24/09/2020
किस रंग का अपवर्तनांक सर्वाधिक होता है – बैगनी रंग का
ध्वनि तरंगें – अनुदैर्ध्य तरंगें है
उत्तल दर्पण द्वारा बना प्रतिबिंब होता है – वास्तविक एवं सीधा
फोटोग्राफिक कैमरे का अभिदृश्यक लेंस होता है – उत्तल लेंस
प्रकाश तरंगे उदाहरण है – विद्युत चुंबकीय तरंगों का
फ्यूज के पदार्थ का तापमान होना चाहिए – निम्न गलनांक वाला
सिरका में कौन सा अम्ल पाया जाता है – एसिटिक एसिड
शुद्ध जल अम्लीय होता है या क्षारीय – उदासीन
दूरी मापने की सबसे बड़ी इकाई क्या है – पारसेक
क्वांटम सिद्धांत के प्रतिपादक कौन है – मैक्स प्लांक
वायुमंडल की आद्रता मापने वाला यंत्र है – हाइग्रोमीटर
घड़ी में चाबी देना उदाहरण है – स्थितिज ऊर्जा का
समुद्र में तैरना नदी की अपेक्षा आसान है क्योंकि – समुद्र के पानी का घनत्व नदी के पानी से अधिक होता है
परमाणु बम आधारित है – नाभिकीय विखंडन पर
परमाणु रिएक्टर आधारित है – नाभिकीय विखंडन पर
प्रतिध्वनि का क्या कारण है – ध्वनि का परावर्तन
केल्विन मान में मानव शरीर का सामान्य तापमान क्या है – 310K
मैनोमीटर के द्वारा किसकी माप की जाती है – गैसों का दाब
जेट इंजन किस सिद्धांत पर कार्य करता है – रैखिक संवेग संरक्षण
1 फैदम बराबर है – 6 फीट के
कौन सा कण सबसे अधिक अस्थाई है – न्यूट्रॉन
पृथ्वी का पलायन वेग क्या है – 11.2 KM/S
पृथ्वी पर वायुमंडलीय दाब का क्या कारण है – गुरुत्वाकर्षण
ग्रहों की गति संबंधी नियम किसने प्रतिपादित किया – केपलर
ऊंचाई बढ़ने से वायुमंडलीय दाब – घटता है
यदि झूले पर एक व्यक्ति के स्थान पर दो व्यक्ति बैठ जाए तो आवर्तकाल पर क्या प्रभाव पड़ेगा – आवर्तकाल अपरिवर्तित रहेगा
झूला झूलते समय कोई व्यक्ति झूला पर खड़ा हो जाए तो उसका – आवर्तकाल घट जाएगा
ऐंग्स्ट्रॉम क्या मापता है – प्रकाश का तरंग दैर्ध्य
प्रिज्म द्वारा किस रंग का विचलन अधिकतम होता हैं – बैंगनी रंग का
भू स्थाई उपग्रह पृथ्वी के चारों ओर चक्कर लगाता है – 24 घंटे में
उच्च तापक्रम को मापने का यंत्र है – पायरोमीटर
चुंबकीय क्षेत्र मापा जाता है – फ्लेक्सोमीटर
नाभिकीय रिएक्टरों में ऊर्जा उत्पन्न होती है – नियंत्रित नाभिकीय विखंडन द्वारा
कोबाल्ट-60 उत्सर्जित करता है – गामा किरणें
पोजिट्रॉन की खोज किसने की – एंडरसन
ठोस कपूर से कपूर वाष्प बनने की प्रक्रिया को क्या कहते हैं उत्पादन – उर्ध्वपातन
ब्रह्मांड में कौन सा तत्व सर्वाधिक मात्रा में पाया जाता है – हाइड्रोजन
किन किरणों की भेदन क्षमता सबसे अधिक होती है – गामा किरणों की
दाब बढ़ाने पर जल का क्वथनांक – बढ़ता है
इलेक्ट्रॉन वोल्ट किसकी इकाई है – ऊर्जा की
ऊष्मा का सर्वोत्तम चालक है – पारा
तत्वों का सबसे पहले वर्गीकरण किसने किया – डोबेरेनर
तत्वों के वर्गीकरण से संबंधित त्रिक के नियम का सिद्धांत किसने दिया – डोबेरेनर
तत्वों के वर्गीकरण से संबंधित अष्टक के नियम का सिद्धांत किसने दिया – न्यूलैंडस
किस वैज्ञानिक ने सर्वप्रथम आवर्त सारणी का निर्माण किया – मेंडलीफ
बल्ब का फिलामेंट बना होता है- टंगस्टन 3380
एलम का रासायनिक सूत्र क्या होता है- kal(so4)2.12H2o (पोटैशियम एलुमिनियम सल्फेट )
हाइड्रा में विभाजन होता है – बडिंग
