18/01/2026
The Nature of Love
This page deals about maharshi vivekanand gyansthali 's creative works. Educational and social organisation.
18/01/2026
The Nature of Love
05/04/2025
Sri Krishna : Bearer of truth and the destroyer of darkness
Sri Krishna : Bearer of truth and the destroyer of darkness - IV24 News and Entertainment Share this on WhatsAppAditya Tripathi (Teacher, P.S. Pratappur, Kothawan, Hardoi)– The twilight of Dwapara Yuga was upon the world. The great Mahabharata war had concluded. Righteousness had been restored, but at a price. The mighty [...]
19/12/2024
Do You Remember Bismil, Ashfaque and Roshan?
Do You Remember Bismil, Ashfaque and Roshan? - IV24 News and Entertainment Share this on WhatsAppDr. Raghavendra Kumar Raghav– December 19 marks the martyrdom day of Pandit Ram Prasad Bismil, Ashfaqulla Khan Warsi ‘Hasrat,’ and Thakur Roshan Singh, three revolutionary freedom fighters who were executed in Gorakhpur [...]
17/12/2024
वैदिक हिंदू सनातन संस्कृति: दिव्य मूल्यों की अग्रदूत -
वैदिक हिंदू सनातन संस्कृति: दिव्य मूल्यों की अग्रदूत - IV24 News and Entertainment Share this on WhatsAppडॉ० राघवेन्द्र कुमार त्रिपाठी ‘राघव’– वैदिक हिंदू सनातन संस्कृति एक गुण-आधारित संस्कृति है, जिसमें जीवन ...
08/11/2024
*हम अपना लक्ष्य कैसे प्राप्त करें | motivational | How can we achieve our goals?*
https://youtu.be/ZCS2naErGy4
*First video in the series of Motivational videos*
हम अपना लक्ष्य कैसे प्राप्त करें | motivational | How can we achieve our goals? motivational videos हम अपना लक्ष्य कैसे प्राप्त करें motivational How can we achieve our goals?Dr. Raghavendra Kumar Tripathi Raghav motivational guru
27/10/2024
प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति पर आधारित मेरा लेख
26/08/2024
---प्रेम और आनंद की राह है कृष्ण---
राघवेन्द्र कुमार राघव--
कृष्ण! निर्मोही है,
इसीलिए कृष्ण से
मोह हो जाता है।
कृष्ण! प्रेम की
प्रवहमान सरिता है।
जिसमे जड़ और चेतन
सब बह जाता है।
व्याकुल कंठों की चाह है कृष्ण।
प्रेम और आनंद की राह है कृष्ण।
किन्तु हर नदी की
एक ही नियति है।
उसे बहते जाना है।
यात्रा उसका धर्म है
सबके हृदय मे उसे रहना है।
तृषित हृदय की तृष्णा
हरने वाला है कृष्ण!
कर्म को धर्म समझाने वाला है कृष्ण!
जैसे पावन सरिता
सब जग अभिसिञ्चित करती है।
वैसा ही घटित होता है
कृष्ण के साथ भी।
सर्व-कल्याण के लिये वो
अपने प्रिय को छोड़ देते हैं।
किन्तु भूलते नहीं एक क्षण के लिए
छोड़ने के बाद भी।
कृष्ण से वियोग भी
सन्न्यास है आराधना है।
ये साकार से निराकार की ओर
गमन है।
कृष्ण-भक्ति भौतिकता से
सात्विकता की यात्रा है।
कृष्ण-प्रेम की सरिता मे डूबे
तो हर स्थान वृन्दावन है।
https://www.indianvoice24.com/prem-aur-anand-ki-raah-hai-krishna-janmashtami-iv24-26824/
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प्रेम और आनंद की राह है कृष्ण - IV24 News and Entertainment Share this on WhatsAppराघवेन्द्र कुमार राघव– कृष्ण! निर्मोही है,इसीलिए कृष्ण सेमोह हो जाता है।कृष्ण! प्रेम कीप्रवहमान सरिता है...
11/08/2024
श्री रामचरितमानस जाति, वर्ग, सम्प्रदाय से ऊपर उठकर मानवता का पोषण करता है– डॉ० नीलम जैन
श्री रामचरितमानस जाति, वर्ग, सम्प्रदाय से ऊपर उठकर मानवता का पोषण करता है– डॉ० नीलम जैन - IV24 News and Entert Share this on WhatsApp‘सर्जनपीठ’, प्रयागराज के तत्त्वावधान मे ‘सारस्वत सदन’, प्रयागराज मे १० अगस्त को ‘श्री रामचरितमानस की सार...
21/07/2024
मनुष्य अपने सम्पूर्ण जीवन मे कुछ न कुछ किसी न किसी से सीखता ही रहता है। सीखने-सिखाने की यह प्रक्रिया अनवरत् चलती रहती है। माता-पिता तो प्रथम गुरु है हीं; जीवन-पथ मे जिसने भी हमे कुछ सिखाया, वह हमारा गुरु है। ऐसे सभी गुरुजन को गुरुपूर्णिमा के पावन पर्व पर दण्डवत प्रणाम। #गुरुपूर्णिमा
01/06/2024
हिन्दी पत्रकारिता दिवस की बाईलाइन ख़बर प्रयागराज के प्रतिष्ठित समाचार पत्र भारत संवाद मे। सम्मान्य सम्पादक महोदय! आपके स्नेह के प्रति नमित हूँ।
16/05/2024
Preface of book "My First Signature"