25/06/2026
इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में ऐसे लें एडमिशन
ऐसे विभिन्न प्रकार के कोर्स हैं, जिसे छात्र इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में कर सकते हैं। हालांकि, सबसे लोकप्रिय चार साल का ग्रेजुएशन प्रोग्राम है, जिसके लिए छात्र 12वीं कक्षा पास करने के बाद आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में विभिन्न प्रकार के कोर्स हैं...
डिप्लोमा कोर्स
यह कोर्स छात्रों को इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में एक पॉलिटेक्निक डिप्लोमा प्रदान करता है और कक्षा 10वीं और कक्षा 12वीं दोनों के बाद किया जा सकता है। पाठ्यक्रम की अवधि तीन वर्ष है।
अंडरग्रेजुएट कोर्स
यह चार साल की अवधि का कोर्स है जो इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बी.टेक (बैचलर्स ऑफ टेक्नोलॉजी) की ग्रेजुएशन डिग्री है। आप 12वीं कक्षा से सफल उत्तीर्ण होने के बाद यह कोर्स कर सकते हैं।
पोस्टग्रेजुएट कोर्स
यह दो साल की अवधि का कोर्स है, जो इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में एम.टेक (मास्टर्स ऑफ टेक्नोलॉजी) की पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री है। इस कोर्स को करने के लिए रिलेटेड फील्ड में ग्रेजुएशन की डिग्री आवश्यक है।
डॉक्टरेट कोर्स
यह तीन साल की अवधि का कोर्स है, जो इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में पीएचडी डिग्री है। इस कोर्स को करने के लिए छात्रों के लिए रिलेटेड सब्जेक्ट में पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री आवश्यक है।
योग्यता
डिप्लोमा कोर्स
उम्मीदवार को किसी मान्यता प्राप्त शिक्षा बोर्ड से कक्षा 10वीं की परीक्षा उत्तीर्ण होना जरूरी है।
अंडरग्रेजुएट कोर्स
यूजी प्रोग्राम में एडमिशन के लिए छात्र को रिलेटेड एंट्रेंस एग्जाम में प्रेजेंट होना चाहिए। साथ ही उसने 12वीं कक्षा फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स मुख्य विषयों के साथ सफलतापूर्वक उत्तीर्ण किया हो।
पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स
पीजी प्रोग्राम में एडमिशन के लिए भी छात्र को रिलेटेड एंट्रेंस एग्जाम में प्रेजेंट होना जरूरी है। और किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से संबंधित क्षेत्र में ग्रेजुएशन की डिग्री होनी चाहिए।
पॉपुलर जॉब प्रोफाइल
चीफ इंजीनियर
क्वालिटी कंट्रोल इंजीनियर
कंट्रोल एंड इंस्ट्रूमेंटेशन इंजीनियर
डिजाइन इंजीनियर
इलेक्ट्रिकल इंजीनियर
ब्रॉडकास्ट इंजीनियर
मैन्युफैक्चरिंग सिस्टम इंजीनियर
सिस्टम एनालिस्ट
इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियर
आईटी कंसल्टेंट
सिस्टम डिवेलपर
नेटवर्क इंजीनियर
अनुभव के साथ बढ़ेगा सैलरी पैकेज
इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में वेतन आपकी योग्यता, कोर्स और विशेषज्ञता पर निर्भर करता है। सामान्य तौर पर डिप्लोमा धारक या फ्रेशर उम्मीदवार तीन से छह लाख रुपये सालाना पैकेज के साथ करियर शुरू कर सकते हैं। वहीं, सेमीकंडक्टर, वीएलएसआई और चिप डिजाइन जैसे विशेष क्षेत्रों में शुरुआती वेतन आठ से 15 लाख रुपये प्रतिवर्ष तक पहुंच सकता है। अनुभव बढ़ने के साथ यह पैकेज 20 लाख से 40 लाख रुपये सालाना या उससे अधिक भी हो सकता है।
यही वजह है कि इलेक्ट्रॉनिक्स आज सिर्फ एक तकनीकी क्षेत्र नहीं, बल्कि युवाओं के लिए तेजी से उभरता हुआ हाई-ग्रोथ करियर विकल्प बन चुका है। आने वाले वर्षों में इस सेक्टर में रोजगार के अवसर और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है, जिससे 12वीं के बाद करियर चुनने वाले छात्रों के लिए यह एक आकर्षक विकल्प साबित हो सकता है।
भविष्य की तकनीक के साथ जुड़ने का अवसर
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर भारत की सबसे महत्वपूर्ण रोजगार देने वाली इंडस्ट्री में शामिल हो सकता है। ऐसे में जो छात्र नई तकनीकों, मशीनों और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम्स में रुचि रखते हैं, उनके लिए यह क्षेत्र लंबे समय तक स्थिर और आकर्षक करियर विकल्प प्रदान कर सकता है। सही प्रशिक्षण, तकनीकी कौशल और व्यावहारिक अनुभव के साथ युवा तेजी से बढ़ती इस इंडस्ट्री में सफल करियर बना सकते हैं।