नींद की बीमारी को क्या कहते हैं- trypanosomiasis
टमाटर में कौन सा एसिड पाया जाता है – ऑक्जेलिक एसिड
ओजोन के नष्ट होने का कारण है – N02,S02,CFC
पित्त रस का स्तवन कहां से होता है – बाइल डक्ट से
हैलोजन ग्रुप में तत्वों की वैलेंसी क्या होती है – एक
किस विटामिन की कमी से शरीर में सूजन हो जाती है- विटामिन सी
सोल्डर धातु किन तत्वों को मिलाने से बनती है- tin and lead
लेंस का सूत्र क्या है- 1/f =1/v – 1/u
प्रोटीन का पाचन किस एंजाइम के द्वारा होता है- पेप्सिन ट्रिप्सिन
मनुष्य में कितने गुणसूत्र पाए जाते हैं -46
खट्टे दूध में कौन सा अम्ल पाया जाता है- लैक्टिक एसिड
पौधों द्वारा नाइट्रोजन किस रूप में प्रयोग किया जाता है – नाइट्रेट के रूप मे
प्रकाश संश्लेषण होता है – केबल दिन में
प्राकृतिक वरण का सिद्धांत किसने प्रतिपादित किया – डार्विन ने
पौधों में प्रकाश संश्लेषण की क्रिया कहां होती है – क्लोरोप्लास्ट में
वन अनुसंधान संस्थान कहां स्थित है – देहरादून मे
भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान कहां स्थित है – नई दिल्ली
सबसे लंबा जीवित वृक्ष है – सिकोया
भारत में हरित क्रांति के जन्मदाता कौन हैं – एमएस स्वामीनाथन
रेगिस्तान में पाई जाने वाली वनस्पति को क्या कहते हैं – जीरोफाइट्स
खरीफ के मौसम का समय है – जून से सितंबर
विश्व में प्राकृतिक रबड़ का सबसे बड़ा उत्पादक देश है – थाईलैंड
भारतीय दलहन अनुसंधान संस्थान कहां स्थित है –कानपुर में
मेंडलीफ की सारणी में एका सिलीकान को किस से बदला गया था –जर्मेनियम
सबसे हल्की धातु कौन सी है- लिथियम
मेंडलीफ की आवर्त सारणी में कितने तत्व
► परमाणु संरचना (Atomic Structure) :- 1803 मे डल्टन ने बताया था की अगर कोई पदार्थ है तो वह छोटे-छोटे कणो से मिलकर बना होता है इन्ही कणो को परमाणु (Atom) बोला गया है |
• चलिये इसे अच्छे से समझते है |
► तो ये प्रोटोन, न्यूट्रोन और इलेक्ट्रॉन आपको समझ मे आगया होगा की इनकी position कहा होती है |
• अब Question ये पूछा जाता है की प्रोटोन, न्यूट्रोन, और इलेक्ट्रॉन का आविष्कार किसने किया | तो इसे हम ट्रिक से याद करेंगे |
1.इलेक्ट्रान -
• खोज – टॉमसन
• चार्ज -ve (Negetive Charge)
• स्थाई (stable) कण है
2. प्रोटोन
• खोज – रदरफोर्ड
• चार्ज +ve
• स्थाई (stable) कण है
3. न्यूट्रॉन
• खोज – चैडविक
• कोई चार्ज नहीं होता
• अस्थाई (unstable) कण है |
► न्यूट्रोन का सबसे ज्यादा उपयोग नाभिकीय विखंडन मे किया जाता है इससे नाभिकीय ऊर्जा को विघुत ऊर्जा मे परिवर्तित किया जाता है |
► नाभिकीय विखंडन (Nuclear Fission) : यूरेनियम – 235 का एक नाभिक है जब इसके ऊपर न्यूट्रोन की बोछार की जाती है तो ये नाभिक दो भागो मे बट जाता है और साथ मे 3 न्यूट्रोन Generate हो जाते है और बहुत अधिक मात्रा मे ऊर्जा निकलती है तो ये जो प्रक्रिया होती है यह नाभिकीय विखंडन कहलाती है |
► अब जो निकले हुए न्यूट्रोन है वो टूटे हुए नाभिक 2 उनसे वापस टकराते है और उनको फिर से Divide कर देते है ये प्रक्रिया जब तक खत्म नहीं होती जब तक नाभिक का अस्तित्व खत्म ना हो जाए | अब जो 3 न्यूट्रोन Generate हुए है इनकी गति बहुत ही तेज़ होती है, इसलिए इस गति को Controll करा जाता है और कभी कभी इस गति को Controll नहीं करा जाता है |
