21/12/2025
ठाकुर रामसिंह इतिहास शोध संस्थान नेरी व जीवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर के बीच शैक्षणिक एवं शोध सहयोग हेतु समझौता ज्ञापन (MoU) हस्ताक्षरित।
चरैवेति- चरैवेति🕉🚩
21/12/2025
ठाकुर रामसिंह इतिहास शोध संस्थान नेरी व जीवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर के बीच शैक्षणिक एवं शोध सहयोग हेतु समझौता ज्ञापन (MoU) हस्ताक्षरित।
राष्ट्रीय परिसंवाद के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि प्रो. हिमांशु चतुर्वेदी जी, निदेशक भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान शिमला का उद्बोधन......
राष्ट्रीय परिसंवाद के उद्घाटन सत्र में अध्यक्ष आचार्य देवी प्रसाद तिवारी जी, पूर्व कुलपति, वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय आरा (बिहार) का उद्बोधन....
09/11/2025
शोध संस्थान नेरी में दो दिवसीय राष्ट्रीय परिसंवाद "हिमाचल प्रदेश की सामाजिक सरंचना: निरंतरता और परिवर्तन" आज सफ़लतापूर्वक सम्पन्न हुआ। राष्ट्रीय परिसंवाद के उद्घाटन सत्र में भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान शिमला के निदेशक प्रो Himanshu Chaturvedi जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे जबकि कार्यक्रम के अध्यक्ष आचार्य देवी प्रसाद तिवारी, विशिष्ट अतिथि डॉ मोहन शर्मा, डॉ सूरत ठाकुर और श्री विजय अग्निहोत्री, बीज वक्ता डॉ ओ. सी. हांडा, प्रसिद्ध लेखक एवं इतिहासकार तथा संस्थान अध्यक्ष प्रो Bhag Chand Chauhan उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय परिसंवाद में सात तकनीकी सत्रों में कुल 68 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए। परिसंवाद में हिमाचल प्रदेश के अलावा पंजाब, हरियाणा, जम्मू, दिल्ली, उत्तराखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश से 170 से अधिक विद्वानों, शोधकर्ताओं एवं विद्यार्थियों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम का समापन प्रो शांतिदेव सिसोदिया, डॉ Chetram Garg, श्री प्रकाश चंद शर्मा, श्री Surendra Nath Sharma जी की गरिमामय उपस्थिति में सम्पन्न हुआ।
05/11/2025
सिख पंथ के संस्थापक व प्रथम गुरु श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व पर उन्हें कोटिश: नमन।
गुरु नानक देव जी की शिक्षाएँ सम्पूर्ण मानवता के लिए प्रकाशपुंज हैं, जो हमें ‘सरबत्त दा भला’ अर्थात सभी के कल्याण की भावना का संदेश देती हैं।
23/10/2025
मध्य प्रदेश स्थित इंदिरा गांधी जनजातीय राष्ट्रीय विश्वविद्यालय, अमरकंटक से पुरातात्विक विभाग के 10 छात्र-छात्राओं ने ठाकुर रामसिंह इतिहास शोध संस्थान, नेरी, हमीरपुर (हिमाचल प्रदेश) में 15 दिवसीय प्रशिक्षण (इंटर्नशिप) सफलतापूर्वक पूर्ण किया। यह इंटर्नशिप कार्यक्रम संस्थान द्वारा विद्यार्थियों में शोध की दृष्टि, अभिलेखीय अध्ययन की समझ तथा लोक-संस्कृति के प्रति गहन संवेदनशीलता विकसित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था।
इंटर्नशिप अवधि के दौरान विद्यार्थियों ने इतिहास, संस्कृति, समाज और लोक परंपराओं से संबंधित शोध कार्यों में सक्रिय रूप से भाग लिया। उन्होंने हिमाचल प्रदेश की लोक परंपराओं, देव संस्कृति और सामाजिक जीवन की विविधताओं को प्रत्यक्ष रूप से समझने के लिए क्षेत्र सर्वेक्षण, दस्तावेज़ीकरण और अभिलेखीय अध्ययन किया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को हिमाचल प्रदेश के सुजानपुर किला, कांगड़ा किला, ज्वालामुखी मंदिर और ब्रजेश्वरी देवी मंदिर का शैक्षणिक भ्रमण करवाया गया, जिससे उन्हें हिमाचल की समृद्ध धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त हुआ। प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन अवसर पर विद्यार्थियों को अनुभव प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।
20/10/2025
दीपोत्सव की आप सभी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
आइए हम सब मिलकर आत्मनिर्भर भारत, संस्कारित समाज और संगठित राष्ट्र के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं।
09/10/2025
राष्ट्रीय परिसंवाद...
"हिमाचल प्रदेश की सामाजिक सरंचना: निरंतरता और परिवर्तन"
कलि. 5127, विक्रमी संवत 2082, मार्गशीर्ष कृष्ण 03-05
02/10/2025
अखंड राष्ट्र सेवा के 100 वर्ष .......
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22/09/2025
पिछले कल शोध संस्थान के शोधकर्ताओं की टीम संस्थान निदेशक डॉ चेतराम गर्ग जी की अगुवाई में पश्चिमी हिमालय क्षेत्र की सबसे प्राचीन रियासत त्रिगर्त के 489 वें वारिस श्री (राजा) ऐश्वर्य चंद्र कटोच जी (पारिवारिक परम्परा अनुसार 2023 में राज्याभिषेक हुआ है) से धर्मशाला में उनके निवास पर मिलना हुआ। उन्होंने (राजा) Trigart रियासत के गौरवशाली इतिहास से सबंधित अनेक महत्वपूर्ण जानकारियां एवं उनसे सबंधित शोध स्त्रोत हमसे सांझा किए। उनसे प्राप्त जानकारियां निश्चित रूप से हिमाचल प्रदेश खासकर Trigart के राजनीतिक इतिहास लेखन में महत्वपूर्ण होंगी।
07/09/2025
इतिहास शिल्पी ठाकुर रामसिंह जी
Shiva Panchkaran
26/08/2025
"100 वर्ष की संघ यात्रा-‘नए क्षितिज’
Rashtriya Swayamsevak Sangh (RSS)
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