25/12/2025
विशेष लेख: राष्ट्रधर्म के अमर पुरोधा अटल बिहारी वाजपेयी
*"सरकारें आएंगी-जाएंगी, देश रहना चाहिए" - गुरुग्राम के अभिषेक अरोड़ा ने साझा किए अटल जी के अविस्मरणीय संस्मरण*
गुरुग्राम। भारतीय राजनीति के इतिहास में कुछ नाम ऐसे होते हैं जो समय की सीमाओं को पार कर अमर हो जाते हैं। 'भारत रत्न' अटल बिहारी वाजपेयी एक ऐसा ही नाम है।
*गुरुग्राम के प्रमुख समाजसेवी और प्रबुद्ध व्यक्तित्व अभिषेक अरोड़ा ने हाल ही में अटल जी के जीवन और उनके योगदान पर प्रकाश डालते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।*
लोकतंत्र की गरिमा सर्वोपरि
*अभिषेक अरोड़ा ने अटल जी के उस ऐतिहासिक उद्घोष को याद किया जिसने संसद की दीवारों से निकलकर जन-जन के मन में घर किया था।*
अटल जी ने कहा था:
*"सरकारें आएंगी-जाएंगी, पार्टियां बनेंगी-बिगड़ेंगी, लेकिन यह देश रहना चाहिए, इस देश का लोकतंत्र अमर रहना चाहिए।"*
*अभिषेक अरोड़ा ने इस कथन की व्याख्या करते हुए कहा कि अटल जी के लिए सत्ता कभी साध्य नहीं थी, बल्कि राष्ट्र सेवा का एक साधन मात्र थी। उन्होंने दिखाया कि हार और जीत से ऊपर उठकर देश के बारे में कैसे सोचा जाता है।*
अभिषेक अरोड़ा का संकल्प: "अटल पथ ही असली मार्ग"
अभिषेक अरोड़ा ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि एक सच्चे कार्यकर्ता की पहचान उसके आदर्शों से होती है। उन्होंने कहा:
*"असली भाजपाई वही है जो अटल जी को अपना मार्गदर्शक मानता है और उनके पदचिन्हों पर चलता है। उन्होंने राजनीति में जो शुचिता, धैर्य और भाषाई मर्यादा का उदाहरण पेश किया, वह आज की पीढ़ी के लिए एक मार्गदर्शिका है। हमें उनके सिद्धांतों को केवल नारों में नहीं, बल्कि अपने आचरण में उतारना होगा।"*
विकास की नींव के पत्थर
लेख के माध्यम से अभिषेक अरोड़ा ने अटल जी के उन प्रमुख कार्यों को रेखांकित किया जिन्होंने भारत को 'शक्तिशाली भारत' बनाया:
*पोखरण का साहस: दुनिया के दबाव के आगे न झुकते हुए भारत को परमाणु शक्ति संपन्न बनाया।*
*सड़कों का क्रांति: 'स्वर्ण चतुर्भुज' और 'प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना' से विकास की गति तेज की।*
*शांति और शौर्य: कारगिल में दुश्मन को खदेड़ा तो वहीं लाहौर बस यात्रा के जरिए शांति की पहल भी की।*
निष्कर्ष
*अभिषेक अरोड़ा का मानना है कि अटल जी एक ऐसे युगपुरुष थे जिन्होंने विपक्ष को भी अपना मुरीद बनाया। उनका व्यक्तित्व हिमालय जैसा विशाल और उनकी वाणी गंगा जैसी निर्मल थी।*
*श्री अरोड़ा ने अंत में कहा, "अटल जी के कार्य और उनके विचार युगों-युगों तक भारत का मार्गदर्शन करते रहेंगे।"*