► अब Suppose करते है की 3 प्रोटोन Generate हुए नाभिकीय विखंडन की Proccess के द्वारा अब इनमे से 2 न्यूट्रोन को आवेशित कर लिया मतलब दो न्यूट्रोन को खींच लिया और शांत कर दिया इसे मंदक (Moderator) के द्वारा शांत किया जाता है इस प्रक्रिया को ‘’नियंत्रित शृंखला अभिक्रिया'' बोला जाता है और यही Concept परमाणु रिएक्टर मे भी उपयोग होता है |
► परमाणु रिएक्टर :-
• एक ऐसी यूनिट है जिस में U -235 का Controlled Fission कराते है |
• नाभिकीय ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तन किया जाता है |
• इसमें ईंधन के रूप में यूरेनियम,थोरियम, प्लूटोनियम का उपयोग किया जा रहा है |
• मंदक (Moderator) - केडमियम और बोरान की छड़ D2O (भारी जल) और ग्रेफाइट |
► परमाणु बम (Atom Bomb) :
• नाभिकीय विखंडन पे आधारित है |
• बम बनाने में U - 235 और U -239 का प्रयोग किया जाता है |
• पहला परमाणु बम ओपन हिमर ने बनाया था |
► नाभिकीय संलयन (Nuclear Fusion) :
इस Proccess मे दो या दो से अधिक नाभिक मिलकर एक बड़ा नाभिक बना देते है और साथ मे बहुत अधिक मात्रा मे ऊर्जा निकलती है इस proccess को हम नाभिकीय संलयन कहते है | नाभिकीय संलयन की प्रक्रिया पृथ्वी पर संभव नहीं है क्यूकी इसके लिए temprature बहोत अधिक चाहिए रहता है तो ये प्रक्रिया वहाँ होती है जहां पर अधिक ताप और दाब है तो ये प्रक्रिया होती है सूर्य पर |
H + H → He + न्यूट्रॉन + ऊर्जा
• सूर्य पर नाभिकीय संलयन प्रक्रिया
• तारो का प्रकाश
► सल्फर (S) : पृथ्वी पर सल्फर 0.05% उपस्थित है |
• सल्फर से एक महत्वपूर्ण रसायन सल्फ्यूरिक अम्ल (H2SO4) प्राप्त किया जाता है ,इसे ही तेजाब बोला जाता है (King of Chemicals) |
1) सल्फर ट्राइऑक्साइड को जल में घुलाने से,
2SO2 + O2 = 2SO3
SO3 + H2O = H2SO4 बनाता है |
2) हाइड्रोजन परॉक्साइड तथा सल्फर डाइऑक्साइड की सीधी क्रिया से-
H2O2 + SO2 = H2SO4 बनाता है |
Note : सल्फ़र डाई ऑक्साइड (SO2) काफी हानिकारक गैस है जो की उद्योगों से, ज्वालामुखी से निकलती है |
► H2SO4 उपयोग :
• कार की बैटरी में (V.imp)
• विस्फोटक पदार्थो में
• डिटर्जेंट उद्योग में
• इसका सबसे अधिक उपयोग पेट्रो रसायन उद्योगों में किया जाता है ,प्रयोगशाला में गंदगी साफ़ करने में भी इसका उपयोग किया जाता है |
• सल्फर का उपयोग वल्कीनीकरण (Vulcanization) Process में भी किया जाता है |
• प्राकृतिक रबड़ और सल्फर को जब मिलाकर गर्म किया जाता है तो यह अच्छी Quality के रबर (बहुलक) में परिवर्तित हो जाता है इसे ही वल्कनीकरण कहा जाता है |
► शुरुआत में वैज्ञानिक ऐसे रबर की खोज में लगे थे जो मौसम परिवर्तन से प्रभावित न हो तो एक वैज्ञानिक थे गुड़इयर वो भी इसी खोज में जुटे हुवे थे, तो रबर और सल्फर के मिश्रण का प्रयोग करते टाइम ये मिश्रण गर्म स्टोव पर गिर गया
ये मिश्रण पिघलने की जगह , चमड़े जैसा सख्त हो गया और इसका लचीलापन भी बरक़रार था, इस तरह से वल्कनाइड रबर आस्तित्व में आया |
