09/05/2026
Bhartiya Shiksha Board
Official page of Bhartiya Shiksha Board. The equality of opportunity is meaningless, unless there are equal opportunities for one’s education. V.
The preamble of the constitution of India resolves “WE, THE PEOPLE OF INDIA, having solemnly resolved to constitute India into a SOVEREIGN SOCIALIST SECULAR DEMOCRATIC REPUBLIC and to secure to all its citizens: JUSTICE, social, economic and political; LIBERTY of thought, expression, belief, faith and worship; EQUALITY of status and of opportunity; and to promote among them all FRATERNITY assuring
09/05/2026
Bhartiya Shiksha Board (BSB) successfully organized a seminar in Hyderabad, where Dr. N. P. Singh (Retd. IAS), Chairman of BSB, addressed the school community on the importance of integrating India’s traditional knowledge with modern education.
The session highlighted BSB’s vision of creating a value-based, holistic education system aligned with national goals.
With participation from 100+ schools across Hyderabad, the seminar witnessed an encouraging response from educators and institutions ready to be part of this progressive educational movement.
03/05/2026 || भारतीय शिक्षा बोर्ड || सामाजिक विज्ञान मे भारतीय परिप्रेक्ष्य क्यों इतना महत्वपूर्ण है ?
02/05/2026 || भारतीय शिक्षा बोर्ड || संस्कृत पुस्तक प्रतिपुष्टि विमर्श भाग - 02
Telugu और English में गूंजा एक ही सशक्त संदेश — जड़ों से जुड़ी आधुनिक शिक्षा
भाग 2 वीडियो में देखें, जहां भारतीय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन डॉ. एन. पी. सिंह, IAS (सेवानिवृत्त) ने स्थानीय शिक्षाविदों के साथ संवाद करते हुए भारतीय ज्ञान परंपरा, नई शिक्षा नीति 2020 और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर अपने विचार साझा किए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा वही सार्थक है, जो संस्कृति, संस्कार और 21वीं सदी के कौशलों के साथ संतुलन स्थापित करे।
01/05/2026 || भारतीय शिक्षा बोर्ड की गणित की पुस्तकों की मुख्य विशेषताएं - भाग- 78
01/05/2026
मानवता को सर्वप्रथम करुणा का संदेश देने वाले महान दार्शनिक भगवान बुद्ध को शत-शत नमन।
महात्मा बुद्ध भारतीय विचार को वैश्विक दृष्टि के रूप में स्थापित करने वाले ज्ञान के प्रमुख प्रवर्तक थे।
हमें गर्व है कि हम युद्ध के नहीं, बुद्ध के देश में रहते हैं।
आज इक्कीसवीं सदी में महात्मा बुद्ध के विचार संपूर्ण ग्रह की रक्षा के लिए अत्यंत प्रासंगिक हैं।
आप सभी को बुद्ध पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएँ एवं बधाई।
भारतीय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन डॉ. एन. पी. सिंह, IAS (सेवानिवृत्त) ने तेलुगु भाषा में अपने विचार साझा करते हुए स्थानीय शिक्षाविदों के साथ आत्मीय संवाद स्थापित किया।
अपने संबोधन की शुरुआत में उन्होंने उपस्थित सभी शिक्षाविदों को नमन करते हुए तेलंगाना की ऐतिहासिक भूमि को प्रणाम किया, जिसे उन्होंने साधना, शौर्य और संस्कृति की पावन स्थली बताया।
उन्होंने भारतीय शिक्षा बोर्ड के मूल उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “भारतीय शिक्षा बोर्ड का लक्ष्य आधुनिक शिक्षा में भारतीय ज्ञान परंपरा का समन्वय स्थापित करना है।”
उन्होंने यह भी बताया कि भारतीय शिक्षा बोर्ड, भारत सरकार द्वारा गठित तथा पतंजलि योगपीठ द्वारा संचालित एक राष्ट्रीय स्कूल शिक्षा बोर्ड है, जो नई शिक्षा नीति 2020 और नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क 2023 के अनुरूप कार्य कर रहा है। साथ ही, प्रत्येक कक्षा और विषय में भारतीय ज्ञान का समुचित एवं प्रामाणिक समावेश सुनिश्चित किया गया है।
डॉ. सिंह ने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षा ऐसी होनी चाहिए जो संस्कारयुक्त विचारों का निर्माण करे और 21वीं सदी की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल विकसित करे, साथ ही विद्यार्थियों के मन में भारत की संस्कृति और दृष्टि का समग्र रूप से स्थापना करे।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारतीय शिक्षा बोर्ड का उद्देश्य मैकाले द्वारा निर्मित उपनिवेशवादी शिक्षा पद्धति के स्थान पर भारतीय दृष्टि आधारित शिक्षा को स्थापित करना है, जिसमें भारत की समग्र ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक यात्रा का समावेश किया गया है।
डॉ. सिंह ने स्थानीय भाषा में संवाद करते हुए यह संदेश दिया कि शिक्षा तभी प्रभावी होती है, जब वह अपनी जड़ों और संस्कृति से जुड़ी हो।
#भारतीयशिक्षाबोर्ड
26/04/2026 || भारतीय शिक्षा बोर्ड की आवश्यकता क्यों ?
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29/04/2026