रेलवे में स्टेशन मास्टर के पद पर चयनित होने के लिये #सायकोलाजिकल_टेस्ट की तैयारी (भाग -1)
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मित्रों,
मैं, आज आपलोगो को रेलवे के सायको टेस्ट के बारे में विस्तार से बताने का प्रयास कर रहा हूँ .
(सारी सुचनायें मेरे अनुभव पर आधारित हैं, और मेरे जानकारी के अनुसार में सत्य हैं )
> किसी भी रेलवे जोन को जितने भी स्टेशन मास्टर की आवश्यकता होती हैं, वो उनकी डिविजन वाइज सूची बनाकर संबंधित RRB को भर्ती प्रक्रिया आरंभ करने के लिये भेजता हैं.
> अब RRB विग्यापन निकालता हैं और अभ्यार्थी आवेदन करते हैं.
> एक या दो चरण की परीक्षा के बाद RRB उनलोगों की रोलनंबर की सूची जारी करता हैं, जिनको सायको के लिये बुलाया जाना हैं .
> इसमे इस बार पद के 8 गुने लोगों को बुलाया जायेगा (पहले 5 गुने को ही बुलाया जाता था)
>इसका कारण ये हैं की
- बहुत से लोग सायको टेस्ट पास नही कर पाते हैं.
- RRB को 30% अतिरिक्त चयनित अभ्यार्थी की आवश्यकता होती हैं.जिनको इसी मे से चुनना होता हैं
- बहुत से सायको और टायपिंग वाले अभ्यार्थी कामन होते हैं. जिनमे से मेरिट के या, प्राथमिकता के आधार पर वे सीनियर कलर्क, JAA बन जाते हैं.
> अगर आपका रोलनंबर सायको के लिये चयनित अभ्यार्थीयों के सूची में आ जाये तो आप तुरंत ये 3 काम करें
1. सायको की तैयारी करना आरंभ कर दें.
2. यात्रा संबंधी पूर्व कार्य (रेलवे/बस टिकट) इत्यादि की व्यवस्था कर लें.
3. आप किसी नेत्र विशेषग्य से मिलकर विजन सर्टिफिकेट बनवा लें, क्योंकि इसको सायको टेस्ट के समय ले जाकर जमा करवाना होगा. अन्यथा आपको सायको टेस्ट में शामिल नही होने दिया जायेगा.
इसका फार्मेट आपको भर्ती के लिये आयी विग्यापन में मिलेगा - वहाँ पर दिया गया हैं.
#सायकोलाजिकल_टेस्ट की तैयारी के संबंध में
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> सायको टेस्ट अर्थात एम्पटीट्यूड टेस्ट कोई ऐसा टेस्ट नही हैं जिसे किसी डाक्टर या सायकोलाजिस्ट के द्वारा करवाया जाता हैं . ना ही ये कोई मेडिकल टेस्ट हैं.
> एक स्टेशन मास्टर बनने के लिये आपमे विशेष IQ होनी चाहिये. आपमे किसी समस्यात्मक स्थिति के दौरान सोचने-समझने- निर्णय लेने की त्वरित क्षमता होनी चाहिये. और इसी क्षमता का परीक्षण किया जाता हैं.
> अत: ये एक विशेष प्रकार का रिजनिन्ग वाला परीक्षा ही हैं.जो पेपर -पेन तरीके से ही लिया जाता हैं
(नोट :- पिछली बार तक रेलवे(RRB) OMR और पेन/पेन्सिल से ये टेस्ट लेती आयी हैं, लेकिन इस बार इसे आनलाईन कम्प्यूटर पर लेने की कोशिश की जा रही हैं , और आनलाईन होने के ही अधिक सम्भावना हैं)
> सायको टेस्ट के दौरान स्टेशन मास्टर के लिये अलग -अलग 5 टेस्ट एक के बाद एक लिये जाते हैं.
> सभी टेस्ट के लिये अलग अलग समय दिया जाता हैं
> सारे टेस्ट एक ही दिन में क्रम से आयोजित किये जाते हैं .
> रेलवे के पास कई प्रकार के सायको टेस्ट हैं, जिनमे से स्टेशन मास्टर के लिये 5 टेस्ट होते हैं .