♦ इसका उपयोग : टायर, ट्यूब, रबर बैंड, गुब्बारे, वाटर प्रूफ कोट में किया जाता है |
► SO2 (सल्फर डाई ऑक्साइड) : बहुत ही हानिकारक गैस है जो की अम्ल वर्षा के लिए Responsible होती है |
• वायु में इसकी अधिकता होने से पेड़ो की पत्तिया काली होकर गिर जाती है |
• उद्योगो से निकालने वाले धुएँ मे सल्फरडाइ ऑक्साइड होती है ज्वालामुखी से जो धुआँ निकलता है उसमे सल्फर डाइ ऑक्साइड होती है |
नाइट्रोजन (N)
• आयतन के हिसाब से बात करे तो पृथ्वी पर 78 % भाग पर नाइट्रोजन है [आक्सीजन= 21%]
• नाइट्रिक ऑक्साइड Smog (धुंध) के लिए Responsible होता है |
• वह क्षेत्र जहा पेट्रोल और डीजल वाहन अधिक मात्रा में चलते है, वहा पर अधिक मात्रा में धुंध और कुहरा देखने को मिलता है क्यों की ये वाहन अधिक मात्रा में NO produce करते है ये वहाँ CO मतलब कार्बन मोनोऑक्साइड भी Produce करते है |
• सबसे ज्यादा वायुप्रदूषण कार्बन मोनोऑक्साइड करता है | श्वसन के साथ मे ये कार्बन मोनोऑक्साइड हमारे शरीर मे चला जाता है और रक्त मे उपस्थित हीमोग्लोबिन के साथ मे घुल जाता है और रक्त की ऑक्सीज़न वहन क्षमता को कम कर देता है जिससे इंसान की मृत्यु भी हो सकती है |
• नाइट्रिक ऑक्साइड सूर्य प्रकाश के साथ मे क्रिया करके NO2 बनाता है नाइट्रोजन डाइऑक्साइड बनाता है |
► NO2 के भूरे रंग के कारण ही भूरी धुंध दिखाई देती है |
► नाइट्रोजन ऑक्साइड मे NO, NO2, N2O तीनों आते है तो ये नाइट्रोजन के ऑक्साइड है ये Acid rain के लिए भी Risponsible होते है सल्फर डाइऑक्साइड भी अम्ल वर्षा के लिए Risponsible होता है वैसे ही नाइट्रोजन के ऑक्साइड भी अम्ल वर्षा के लिए Risponsible होते है |
• तो चलिये समझते है की Acid Rain किस तरीके से होती है और किस प्रकार से ये हमारे लिए हानिकारक है |
जब ये हानिकारक ऑक्साइड वायुमंडल मे पहुँचते है तो ये जल से क्रिया करके सल्फ्यूरिक अम्ल बना लेते है |
► और नाइट्रोजन ऑक्साइड जल के साथ मे क्रिया करकेनाइट्रिक अम्ल बना लेते है |
► जब ये अम्ल पृथ्वी पर वर्षा के रूप मे गिरते है तो इसे ही अम्ल वर्षा Acid Rain कहते है |
Note : अम्ल वर्षा मे सल्फ्यूरिक अम्ल अधिक मात्रा मे होता है |
► N2O नाइट्रस आक्साइड :
• इसे हास्य गैस कहते है इसे सूंघने पर हंसी आती है |
• डॉक्टरों द्वारा यह एनेस्थीसिया के रूप में उपयोग की जाने वाली गैस है |
► नाइट्रोजन के उपयोग :
• बर्फ बनाने में |
• विस्फोटक पदार्थ बनाने में |
• हेबर विधि में अमोनिया निर्माण में नाइट्रोजन का उपयोग किया जाता है |
• नाइट्रोजन गैस ठंडी व कम दाब होने के कारण वायुयान के टायरों में उपयोग की जाती है क्यों की वायुयान के टायरों का तापमान उच्च और दबाव अधिक होता है तो वायुयान के उतारते समय टायरों में विस्फोट होने की सम्भावना अधिक होती है |
• नाइट्रोजन पौधो की वृद्धि के लिए एक आवशयक तत्व है, कीटभक्षी पौधे ऐसी जगह पाए जाते है जहा भूमि में नाइट्रोजन की कमी होती है इस लिए ये कीटो को मारकर उसके शरीर से नाइट्रोजन प्राप्त करते है |
• भारत में ये पौधे कश्मीर, दार्जलिंग क्षेत्र में पाए जाते है |
► हेलोजन: आवर्त सरणी के 17 वे Group के Elements को हेलोजन कहते है और इस group के सभी तत्व रंगीन योगिक बनाने के काम आते है |
