13/06/2026
॥ जय श्री राम ॥
अति हर्ष के साथ आप सभी को सूचित किया जाता है कि आज सुबह 11:00 बजे से महावीर बजरंगबली जी का विशाल भंडारा प्रारंभ होने जा रहा है।
आप सभी श्रद्धालु सपरिवार इस पावन भंडारे में प्रसाद ग्रहण करने के लिए सादर आमंत्रित हैं। कृपया पधारकर हनुमान जी का आशीर्वाद एवं प्रसाद ग्रहण करें। आपके आगमन से हमें अत्यंत प्रसन्नता होगी।
"प्रसाद ग्रहण करें, जीवन धन्य बनाएं।"
धन्यवाद।
विनीत: समस्त भक्तगण
11/06/2026
🙏 जय श्री हनुमान 🙏
सभी श्रद्धालुओं को सादर निवेदन है कि दिनांक 13 जून, शनिवार को आयोजित होने वाले हनुमान जी के भंडारे में पधारकर प्रसाद ग्रहण करें।
यह आयोजन केवल प्रभु की कृपा और भक्तिभाव से किया जा रहा है। आपकी उपस्थिति से इस सेवा का महत्व और बढ़ जाएगा।
🙏 कृपया सपरिवार पधारकर प्रसाद ग्रहण करें और प्रभु हनुमान जी की कृपा का लाभ प्राप्त करें।
10/06/2026
भारत के नेताओं की वैध-अवैध संपत्ति और उनके शानो-शौकत भरे जीवन की चमक ही इस बात का प्रमाण है कि राजनीति उनके लिए राष्ट्रभक्ति या जनसेवा का मार्ग नहीं, बल्कि व्यक्तिगत लाभ का सुनहरा व्यवसाय है। लोकतंत्र की रक्षा और जनता की सेवा के नाम पर वे सत्ता में आते हैं, पर असल मक़सद अपने और अपने परिवार के भविष्य को सुरक्षित करना तथा देश की दौलत को लूटना होता है।
राजनीति आज वह पेशा बन चुकी है जिसमें हानि की संभावना नगण्य है, पर लाभ के अवसर असीमित हैं। यहाँ से होने वाली आय पर न कोई टैक्स लगता है, न ही भ्रष्टाचार पर गंभीर सवाल उठते हैं। उल्टे उन्हें सरकारी सुरक्षा, आलीशान बंगले, मुफ्त इलाज, मुफ्त यात्रा और तमाम सुविधाएँ भी सहज ही मिल जाती हैं।
विडंबना यह है कि जिनसे वे लूटते हैं, वही जनता उन्हें फूलों की मालाएँ पहनाकर सम्मानित करती है, उनकी आरती उतारती है और जय-जयकार करती है। जब लूट को ही सम्मान और सत्ता का रास्ता बना दिया जाए, तो भला ऐसा लूटेरा बनने में किसे हिचक होगी?
06/06/2026
मैं अपने देश और आप सब लोगों के लिए हमेशा आवाज़ उठाती रहती हूँ। कृपया मेरी पोस्ट को समर्थन दें, यही मेरी आपसे विनम्र प्रार्थना है। मैं हमेशा परेशान, पीड़ित और दबे-कुचले लोगों की आवाज़ बनने के लिए तैयार हूँ। मेरा उद्देश्य है कि समाज के हर उस व्यक्ति की पीड़ा सामने आए, जो अन्याय और उपेक्षा का शिकार है, ताकि उनकी समस्याओं का समाधान हो सके और उन्हें न्याय मिल सके।
04/06/2026
आख़िर इस देश में जान की कोई क़ीमत क्यों नहीं?
मालवीय नगर, दिल्ली की आग की त्रासदी में 21 निर्दोष लोगों की जान चली गई। हमारे देश में मानो इंसानी ज़िंदगी की कोई कीमत ही नहीं रह गई है। सरकार की ज़िम्मेदारी कहीं खो गई है, और भ्रष्टाचार की आग में इंसाफ़ जलकर राख हो चुका है। रिश्वत और घूस के सहारे सुरक्षा ऑडिट पास कर दिए जाते हैं, जबकि कोई भी नियम-क़ानून या सुरक्षा दिशा-निर्देशों का पालन नहीं करता। यह लापरवाही और बेपरवाही हर उस परिवार के लिए मौत का कारण बनती है, जिसने अपने प्रियजन खो दिए।
27/05/2026
अल्लाह आपकी सभी कुर्बानियां कबूल करे और आपकी हर दुआ मंजूर फरमाए। इस पाक दिन पर आपको और आपके परिवार को ढेर सारी खुशियां मिलें। ईद-उल-अजहा मुबारक!"
27/05/2026
हिटलर कहता था कि जनता को इतना निचोड़ो, इतना परेशान करो कि जनता सिर्फ सांस लेने को ही आज़ादी समझने लगे। और भारत की राजनीति कहती है कि लोगों को धर्म, जाति-पांति में इतना उलझाओ, इतना उलझाओ कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोज़गार की बात करने वाला इनको देशद्रोही लगने लगे।