ज्योतिष विभाग: उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय हरिद्वारम्

ज्योतिष विभाग: उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय हरिद्वारम्

Share

Contact information, map and directions, contact form, opening hours, services, ratings, photos, videos and announcements from ज्योतिष विभाग: उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय हरिद्वारम्, Educational consultant, utrakhand Sanskrit University, Haridwar.

पादौ तु वेदस्य हस्तौ कल्पोऽथ पठ्यते। ज्योतिषामयनं चक्षुर्निरुक्तं श्रोत्रमुच्यते।।"
अर्थ: जैसे वेदों के छन्द पैर हैं, कल्प हाथ हैं, निरुक्त कान हैं, शिक्षा नाक है और व्याकरण मुख है, वैसे ही ज्योतिष शास्त्र वेदों की आंख (चक्षु) है।

Photos from ज्योतिष विभाग: उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय हरिद्वारम्'s post 22/04/2026

उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय हरिद्वार के 21 वें स्थापना दिवस पर श्री केदार मानस पञ्चाङ्ग लोकार्पण 21/04/2026

Photos from Uttarakhand Sanskrit University उत्तराखंड  संस्कृत विश्वविद्यालय's post 21/04/2026
20/04/2026
Photos from ज्योतिष विभाग: उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय हरिद्वारम्'s post 06/04/2026

ज्योतिष विभाग उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय के छात्रों का पोस्टर चार्ट द्वारा विषय प्रस्तुतिकरण (presentation)

06/04/2026

ज्योतिष विभाग उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय

06/04/2026

ज्योतिष विभाग के छात्रों द्वारा ज्योतिष संबंधी पोस्टर चार्ट सारणी निर्माण किया गया

05/04/2026

नक्षत्र चरण द्वारा राशि ज्ञान

01/04/2026

पंचांग परिचय

28/03/2026

*“जैसे स्टेथोस्कोप डॉक्टर की पहचान है, वैसे ही पंचांग ज्योतिषी की आत्मा है।”*

जैसे एक डॉक्टर के लिए स्टेथोस्कोप केवल एक उपकरण नहीं, बल्कि रोगी के शरीर की आंतरिक स्थिति को समझने का माध्यम होता है, वैसे ही एक ज्योतिषी के लिए पंचांग मात्र कैलेंडर नहीं, बल्कि समय, ग्रह और कर्म के सूक्ष्म रहस्यों को जानने का दिव्य आधार है।

🔶 *पंचांग क्या है?*
पंचांग का अर्थ है “पाँच अंगों वाला समयज्ञान”

तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण।
ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन और समय की गुणवत्ता बताते हैं।

*तिथि* → मन और भावनाओं की स्थिति
*वार* → ग्रह का प्रभाव
*नक्षत्र* → कार्य की दिशा और स्वभाव
*योग* → शुभ-अशुभ ऊर्जा का संकेत
*करण* → कार्य सिद्धि की क्षमता

🔶 *फल-कथन (Prediction) में पंचांग का महत्व*
ज्योतिष केवल कुंडली देखकर भविष्य बताना नहीं है।
सही फल-कथन के लिए समय का सटीक ज्ञान जरूरी है—और यह ज्ञान पंचांग देता है।

👉 उदाहरण से समझिए:
यदि किसी की कुंडली में शुभ योग है, लेकिन वह कार्य अशुभ तिथि या अशुभ नक्षत्र में किया जाए, तो परिणाम कमजोर हो सकता है।
वहीं साधारण योग भी शुभ मुहूर्त में किया जाए तो सफलता मिल सकती है।

🔸 इसलिए एक सच्चा ज्योतिषी केवल ग्रहों की स्थिति नहीं देखता, बल्कि पंचांग के आधार पर यह भी बताता है,
कब कार्य शुरू करना चाहिए
कौन सा समय अनुकूल है
किस दिन सावधानी रखनी चाहिए

🔶 *बिना पंचांग के ज्योतिष अधूरा क्यों?*
जैसे डॉक्टर बिना स्टेथोस्कोप के सही जांच नहीं कर सकता,
वैसे ही ज्योतिषी बिना पंचांग
सही मुहूर्त नहीं निकाल सकता
घटनाओं का सटीक समय नहीं बता सकता
फल-कथन में गहराई नहीं ला सकता

📌 कुंडली बताती है क्या होगा,
📌 लेकिन पंचांग बताता है कब और कैसे होगा।

🔶 *आधुनिक समय में भी पंचांग क्यों जरूरी?*
आज भले ही मोबाइल ऐप और सॉफ्टवेयर उपलब्ध हैं,
लेकिन वे भी पंचांग के सिद्धांतों पर ही आधारित हैं।
पंचांग ही वह मूल स्रोत है जिससे सारा ज्योतिष चलता है।

✨ *निष्कर्ष*
फल-कथन की सटीकता, मुहूर्त की शुद्धता और समय का ज्ञान—
ये तीनों केवल पंचांग से ही संभव हैं।

प्राचीन परंपरा को बनाये रखने का कार्य कर रहा है उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय प्रो०रमाकांत 26/03/2026

https://abitfar.com/the-uttarakhand-sanskrit-university-is-working-to-uphold-ancient-traditions-prof-ramakant/

प्राचीन परंपरा को बनाये रखने का कार्य कर रहा है उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय प्रो०रमाकांत हरिद्वार (कुलभूषण)उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय में आयोजित “केदारमानस पञ्चाङ्ग” संशोधन त्रिदिवसीय कार्यशाल...

Photos from ज्योतिष विभाग: उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय हरिद्वारम्'s post 26/03/2026

समाचार पत्रों के आलोक में केदार मानस पञ्चाङ्ग संशोधन कार्यशाला

Want your school to be the top-listed School/college in Haridwar?

Click here to claim your Sponsored Listing.

Location

Address


Utrakhand Sanskrit University
Haridwar
249402

Opening Hours

Monday 10am - 5pm
Tuesday 10am - 5pm
Wednesday 10am - 5pm
Thursday 10am - 5pm
Friday 10am - 5pm
Saturday 10am - 5pm