जैसे : F, Cl, Br, I
• F Cl हेलोजन समू
रक्त का संगठन:- रक्त एक संयोजी ऊतक होता है और मानव व्यस्क में कुल 5 - 6 लीटर रक्त होता है |
• इसका PH मान 7.4 होता है |
• रक्त प्लाज्मा और रक्त कोशिकाओ से मिलकर बना होता है |
► प्लाज्मा : प्लाज्मा हमारी बॉडी मे 55% होता है |
• प्लाज्मा पानी और अन्य पदार्थ का मिश्रण होता है पानी प्लाज्मा मे 90% होता है और बाकी जो अन्य पदार्थ है वह 10% होते है ये अन्य पदार्थ प्रोटीन, यूरिया, फास्फेट, बाईकार्बोनेट होते है |
→ प्लाज्मा IMP Points :
• प्लाज्मा मे फाइब्रिनोजेन प्रोटीन पाया जाता है जो रक्त का थक्का जमने में मदत करता है |
• ताप नियंत्रित रखता है |
• घाव भरने का काम करता है |
► रक्त कोशिकाएँ : ये रक्त कोशिकाए RBC (लाल रक्त कणिकाएँ), WBC (श्वेत रक्त कणिकाएँ) और Platelets होती है |
• रक्त कोशिकाओ मे RBC सबसे ज्यादा होते है फिर Platlets होते है फिर WBC जो होते है वो सबसे कम होते है |
► RBC (लाल रक्त कणिकाएँ) :
• रक्त में 90% होती है |
• Life - 120 दिन |
निर्माण - Bone marrow (अस्थिमज्जा) मे होता है |
• मृत्यु - प्लीहा (Spleen) मे ही हो जाती है (RBC का कब्रिस्तान ) कहा जाता है |
• Work - ऑक्सीजन और कार्बनडाइऑक्साइड का संवहन करना |
• RBC में हीमोग्लोबिन नामक प्रोटीन पाया जाता है जिसके कारण रक्त का रंग लाल होता है |
► RBC की कमी से होने वाले रोग :-
1. एनिमिया (अरक्तता)
2. पीलिया (Jaundice)
► WBC (श्वेत रक्त कणिकाएँ) :
सबसे कम होती है रक्त में |
• Life : 3 - 4 दिन
• आकार में सबसे बड़ी होती है |
• निर्माण - Bone marrow मे होता है / मृत्यु - रक्त में ही हो जाती है |
♦ Work - Immune System (प्रतिरोध क्षमता )को बढ़ाती है |रोगाणुओं से रक्षा करना | घाव भरने का काम होता है |
► WBC के 2 Types होते है |
♦ लिम्फोसाइटस
• वो श्वेत रक्त कणिकाएँ जो बीमारियों से बचती है |
♦ मोनोसाइटस (Largest Cell of Body)
• जो घाव को भरने का काम करती है |
► WBC कमी से होने वाले रोग :-
• एड्स - HIV वायरस के कारण होता है |
• Blood कैंसर होता है |
► अगर WBC की मात्रा कम हो रही है तो हम उसे ल्यूकोपिनिया कहते है और अगर WBC की मात्रा बढ़ रही है तो इसे ल्यूकेमिया कहते है |
Note:- विटामिन A रक्त में WBC को बढ़ाता है |
Platelets :-
• रक्त में संख्या 4.5 लाख से 6 लाख पर लीटर होती है |
♦ कार्य - शरीर में कट लग जाने पर रक्त के बहाव को रोकना |
• चिकनगुनिया और डेंगू जैसी बीमारियों में Platelets की मात्रा में एकदम से कमी आ जाती है |
• डेंगू - एडीज़ एजेप्टी मच्छर के काटने से होता है |
Note :- मानव शरीर में खून हेपेरिन की उपस्थिति के कारण नहीं जमता |
► रक्त परिसंचरण तंत्र :- हमारे शरीर मे रक्तपरिसंचरण धमनी और शिराएँ करती है |
► धमनी: धमनी ऑक्सीजन युक्त शुद्ध खून ले जाती है lungs से heart तक |
→ अपवाद :- पलमोनरी धमनी अशुद्ध रक्त ले जाती है organ से lungs तक |
► शिराएँ : शिराएँ अशुद्ध खून ले जाती है organ से lungs तक |
→ अपवाद :- पलमोनरी शिराएँ शुद्ध रक्त ले जाती है lungs से heart तक |