पथ-प्रदर्शक

पथ-प्रदर्शक A plateform for IAS/PCS and english speaking

15/07/2024

फ्री डेमो क्लास की शुरुआत

यूपीपीसीएस फाउंडेशन कोर्स की शुरुआत

प्रिय विद्यार्थी,
श्री हरि-नीलम सिविल सर्विस कुशीनगर में श्री बिपिन श्रीवास्तव सर के नेतृत्व में कुशीनगर में ब्लड बैंक के ऊपर UPSC का फाउंडेशन कोर्स 10 बजे से चलाया जा रहा है।
अधिक जानकारी के लिए 9511436122, 8423978959 पर संपर्क करें अथवा आफिस में विजिट करें।

07/11/2023

युद्धरत विश्व में शांति का क्या मार्ग हैं, भारत की इसमें क्या भूमिका होगी?

07/11/2023
22/04/2023

आज का सुविचार !!!

10/10/2022

समयसूचक AM और PM का उदगम
भारत ही था। पर हमें बचपन से यह रटवाया गया, विश्वास दिलवाया गया कि इन दो शब्दों AM और PM का मतलब होता है :
AM : एंटी मेरिडियन (ante meridian)
PM : पोस्ट मेरिडियन (post meridian)
एंटी यानि पहले, लेकिन किसके?
पोस्ट यानि बाद में, लेकिन किसके?
यह कभी साफ नहीं किया गया, क्योंकि यह चुराये गये शब्द का लघुतम रूप था।
अध्ययन करने से ज्ञात हुआ और हमारी प्राचीन संस्कृत भाषा ने इस संशय को अपनी आंधियों में उड़ा दिया और अब, सब कुछ साफ-साफ दृष्टिगत है।
कैसे?
देखिये...
AM = आरोहनम् मार्तण्डस्य Aarohanam Martandasya
PM = पतनम् मार्तण्डस्य Patanam Martandasya
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सूर्य, जो कि हर आकाशीय गणना का मूल है, उसीको गौण कर दिया। अंग्रेजी के ये शब्द संस्कृत के उस 'मतलब' को नहीं इंगित करते जो कि वास्तव में है।
आरोहणम् मार्तण्डस्य Arohanam Martandasaya यानि सूर्य का आरोहण (चढ़ाव)।
पतनम् मार्तण्डस्य Patanam Martandasaya यानि सूर्य का ढलाव।
दिन के बारह बजे के पहले सूर्य चढ़ता रहता है - 'आरोहनम मार्तण्डस्य' (AM)।
बारह के बाद सूर्य का अवसान/ ढलाव होता है - 'पतनम मार्तण्डस्य' (PM)।
पश्चिम के प्रभाव में रमे हुए और पश्चिमी शिक्षा पाए कुछ लोगों को भ्रम हुआ कि समस्त वैज्ञानिकता पश्चिम जगत की देन है।

10/10/2022

परंतु अयोध्या में रामभक्तो की चिताएं कभी ठंडी नही होंगी।

10/10/2022

Kerela's famous vegetarian crocodile Babiya who loved eating rice passed away at the age of 75 in the Anandapadmanabha Swamy temple in Kasaragod.

10/10/2022

जीवन और मृत्यु के बीच कर्म ही आशिर्वादित और शापित करते हैं।
भावभीनी श्रद्धांजलि!

09/10/2022

इस फोटो में जो सज्जन हैं
उनका नाम श्रीमान कृष्णमूर्ति अय्यर है -जोकि किट्टू मामा के नाम से प्रसिद्ध हैं। अयंगर ब्राह्मण हैं।

किट्टू मामा एक 68 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक हैं
और थेपीकुलम के पास त्रिची में दोसा और इडली बेचते हैं,
जो चतिराम बस स्टैंड के निकट है।

वह शाम 6 बजे के बाद अपनी दुकान खोलते हैं
और स्वादिष्ट इडली-दोसा स्वादिष्ट चटनी के साथ बहुत सस्ती कीमतों पर बेचते हैं।
जोकि सड़क पर 1 ठेले में संचालित करते हैं।
इस काम में उनकी पत्नी और एक युवा कर्मी सहायता करते हैं।

