा साहेब एक प्रखर अर्थशास्त्री थे, जिनके विचारों ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की नींव रखने में मदद की। तथा उन्होंने डॉ. अंबेडकर के 'शिक्षित बनो' के नारे को दोहराते हुए शिक्षा के क्षेत्र में उनके क्रांतिकारी विचारों और महिला सशक्तिकरण पर उनके कार्यों की जानकारी दी।
इस विशेष आयोजन के दौरान कॉलेज के सभी शिक्षक, कर्मचारी और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। वक्ताओं ने बाबा साहेब को आधुनिक भारत का निर्माता और संविधान का शिल्पकार बताते हुए उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।