05/11/2025
सुप्रसिद्ध फुटबॉलर डेविड बेहकम को ब्रिटिश राजशाही द्वारा "नाइटहुड" की उपाधि दी गई है। यह उपाधि मिलने के बाद व्यक्ति के नाम के आगे Sir लग जाता है। अर्थात अब डेविड बेहकम ऑफिशियली "सर डेविड बेहकम" कहलाएंगे।
ब्रिटिश शासन के दौरान यह उपाधि भारत के लगभग 300 से अधिक लोगों को दी गई थी। कुछ प्रसिद्ध नाम जैसे सर रविन्द्र नाथ टैगोर, सर सी. वी. रमण, सर सैयद अहमद खां, सर एम. विश्वेसरैया इत्यादि थे जिनसे आप परिचित होंगे ही?
महज़ पांच, छः लोगों द्वारा यह उपाधि वापस भी लौटाई गई थी जैसे रविन्द्र नाथ टैगोर जिन्होंने जलियांवाला बाग हत्याकांड के विरोध में अपनी उपाधि वापस की थी। अन्य नाम खलील मोहम्मद, सुब्रमण्य अय्यर, शंकरण नायर थे।
लेकिन कुछ लोग ऐसे भी थे जिन्होंने इसे ठुकरा दिया था। जैसे महात्मा गांधी, मोतीलाल नेहरू, जवाहर लाल नेहरू, बाल गंगाधर तिलक, गोपाल कृष्ण गोखले, लाला लाजपत राय, सरोजिनी नायडू, सी राजगोपालाचारी और डॉ अंबेडकर।
महात्मा गांधीजी, नेहरू जी और डॉ अंबेडकर जी वो शख्स थे जिन्हें एक या दो बार नहीं बल्कि असंख्य बार प्रस्तावित किया गया था लेकिन इन्होंने इसे हमेशा अस्वीकार किया था। और हां सर बी एन राव जी को भी यह उपाधि मिली हुई थी।
संसद के अंदर डॉ अंबेडकर जी का यदि भाषण पढ़ें तो वह उन्हें सर बी एन राव जी ही कहते हैं। सर का अर्थ नाइटहुड उपाधि से ही है। बाकी मैं चाहूंगा कि आप भी स्वयं से संदर्भ जांचे परखें और समझें तभी इन बातों का ऐतिहासिक महत्व बनेगा।
ी_विशाल
03/11/2025
03/11/2025
11/10/2025
11/10/2025
11/10/2025