13/04/2020
नए दौर,नए युग की शुरुआत
सत्यता, कर्त्तव्यता हो सदा साथ
बैसाखी का यह सुन्दर पर्व
सदैव याद दिलाता है, मानवता का पाठ
बैसाखी उत्तरी भारत में पंजाब सहित कई हिस्सों में प्रचलित है। सिख धर्म के लोगों का यह महत्वपूर्ण त्योहार है और इसी दिन से सिख धर्म का नव वर्ष प्रारम्भ होता है। बैसाखी का यह पावन पर्व सभी धर्मों द्वारा सभी प्रांतों में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है
आज के दिन ही 13 अप्रैल सन् 1699 को सिख धर्म के दसवें गुरु गोविंद सिंह जी ने खालसा पंथ की स्थापना की और सिख धर्म का पूरे विश्व में प्रचार किया था ।
खालसा मेरो रूप है खास
खालसे में करूं निवास
खालसा मेरा मुख हैं अंगा
खालसा है सदा दिल के पास
खालसे के साजना दिवस की आप सभी को हिन्दी समिति परिवार की ओर से बहुत बहुत शुभकामनाएं।
01/11/2019
Message from MHRD
तूर्यनाद , मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, भोपाल की राजभाषा कार्यान्वयन समिति द्वारा आयोजित किया जाने वाला राष्ट्र स्तरीय हिंदी महोत्सव है, जिसका उद्देश्य राजभाषा हिंदी व भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार द्वारा देशवासियों में राष्ट्रगौरव व आत्मगौरव की भावना का विकास करना है। इसके अंतर्गत सितम्बर को हिंदी माह के रूप में मनाते हुए महाविद्यालयीन विद्यार्थियों हेतु अनेक राष्ट्र स्तरीय प्रतियोगिताएँ आयोजित होती हैं।
14/09/2019
Ek wo bhi tha jamana ek ye bhi hai jamana
Ek wo bhi tha jamana ek ye bhi hai jamana