31/10/2024
राष्ट्रीय एकता के प्रतीक : सरदार वल्लभ भाई पटेल
केंद्र सरकार देश के प्रथम गृहमंत्री एवं उप प्रधानमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल के महान योगदान के सम्मान स्वरूप उनकी 150वीं जयंती को 2024 से 2026 तक राष्ट्रव्यापी समारोह के रूप में मनाएगी। यह समारोह सरदार पटेल की उल्लेखनीय उपलब्धियों और एकता की भावना के प्रतीक का साक्षी होगा। भारत के लौह पुरुष सरदार पटेल के सम्मान में मोदी सरकार ने कई कार्य किए। गुजरात के केवड़िया में भव्य प्रतिमा (182 मीटर ऊंची) लगाई। मोदी सरकार 2014 से 31 अक्टूबर को ‘राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाती आ रही है। सरदार पटेल का जन्म 31 अक्टूबर, 1875 को गुजरात के नाडियाड में हुआ था। सरदार पटेल को 550 से अधिक रियासतों को भारत संघ में विलय करने का श्रेय दिया जाता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 27 अक्टूबर को लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में कहा कि सरदार पटेल का जीवन ‘देश की एकता’ के लिए समर्पित रहा है।
16/10/2024
छत्रपति शिवाजी महाराज के किलों एवं उनसे जुड़े ऐतिहासिक घटनाक्रमों का रोचक ढंग से वर्णन करनेवाली पुस्तक 'हिन्दवी स्वराज्य दर्शन' की समीक्षा यूजीसी से मान्यता प्राप्त प्रतिष्ठित पत्रिका 'अक्षरा' के सितंबर-2024 के अंक में प्रकाशित हुई है। युवा साहित्यकार पुरु शर्मा जी ने यह समीक्षा लिखी है। पुरु के लेखन में खूब लालित्य रहता है।
यह पुस्तक अमेजन पर फेस्टीवल सीजन में स्पेशल डिस्काउंट के साथ मिल रही है।
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पुस्तक की समीक्षा आप यहाँ भी पढ़ सकते हैं-
https://apnapanchoo.blogspot.com/2024/08/hindvi-swarajya-darshan-book-review-by-puru-sharma.html
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Manjul Publishing House
13/10/2024
संघ के 100वें स्थापना दिवस के प्रसंग पर 'संघ और राजनीति' पर केंद्रित यह आलेख 12 अक्टूबर को स्वदेश समूह में प्रकाशित हुआ है।
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Swadesh Atul Tare Girish Upadhyay Rashtriya Swayamsevak Sangh (RSS)
12/10/2024
अर्चना प्रकाशन भोपाल से प्रकाशित 'संघ दर्शन : अपने मन की अनुभूति' का पहला संस्करण (1000 प्रतियां) पाठकों तक पहुंच चुका है। अब द्वितीय संस्करण की तैयारियां हैं।
पुस्तक परिचय-
https://www.youtube.com/live/8MevYuyf1T0?si=BzntrGM53JWXuKh6
27/09/2024
#विश्व_पर्यटन_दिवस के प्रसंग पर स्वदेश में पढ़िए- "समग्र पर्यटन का केंद्र है मध्यप्रदेश"
इस आलेख सहित पर्यटन पर अन्य लेख एवं यात्रा वृत्तांत आप मेरे ब्लॉग 'अपना पंचू' पर पढ़ सकते हैं। ब्लॉग का लिंक कमेंट बॉक्स में देखें।
Madhya Pradesh Tourism Dharmendra Singh Lodhi mla
26/09/2024
विवेकानंद केंद्र से प्रकाशित समकक्ष समीक्षित शोध पत्रिका 'केन्द्र भारती' के सितंबर-2024 के अंक में प्रकाशित लेख- 'भाषा के प्रति डॉ. आम्बेडकर का राष्ट्रीय दृष्टिकोण'
पत्रिका के कार्यकारी संपादक Lakheshwar Chandrawanshi जी हैं।
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Vivekananda Kendra
26/09/2024
पुस्तक प्रेमियों के लिए जानकारी। अमेजन The Great Indian Festival सेल लेकर आया है, जिसमें आपकी प्रिय पुस्तक 'हिन्दवी स्वराज्य दर्शन' पर अब तक का सबसे बड़ा डिस्काउंट दिया जा रहा है। 36 प्रतिशत डिस्काउंट के साथ पुस्तक केवल 161 रुपये में उपलब्ध है। कल तक यह 231 रुपये में मिल रही थी।
अवसर को जाने न दें 😃🙏