( रेलवे RRB के माध्यम से स्टेशन मास्टर SM, असिस्टेन्ट लोको पायलट ALP, मोटरयान निरिक्षक के लिये सायको टेस्ट आयोजित करवाता हैं )
> कुछ ऐसे टेस्ट होते हैं जो SM, ALP सभी के लिये कामन होते हैं
> कुछ टेस्ट केवल ALP के लिये होते हैं - ब्रीक टेस्ट. कुछ टेस्ट केवल SM के लिये होते हैं
> SM के लिये निम्न 5 प्रकार के टेस्ट होते हैं
1) अभिरूचि परीक्षण या, व्यक्तित्व परीक्षण
2) स्थानिक क्षमता परीक्षण (short route test)
3) बुद्धि परीक्षण (आसमान आकृति को खोजना)
4) चयनात्मक अवधान परीक्षण (अंको के समुह पर आधारित)
5) निर्देश समझने की योग्यता (आकृति/रंग इत्यादि की समझ पर आधारित)
[[ मित्रों, इन सारे परीक्षण के बारे में विस्तार से मेरे अगले पोस्ट में चर्चा करेंगे ]]
@ - मित्रों, आप अगर अच्छे से इसकी तैयारी करना चाहते हैं तो कम से कम 2 अलग अलग प्रकाशन की पुस्तकों को क्रय करें और अध्ययन आरंभ कर देवें
- कोई भी प्रकाशन ना सर्वोत्तम होता हैं ना कोई भी बुरा हैं. हर प्रकार की पुस्तक में कुछ अच्छाई और कुछ कमी रहती हैं , इसिलिये 2 पुस्तकों को क्रय करके तुलनात्मक अध्ययन आरंभ करें
- सन 2011 ईo तक विद्यासागर और अरिहन्त की सायको की पुस्तके बहुत अच्छी मानी जाती थी, अब तो बहुत से नये प्रकाशन भी की अच्छी पुस्तकें उपलब्ध होंगी !
- किसी भी इंस्टीट्यूट में सायको की तैयारी हेतु लगभग एक महीना का कोर्स करवाया जाता हैं और 90% अंक लाने की गारंटी दी जाती हैं.
- इस टेस्ट में केवल 5 दिन में बेसिक बातें सीखा दी जाती जाती हैं और फ़िर 25 दिन उसका रिविजन इंस्टीट्यूट में या घर पर ही किया जा सकता हैं.
-इंस्टीट्यूट वाले अधिकतर अधिक फ़ीस लेते हैं और कोई रसीद देने से भी बचते हैं.फलत: इंकम टैक्स बचाते हैं.
-आप इसकी तैयारी स्वयं घर पर भी कर सकते हैं . किसी मित्र ने अगर इसका कोर्स किया हो तो उसकी सहायता से कई लोग तैयारी कर सकते हैं.
#सायकोलाजिकल_टेस्ट के अंक का चयन में महत्व .
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> रिटेन और सायको के अंको को क्रमश 70% और 30% के अनुपात में लेकर आपस में जोड़ा जाता हैं और प्राप्त अंको की एक मेघा सूची बनायी जाती हैं.
> अगर आपको रिटेन में 80% अंक मिले हैं तो इसका 70% = 56 लिया जायेगा
> अगर आपको सायको में में 90% अंक मिले हैं तो इसका 30% = 27 लिया जायेगा .
> आपका कुल प्रप्तांक 56 + 27 = 83 होगा . यही अंक SM के लिये चयन सूची का आधार होगा.
> जबकि अन्य पदों के लिये आपका चयन का आधार आपका रिटेन का प्राप्तांक ही होगा.
#सायकोलाजिकल_टेस्ट के लिये पहले बुलावा पत्र भेजा जाता था, जिसके साथ टेस्ट की सारी प्रक्रिया से संबंधित अनुदेशन पुस्तिका (बुकलेट) भेजी जाती हैं .
अब चुंकि बुलावा पत्र (प्रवेश पत्र) आनलाईन जारी किये जाते हैं तो सायको संबंधित अनुदेश भी RRB के वेबसाइट पर दीये जायेंगा ।
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