15/11/2025
छोटी सी ख़ुशी भी दुःखी करती है ll
मुझे अब गुदगुदी भी बुरी लगती है ll
पहले तो दुःख भी अच्छा लगता था,
मगर अब तो ख़ुशी भी बुरी लगती है ll
उसकी यादों के ज़ोर-शोर से आने से,
चारों और की चुप्पी भी बुरी लगती है ll
मैं कायर शायर बनकर रह गया हूँ,
ख़ुद की बहादुरी भी बुरी लगती है ll
उसे खोकर सब-कुछ मिल जाने पर भी,
मुझे दुनियां साफ-सुथरी भी बुरी लगती है ll