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Manjul Publishing House
18/09/2024
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपनी संवाद कला यानी भाषण कला से लोगों का विश्वास जीत लेते हैं। प्रधानमंत्री मोदी के भाषण कला का राज है संचार का 7-c मॉडल।
देखें यह विश्लेषण-
https://www.youtube.com/watch?v=9xPsycYWcl0
प्रधानमंत्री मोदी संचार के 7-सी के सिद्धांत को जीते हैं। संचार के विशेषज्ञ फ्रांसिस बेटजिन ने बताया है कि 7-सी के सिद्धांत का उपयोग कर संचारक बहुत ही सरलता और प्रभावी ढंग से जन (मास) के मस्तिष्क में अपनी बात (संदेश) को पहुंचा सकता है। बहुत बड़े जनसमुदाय से अपनत्व स्थापित कर सकता है। इस सिद्धांत की सातों सी- स्पष्टता (Clarity), संदर्भ (Context), निरंतरता (Continuty), विश्वसनीयता (Credibility), विषय वस्तु (Content), माध्यम (Channel) और पूर्णता (Completeness) प्रधानमंत्री मोदी के भाषण में झलकती हैं।
26/08/2024
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के प्रसंग पर LYKSTAGE पर देखिए यह वीडियो
https://lykstage.com/l/EV4JQ9EV4CX2GT6
16/08/2024
प्रामाणिकता तथा रोचकता से परिपूर्ण यह पुस्तक इतिहास को, स्वराज्य के लिए हुए संघर्ष और बलिदान को निकटता से जानने-समझने का एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है। एक प्रकार से यह पुस्तक समृद्ध अतीत का सिंहावलोकन का अवसर हमें देती है और अपनी इस अद्वितीय विरासत को बचाने का आग्रह भी करती है.....
युवा लेखक पुरु शर्मा की लिखी समीक्षा को यहाँ पढ़िए-
https://apnapanchoo.blogspot.com/2024/08/hindvi-swarajya-darshan-book-review-by-puru-sharma.html
05/08/2024
स्वदेश में प्रकाशित 'हिन्दवी स्वराज्य दर्शन' की समीक्षा। समीक्षक हैं युवा साहित्यकार पुरु शर्मा जी।
"हिंदवी स्वराज्य दर्शन हमें एक दृष्टि और दिशा देती है। पन्ने दर पन्ने, अध्याय दर अध्याय, पड़ाव दर पड़ाव नई परतें खुलती जाती हैं। दुर्गम रास्तों और कई पड़ावों से गुजरते हुए यह यात्रा अतीत के समृद्ध विरासत तक हमें लेकर जाती है। इसमें प्रकृति के विराट बिंब खिंचे हैं। शैल-शिखरों से घिरी रमणीक उपत्यका का वर्णन है तो साथ ही सघन अरण्यों के बीच से झांकते अडिग और अजेय दुर्ग की शौर्यगाथा भी।"
आज यह समीक्षा ब्लॉग अपना पंचू पर भी पढ़ सकते हैं। लिंक कमेंट बॉक्स में देखें। Manjul Publishing House
26/07/2024
#विनम्र_श्रद्धांजलि
'प्रभात' कभी 'अस्त' नहीं होते
पत्रकारिता के क्षेत्र में मेरे सबसे पहले प्रेरणा स्रोत श्रद्धेय प्रभात झा जी ही थे। उनसे प्रेरित होकर ही मैं इस क्षेत्र में आया। जब मैं पत्रकारिता की पढ़ाई कर रहा था, तब तक मेरा उनसे प्रत्यक्ष संपर्क/संवाद नहीं था। उस समय वे राज्यसभा सांसद हो चुके थे। कुछ दुविधा होने पर मैं अकसर उन्हें पत्र लिखा करता था। अनेक प्रकार की व्यस्तताओं के बीच भी वे मेरे प्रश्नों का उत्तर भेजा करते थे। जब पहली बार उनसे मिला, तब उन्होंने मुझे तुम ही हो 'पत्र वाले लोकेन्द्र'। स्वाभाविक ही था कि मुझे अच्छा लगा। फिर उन्होंने पूछा कि "तुम्हारे पत्र आना बंद हो गए हैं"। मैंने कहा- "आपकी व्यस्तता को ध्यान में रखकर संकोच रहता है। इसके अलावा आपके लेख एवं पुस्तकें पढ़ रहा हूँ, तो बहुत सारे प्रश्नों के उत्तर वहाँ मिल जाते हैं"। उन्होंने हँसते हुए कहा- "अरे भाई, तुम लिखते रहो"।
मैंने उन्हें सदैव एक सहज-सरल व्यक्तित्व के रूप में देखा। आपकी भौतिक उपस्थित भले अब हमारे बीच में नहीं है लेकिन आपके विचार सदैव हमारे साथ रहेंगे....
ईश्वर आपको अपने श्रीचरणों में स्थान दें...