20/08/2023
एमपीजीएम अकैडमी ने १९ अगस्त २०२३ को गुड़गाँव स्थित आर्टिमिस हॉस्पिटल के ऑडिटोरियम में अपना वार्षिकोत्सव, ‘सुर मंथन’ मनाया। कार्यक्रम का विषय “सावन आयो री’ था। वार्षिकोत्सव में विशेष अतिथि के रूप में श्री बृज चण्डीरमानी जी उपस्थित थे। कार्यक्रम में अन्य अतिथिगण थे: उत्तर प्रदेश स्पिक मैके से डॉ. नीरजा शुक्ला, संगीत संस्था सम के संस्थापक एवं अध्यक्ष पंडित विजयशंकर मिश्र, गायिका श्वेता दुबे, शिक्षाविद् और समालोचक डॉ. सविता उपाध्याय।
कार्यक्रम की अद्यक्षता, अकैडमी के संस्थापक पंडित गीतेश मिश्र जी ने की। उन्होंने बताया कि मैं चाहता हूँ मेरे विद्यार्थी केवल गायक न बन कर गुणी बनें। हम लोग बहुत सारे लोगों को गाते हुए सुनते हैं, पर केवल गाना ही काफ़ी नहीं है। गाना कैसे गाना है, अच्छा कैसे बनाया जाये, मीठे स्वर में कैसे गायें और हमेशा सुंदर कैसे गाएँ ये समझ अपने अंदर लाना भी उतना ही आवश्यक है।
कार्यक्रम का आरंभ आर्टमिस हॉस्पिटल के डॉ. अमित चौरसिया की प्रेजेंटेशन से हुआ। उन्होंने अपने हृदय स्वास्थ्य को किस तरह ठीक रखना है, इसके बारे में लोगों को बताया।
इसके बाद, अकैडमी के विद्यार्थियों की प्रस्तुतियाँ हुईं, जिसमें सबसे पहले राग केदार और रूपक ताल में बंधी हुई एक सरस्वती वंदना गायी गई। इसे गाने वाले विद्यार्थियों की आयु ४-१२ वर्ष के बीच थी, और इस प्रस्तुति ने दर्शकों का मन मोह लिया।
कार्यक्रम की दूसरी प्रस्तुति में विद्यार्थियों ने राग मेघ और राग बरवा में बंधी दो बंदिशें गायीं जो क्रमशः एकताल एवं अद्धा ताल में थीं। इसके बाद विद्यार्थियों ने तीन लोकगीत सुनाये जिसमें एक झूला गीत और पूर्वी भारत में गायी जाने वाली दो कजरियाँ थीं। ये लोकगीत दादरा एवं कहरवा ताल में निबद्ध थे। कार्यक्रम में सावन से संबधित प्रचलित बॉलीवुड गीतों को भी शामिल किया गया था। इन सभी प्रस्तुतियों को दर्शकों द्वारा बहुत सराहा गया। विद्यार्थियों के साथ उस्ताद कमाल अहमद ख़ान (सारंगी) श्री गौतम मिश्र (तबला), श्री संजय सनी (ढोलक), श्री ललित कुमार (सिंथेसाइज़र), श्री गौरव मिश्र (हारमोनियम) ने संगत की।
कार्यक्रम का समापन पंडित गीतेश मिश्र जी के गायन से हुआ। उन्होंने राग मियाँ मल्हार में बड़ा एवं छोटा ख़याल सुनाया। दर्शकों की माँग सुनते हुए राग मेघ में उन्होंने एक भजन भी गाया। उनके साथ मुकेश भारद्वाज (हारमोनियम), उस्ताद कमाल अहमद ख़ान (सारंगी), श्री अभिजीत आइच (तबला), उज्ज्वल मिश्र एवं आशीष पट्टनाइक (तानपूरा) ने संगत की।