15/04/2023
हर कोई एक छोटे से काम से शुरुआत कीजिए। इसे घर में बच्चों से लेकर बड़े तक कोई भी आसानी से कर सकता है। पानी की बोतल आसानी से कहीं भी मिल सकती है। हर घर में हर दिन कम से कम एक या एक से अधिक प्लास्टिक की थैलियाँ आती हैं, (जैसे तेल की थैली, दूध की थैली, किराने की थैली, शैम्पू, साबुन, मैगी, कुरकुरे आदि) वही थैलियां हमें रोज कूड़ेदान की जगह पानी की बोतल में डालनी हैं। आप सप्ताह में एक बार बोतल को भर सकते हैं और उचित ढक्कन के साथ कूड़ेदान में फेंक दें। ऐसा करने से जानवर बिखरा हुआ प्लास्टिक नहीं खाएंगे। प्लास्टिक कचरे और पानी की बोतलों का उचित निपटान होगा। कचरा विभाग को कूड़ा जमा करने में भी सुविधा होगी। इतने छोटे से काम से पर्यावरण, धरती और आने वाली पीढ़ी को बहुत बड़ा फायदा होगा। जितना हो सके इस काम को 100% करने की कोशिश करें, जितने समय में हर कोई कर सकता है। शहर से लेकर गांव तक हर घर में यह आंदोलन खड़ा होना समय की मांग है। विनम्र निवेदन है कि हर घर इस जरूरत को पहचानें और इस शुभ कार्य की शुरुआत करें। *प्लास्टिक योजना के साथ भारत।*
23/08/2022
हल खींचते समय यदि कोई बैल गोबर या मूत्र करने की स्थिति में होता था तो किसान कुछ देर के लिए हल चलाना बन्द करके बैल के मल-मूत्र त्यागने तक खड़ा रहता था ताकि बैल आराम से यह नित्यकर्म कर सके।
यह आम चलन था।
हमनें (ईश्वर वैदिक)यह सारी बातें बचपन में स्वयं अपनी आंखों से देख हुई हैं जीवों के प्रति यह गहरी संवेदना उन महान पुरखों में जन्मजात होती थी जिन्हें आजकल हम #अशिक्षित कहते हैं। यह सब अभी 25-30 वर्ष पूर्व तक होता रहा।
उस जमाने का देसी घी यदि आजकल के हिसाब से मूल्य लगाएं तो इतना शुद्ध होता था कि 2-3हजार रुपये किलो तक बिक सकता है। उस देसी घी को किसान विशेष कार्य के दिनों में हर दो दिन बाद आधा-आधा किलो घी अपने बैलों को पिलाता था।
टटीरी(टिटिहरी)नामक पक्षी अपने अंडे खुले खेत की मिट्टी पर देती है और उनको सेती है। हल चलाते समय यदि सामने कहीं कोई टटीरी चिल्लाती मिलती थी तो किसान इशारा समझ जाता था और उस अंडे
वाली जगह को बिना हल जोते खाली छोड़ देता था।
उस जमाने में आधुनिक शिक्षा नहीं थी सब आस्तिक थे दोपहर को किसान जब आराम करने का समय होता तो सबसे पहले बैलों को पानी पिलाकर चारा डालता और
फिर खुद भोजन करता था यह एक सामान्य नियम था।
बैल जब बूढ़ा हो जाता था तो उसे कसाइयों को बेचना शर्मनाक सामाजिक अपराध की श्रेणी में आता था बूढा बैल कई सालों तक खाली बैठा चारा खाता रहता था,
मरने तक उसकी सेवा होती थी।
उस जमाने के तथाकथित अशिक्षित किसान का मानवीय तर्क था कि इतने सालों तक इसकी माँ का दूध पिया और
इसकी कमाई खाई है तो अब बुढापे में इसे कैसे छोड़ दें ? कैसे कसाइयों को दे दें काट खाने के उच्च लिए ???
