22/12/2022
*खेत जमीन को बिनामूल्य भोजन उपलब्ध कराईये !*
हमें आज लगने लगा है कि रासायनिक खाद डाले बिना खेती नहीं हो सकती परंतु प्रकृति की व्यवस्था बिलकुल इस तरह की बनाई गई है,कि इसके अंदर यह प्रक्रिया अपने आप होती है। हम जानते हैं यदि गर्मी ज्यादा हो तो बरसात अच्छी होगी, अगर बरसात ज्यादा आएगी तो ठंड ज्यादा होगी। कहीं अगर वृक्ष ज्यादा हैं, तो उन प्रदेशों में बरसात ज़्यादा होती है, या जिस भाग में ज़्यादा वृक्ष हैं, उस भाग में ज्यादा वर्षा होती है। यह कुदरत की प्रणाली भी एक दूसरे पर आधारित है। एक चक्र के रूप में इसका कार्य चलता है, तात्पर्य यह कि हमारी मिट्टी में सभी प्रकार के पौधों को बड़ा करने की, फल-फूल देने की व्यवस्था प्रकृति ने बनाई है l और इस प्रणाली को अगर हम समझते हैं,तो हमें खेती करना काफी आसान हो जायेगा ,बगैर रासायनिक खाद के।
*जंगल में वनसंपदा का विकास*
किसान भाइयों, आप किसी जंगल में जाइए वहाँ हमें बड़े-बड़े विशाल वृक्ष देखने को मिलते हैं, छोटे-छोटे पौधे देखने को मिलते हैं, फल के पेड़ों में जो फल लगे हुए हैं, उन पर कोई व्यक्ति किसी रासायनिक दवाईयों का छिड़काव करने नहीं गया था परंतु उस फल के पेड़ में लगे बड़े-बड़े फल हमें कीड और रोग से मुक्त नज़र आते हैं। ऐसे फलों को हम तोड़कर खा सकते हैं, और वहाँ के स्थानिक लोग उन फलों को तोड़कर बाजार में बेचने भी आते हैं। किसान भाइयों, क्या उस जंगल में कोई एन पी के डालने गया था ? ना आप गए थे ना सरकार यह मुमकिन भी नहीं है | जब बिना एन पी के के वहाँ फसल उगती है तो हमारी खेती में एन पी के डालना क्यों आवश्यक है ? इस बात को आप अच्छे से समझ लेते हैं तो खेती करना हमारे लिए काफी आसान हो जायेगा।
*मल्टिप्लायर तकनिक खेत को प्राकृतिक बना देती है।*
मल्टीप्लायर खाद का निर्माण करते समय सभी बातों पर विचार किया है। मल्टीप्लायर में कार्बन की मात्रा प्रचंड प्रमाण में उपलब्ध होने के कारण सूक्ष्म जीवाणू बहुत ज्यादा तादाद में अपनी संख्या को बढ़ाएँगे और उतनी ही तादाद में मरने के बाद आपकी फसल को सभी प्रकार के पोषक तत्व मिलेंगे और आपकी फसल अच्छी तरह बढ़ेगी। इस खाद को डालने के बाद सबसे पहले फायदा आपने देखा की सूक्ष्म जीवाणू कि संख्या बढ़ रही है। दूसरा इसमें ये होगा की रासायनिक खादों के इस्तेमाल से मिट्टी में आई खराबी के नुकसान में सुधार आएगा इस वजह से मिट्टी का जो पीएच' बिगड़ गया है वह धीरे-धीरे मेंटेन होने लगेगा और पीएच' के मेंटेन होने से हमारी मिट्टी में जो खाद प्रकृती ने हमें दिया है उसका एक पदरी स्वरूप में यानि पहली स्टेज में रूपांतरण होने लगेगा ,तो हमारी फसल को ज्यादा प्रमाण में खाद मिलने लगेगा। इन सब कारण से फसल को ज्यादा प्रमाण में आवश्यक खाद मिलने लगेंगे। फसल ज्यादा उत्पादन देगी और पहले ही साल में कम से कम ५०% तक उत्पादन बढ़ेगा | साथ-साथ मिट्टी में सुधार होना शुरू होगा |
खेती की *समस्या हमेशा के लिए दूर कर के*, आपना *उत्पादन दुगुना* कीजिए l
क्या आपके खेत में निम्न में से कोई समस्या है?
1) *कीड़ और रोगों के प्रकोप में वृद्धि*
2) *उत्पादन में गिरावट*
3) *फसल वृद्धि का रूकना*
4) *मिट्टी का सख्त होना/बंजरता*
5) *उत्पादन लागत में वृद्धि*
6) *कम पानी में फसल उगाना*
7) *बाढ़, बेमौसम बारिश, ज्यादा बारिश... आदि। में हानि। *
8) * आप रासायनिक खेती से थक चुके हैं, आप 100% जैविक खेती करना चाहते हैं, लेकिन आपको कम लागत, कम मेहनत, 100% परिणाम का सही तरीका नहीं मिल रहा है। *
9) *कृषि घाटे का धंधा बन गया है।* (खर्च बढ़ा है, उत्पादन घटा है)
*13 साल के अनुसंधान* के माध्यम से एक किसान द्वारा बनाए गए फार्मूले का उपयोग आज भारत के *27 राज्यों के लाखों किसान* कर रहे हैं। उनका *उत्पादन दुगना होकर तिगुना हो गया है और उनका मुनाफा 5 गुना से ज्यादा हो गया है।* किसानों का *श्रम, समय और पैसा बचाने वाली*यह तकनीक हमें उपरोक्त *समस्याओं से हमेशा के लिए बचा सकती है।*
अधिक जाणकारी के लिये |
मल्टीप्लायर तकनिक
मोबाइल नंबर:-9301265281,9098517346
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