03/02/2020
#बेहतर_विद्यालय के लिए
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१.उपस्थिति बढ़ाने के लिए विद्यालय नहीं आने वाले बच्चों के अभिभावकों से संपर्क हर सप्ताह किया जाये,
२.जो बच्चे नियमित विद्यालय आ रहे हैं ,उस बच्चे व उनके अभिभावक को सम्मानित करें.धन की चिंता न करें .विद्यालय बुलाकर एक फूल या ताली बजवाकर भी सम्मानित किया जा सकता है.
३.कार्यपुस्तिका पर काम करायें.बच्चों के सामने मूल्यांकन करे.गलती सुधरवायें.यह कार्य केवल पेंसिल से करायें,ताकि गलती की सुधार रबड़ से मिटवाकर करवा सकें,
४.कमजोर बच्चों का गणित व हिंदी में उपचारात्मक शिक्षण जरुर करें,
५.पाठ विशेष में अधिगम होने के बाद ही अगला पाठ पढ़ायें,
६.पढ़ाने के दौरान बीच-बीच में मूल्यांकन के प्रश्न पूछते चलें,
७.परिसर की सफाई प्रतिदिन प्रार्थना सभा के बाद बच्चों के सहयोग से करायें,
८.विद्यालय में बागवानी रसोईया व बच्चे के सहयोग से करा सकते हैं.महंगा पौधे लगाने की जरुरत नहीं है. केली, सदाबहार,गुलाबांस आदि लगा सकते है।
९. शिक्षण कार्य पाठ्यक्रम व पाठ्यपुस्तक के अनुसार हों,
१०. कक्षा शिक्षण के पूर्व पाठ का नियोजन हों,
११. समय विभाजन चक्र का पालन हों,
१२. पाठ सहगामी व पाठ्येत्तर गतिविधियों का नियमित आयोजन हों,
१३. विद्यालय के बजट व बजट का नियोजन व सदुपयोग हों,
१४. पुस्तकालय व हरी पट्टी का उपयोग किया जाये,
१५. पाठ या पाठ्यांश पढ़ाने के बाद सुनिश्चित हो लिया जाये कि सभी बच्चों ने सीख लिया है, तभी अगला पाठ सिखाया जाये,
sir ke page se