जब बैल मर जाता तो किसान फफक-फफक कर रोता था और उन भरी दुपहरियों को याद करता था जब उसका यह वफादार मित्र हर कष्ट में उसके साथ होता था।माता-पिता को रोता देख किसान के बच्चे
भी अपने बुड्ढे बैल की मौत पर रोने लगते थे।
पूरा जीवन काल तक बैल अपने स्वामी किसान की मूक भाषा को समझता था
कि वह क्या कहना चाह रहा है।
वह पुराना भारत इतना शिक्षित और
धनाढ्य था कि अपने जीवन व्यवहार
में ही जीवन रस खोज लेता था।
वह करोड़ों वर्ष पुरानी संस्कृति वाला
वैभवशाली भारत था,
💐 ुल्य_भारत_था_!💐
जयति सनातन💐
जयतु भारतं💐
04/11/2021
🪔🪔🪔🪔🪔
सर्वज्ञे सर्ववरदे सर्वदुष्टभयंकरि।
सर्वदुःखहरे देवि महालक्ष्मि नमोऽस्तुते॥
शुभम करोति कल्याणम,
अरोग्यम धन संपदा,
शत्रु-बुद्धि विनाशायः,
दीपःज्योति नमोस्तुते ।।
शुभ दीपावली
🪔🪔🪔🪔🪔
11/09/2021
मेहनती Employee का मतलब क्या ???
उत्तर : तेजपत्ता
कोई भी सब्जी बनाते समय सबसे पहले उसे ही डाला जाता है और पूरे समय वो सब्जी के साथ रहता है
लेकिन...
उसी सब्जी को परोसते ओर खाते समय सबसे पहले उसे ही खींचकर बाहर फेंका जाता है !!!
😭😭😇😇
सफल Employee का मतलब क्या ???
उत्तर: हरा धनिया
उसे पता ही नहीं होता है कि क्या बन रहा है और सब्जी बन जाने के बाद उसे परोसने के समय डाला जाता है
और...
फिर सब्जी के सारे स्वाद का श्रेय उसे ही दिया जाता है !!!
😀😀😜😜😂😂
एक प्रकार और है
चतुर Employee
वो हींग की तरह होता है जो केवल नाम के लिये चुटकी भर काम में हाथ लगाता है लेकिन चखने वाले के हाथ में गहरी (चाटुकारिता की) खुशबू छोड़ जाता है। अंत में वही अच्छी Rating और Commendation पाता है।
😜😃😃
और कुछ Employee अदरक की तरह होते हैं जिन्हें शुरू में ही कूटा जाता है और जब चाय (Organization) में स्वाद आ जाता है तो छान के बाहर निकाल दिया जाता है...॥
05/09/2021
Good fruits always come from good trees.
Choose your friend circle carefully.
Happy !
16/07/2021
Stay focused stay motivated... 😂
04/07/2021
पैसा तो सिर्फ जीने के लिए होता है, हंसने के लिए हमेशा दोस्तों की जरूरत पड़ती है।
।।। सुप्रभात ।।।
11/06/2021
अनलॉक होने के बाद छोटे दुकानदारों से ही सामान खरीदें, क्योंकि वे टूट चुके हैं,
ऑनलाइन खरीदारी ना करें !! 🙏🙏
20/04/2021
Sharing as recieved .. you can share if possible
Situation is out of control please stay safe
11/03/2021
एक इंजीनियरिंग कॉलेज के सभी शिक्षकों को प्रधानाध्यापक सहित एक विदेशी टूर पर ले जाने के लिए एक हवाई जहाज में बैठाया गया..!!
जब सभी शिक्षक आराम से अपनी अपनी सीट पर बैठ गए तो पायलट ने बड़ी ख़ुशी व उत्साह से घोषणा की......
'‘आप सभी गणमान्य शिक्षकों को यह जान कर बेहद खुशी होगी कि जिस हवाई जहाज में आप बैठे हैं,उसे आप ही के कॉलेज के होनहार विद्यार्थियों ने बनाया है...!!’'
बस फिर क्या था.....इतना सुनते ही सभी शिक्षक इस डर से नीचे ताबड़तोड़ कूदने लगे कि कहीं उड़ान भरते ही विमान दुर्घटना ग्रस्त ना हो जाए...!!
लेकिन प्रिंसिपल साहब आराम से निश्चिंत अपनी जगह बैठे रहे...!!
यह देख पायलट उनके पास गया और उनसे पूछा-सर,
सभी टीचर अपने विद्यार्थियों का नाम
सुनते ही डर कर भाग गए लेकिन आप क्यों नहीं उतरे..??क्या आपको डर नहीं लग रहा है..??
प्रिंसिपल ने बहुत इत्मिनान से दिल को छू जाने वाला जवाब दिया..औऱ कहा कि मुझे अपने कॉलेज के शिक्षको से भी ज्यादा अपने विद्यार्थियों पर भरोसा है। देख लेना ...
यह प्लेन स्टार्ट ही नहीं होगा...!!...