KANHA De FACT

KANHA De FACT Contact information, map and directions, contact form, opening hours, services, ratings, photos, videos and announcements from KANHA De FACT, Education, chodhary mohalla, Guna.

ᴡᴇʟᴄᴏᴍᴇ ᴛᴏ ᴍʏ ғʙ ᴘᴀɢᴇ
•|| ғᴀᴄᴛ ᴠɪᴅᴇᴏ|| ғᴀᴄᴛ ᴜɴᴅᴇʀ 𝟼𝟶 sᴇᴄᴏɴᴅs||
•|| ᴅᴀɪʟʏ ғᴀᴄᴛ ᴀᴛ 𝟽:𝟶𝟶 ᴀᴍ ᴀɴᴅ 𝟾:𝟶𝟶 ᴘᴍ ||
•|| ᴍʏsᴛᴇʀɪᴏᴜs ғᴀᴄᴛ || ᴘsʏᴄʜᴏʟᴏɢʏ ғᴀᴄᴛ||
•||𝟹ᴅ ᴀɴɪᴍᴀᴛɪᴏɴ ғᴀᴄᴛ ||

16/12/2025

इस आदमी ने प्यार में पूरा पहाड़ काट दिया 😳 | Dashrath Manjhi

एक गरीब मजदूर…
एक टूटा हुआ दिल…
और एक ऐसा इरादा जिसने पहाड़ को रास्ता बना दिया।

ये कहानी है Dashrath Manjhi – Mountain Man of India की,
जिसने बिना मशीन, बिना सरकार
सिर्फ हथौड़ी और छेनी से
22 साल में पहाड़ काट दिया।

👉 ऐसी ही Real, Emotional & Inspiring Facts And Real story के लिए
KANHA DE FACT को Follow / Subscribe करो ❤️

दशरथ मांझी कौन थे?
दशरथ मांझी जी की कहानी
mountain man of India
real story mountain man of India























This 3D video is from Jack D film.

13/12/2025

11/12/2025

इस वीडियो में हमने समझाया है कि हिन्दू धर्म में किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद 13 दिनों का समय इतना महत्वपूर्ण क्यों माना जाता है। गरुड़ पुराण, पितृ कर्म और आत्मा की यात्रा के अनुसार माना जाता है कि मृत्यु के बाद आत्मा तुरंत दूर नहीं जाती—वह अपने घर, अपने प्रियजनों और अपने कर्मों के बीच 13 दिनों तक रहती है। इस दौरान आत्मा अगले जन्म की ओर बढ़ने से पहले कई अवस्थाओं से गुजरती है। यही कारण है कि घर में पूजा, तर्पण और पिंडदान किए जाते हैं। इस वीडियो में पूरी जानकारी सरल तरीके से दी गई है।

🔍 इस वीडियो में क्या सीखोगे:
– मरने के बाद आत्मा कहाँ जाती है?
– 13 दिनों का असली रहस्य
– गरुड़ पुराण में मृत्यु बाद की यात्रा
– आत्मा के घर के पास रहने का कारण
– पिंडदान और तर्पण का महत्व

👍 अगर वीडियो पसंद आए तो Like, Share और Subscribe ज़रूर करना।

09/12/2025

भगवान विष्णु के क्षीरसागर में शेषनाग पर शयन का दृश्य सिर्फ एक चित्र नहीं, बल्कि ब्रह्मांड के संतुलन का गहरा प्रतीक है।
शास्त्रों के अनुसार ‘शेषनाग’ अनंत ऊर्जा का प्रतीक हैं—वो शक्ति जो पूरे ब्रह्मांड को स्थिर रखती है।
वहीं विष्णु का समुद्र पर लेटना दिखाता है कि सृष्टि हमेशा हलचल और शांति के बीच चलती है,
और विष्णु उसी में संतुलन बनाए रखते हैं।

योगनिद्रा में जब विष्णु के मन में नई सृष्टि का विचार उठता है,
तभी ब्रह्मा जी प्रकट होते हैं और संसार की रचना शुरू होती है।

👉 SUMMARY:
विष्णु = संतुलन
शेषनाग = अनंत ऊर्जा
क्षीरसागर = ब्रह्मांड की मूल शक्ति
योगनिद्रा = सृष्टि का आरंभ
इसलिए उनका शयन दृश्य सिर्फ आस्था नहीं, बल्कि cosmic balance का संकेत है।


04/12/2025

क्या रावण के 10 सिर सच में थे?
शास्त्रों में बताया गया है कि रावण के 10 सिर असली नहीं थे, बल्कि उसके ज्ञान, गुण और स्वभाव के 10 अलग-अलग पहलुओं का प्रतीक थे।
‘दशानन’ का मतलब—दस दिशाएँ, दस गुण और मन के दस रूप। कई टीकाओं में यह भी बताया गया है कि ये सिर काम, क्रोध, लोभ, मोह, मद, मत्सर, मन, बुद्धि, चित और अहंकार का symbol थे।

युद्ध में दिखने वाले 10 सिर वास्तव में उसकी माया और शक्तियों का विस्तार थे, न कि असली सिर।
यानी, रावण के पास बहुत ज्ञान था—लेकिन उसका अहंकार ही उसकी हार का कारण बना।

ऐसे ही और Mind-Blowing Facts रोज़ पाने के लिए चैनल सब्सक्राइब करो 🔥

29/11/2025

27/11/2025

25/11/2025

घर में खड़ा झाड़ू क्यों नहीं रखते? 🤔

Address

Chodhary Mohalla
Guna
473001

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when KANHA De FACT posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Shortcuts

Share

Category