उनके ज्यादातर ग्राहक मजदूर हैं,
महिला हॉस्टल में रहने वाली कामकाजी महिलाएं,
बस कंडक्टर / ड्राइवर,ऑटो रिक्शा
और टैक्सी ड्राइवर, माल गाड़ी खींचने वाले, टेम्पो ड्राइवर / ट्रक ड्राइवर आदि।

वहां के स्थानीय लोग उनके उत्पादों की शुद्धता और स्वाद के लिए उनका बहुत सम्मान करते हैं।
बहुत ही उचित मूल्य पर लोगों को स्वादिष्ट भोजन उपलब्ध करवाते हैं।

कुछ दिन पहले वह हमेशा की तरह इडली और डोसा बना और बेच रहे थे।
और एक स्थानीय निगम पार्षद पांडियन ने आकर इडली / डोसा मांगा ..
वह नशे में धुत था।
वह एक स्थानीय "भाई" है
और विक्रेताओं से हफ्ता वसूली करता है। उसके साथ २ चमचे भी थे।
उन सभी ने खाना खाया और पांडियन ने खाने के पैसे नहीं दिए।

जब किट्टू मामा की पत्नी ने पैसे मांगे,
तो पांडियन क्रोधित हो गया और उसने किट्टू मामा को धक्का दे दिया और
इडली / इडली के साथ उसके घोल को फेंक दिया।
और उन्हें गाली दी - "तुम अय्यर - तुम मुझसे पैसे माँगने की हिम्मत कैसे कर रहे हो?"

और वह किट्टू राम के जनेऊ को पकड़कर खींचने और तोड़ने का प्रयास करने लगा।

किट्टू मामा उग्र हो गए और पास में पड़ी एक बांस की छड़ी को उठाया और गुंडों को पीटा।
और बोला कि,
"हाँ मैं एक गरीब ब्राह्मण हूँ लेकिन मेरा जनेऊ "वेदस्वरुप" है।
तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई इसका अपमान करने की?

मैं मार्शल आर्ट भी जानता हूं।"

फिर उन्होंने सिलम्बट्टम में अपना कौशल दिखाया और गुंडों को विधिवत तोड़ दिया।

वहाँ सभी लोग देख रहे थे लेकिन डर के कारण गुंडे को नहीं रोका।

नशे में धुत नेता पांडियन भाग गया
लेकिन किट्टू मामा को धमकी दी कि वह अगले दिन अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ आएगा और उन्हें "देख" लेगा।

किट्टू मामा ने खाना बनाने का अपना काम जारी रखा।

वहां आसपास के कुछ मजदूरों ने किट्टू अय्यर से कहा कि अगले दिन गुंडे आने पर वे उसकी रक्षा करेंगे।

अगले दिन शाम को किट्टू मामा ने हमेशा की तरह अपनी दुकान शुरू की।

पार्षद और उसके गुंडे नहीं आए।
उसके अगले दिन भी नहीं आये।

तब किट्टू मामा को पता चला कि
उनके साथ लड़ने के बाद,
पार्षद एक दूसरी दुर्घटना में घायल हो गया है और आईसीयू में है,
और ऑपरेशन के लिए "दुर्लभ रक्त समूह" के रक्त की आवश्यकता है।
टीवी पर भी रक्तदान का अनुरोध किया गया था।

किट्टू मामा तुरंत अस्पताल गए,
रक्तदान किया क्योंकि उनके "रक्त" पार्षद के रक्त समूह का ही था,
जब तक ऑपरेशन खत्म नहीं हुआ,
किट्टू मामा अस्पताल में ही रहे

अगले दिन सुबह,पार्षद के परिवार ने उन्हें धन्यवाद दिया और किट्टू मामा ने जाकर उस पार्षद से मुलाकात की,
जो बात करने की हालत में था।
उसने किट्टू मामा से हाथ जोड़कर माफ़ी मांगी।

और किट्टू मामा ने बताया - “मुझे अपने 'जनेऊ" की रक्षा करनी थी
क्योंकि यह मेरा "धर्म' है।

मुझे तुम्हें भी बचाना था क्योंकि यह भी मेरा "धर्म" है।

और आपके पास एक परिवार है
इसलिए मुझे लगा कि
मुझे निश्चित रूप से रक्त दान करके आपकी सहायता करनी चाहिए
इसलिए मैं पुनः अपने "धर्म" का पालन करने आ गया।

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