neelkamal_sir

neelkamal_sir Education is my life.

https://www.facebook.com/share/p/P8hmZLzdGg4UBDa2/
04/01/2025

https://www.facebook.com/share/p/P8hmZLzdGg4UBDa2/

4 जनवरी 1643 (ग्रेगोरियन कैलेंडर से ,जुलियन कैलेंडर से 25 दिसंबर 1642 ) को धरती पर एक ऐसे अद्भुत व्यक्ति का जन्म हुआ जिसने विज्ञान की परिभाषा को एक नया रूप दिया। विज्ञान के ऐसे तथ्य प्रस्तुत किये जो आज तक चल रहे हैं। हम बात कर रहे हैं :- आइज़क न्यूटन (Isaac Newton) की।

विश्व को गुरुत्वाकर्षण का सिद्धांत देने वाले सर आईजैक न्युटन शुरुआती दिनों में ठीक प्रकार से बोल भी नहीं पाते थे। वे स्वभाव से काफी गुस्सैल थे और लोगों से कम ही वास्ता रखते थे। उनके इसी व्यवहार के कारण उनके मित्र भी न के बराबर थे। न्यूटन अपने विचार भी सही ढंग से व्यक्त नहीं कर पाते थे ,वह अपने उपलब्धियों या खोज को बताने में संकोच करते कि कहीं वह हंसी के पात्र न बन जाएं। शुरुआती दिनों में न्यूटन कई प्रकार के प्रयोग करते रहते थे। न्यूटन के व्यवहार के कारण उन्हें सनकी और पागल समझा गया पर लोगों की परवाह किये बगैर वे अपने शोध में लगे रहे और अंततः एक महान वैज्ञानिक बनकर उभरे।
न्यूटन का नाम किसी परिचय का मोहताज नहीं है। कोई बच्चा जब विज्ञान की दुनिया में कदम रखता है तो जिस वैज्ञानिक से सबसे पहले वह परिचित होता है वही वैज्ञानिक है सर आइज़क न्यूटन। वह वैज्ञानिक जो भौतिकविद, गणितज्ञ, खगोलशास्त्री, फिलास्फर, अल्केमिस्ट, धर्मशास्त्री सभी कुछ था। न्यूटन के सिद्धांतों ने संसार को नए रूप में देखने के परदे खोल दिए। और आधुनिक भौतिकी व इंजीनियरिंग की बुनियाद रखी।

यांत्रिक भौतिकी (Mechanical Physics) की शुरुआत न्यूटन के गति के तीन नियमों से होती है। साइकिल से लेकर रॉकेट तक के निर्माण में कहीं न कहीं ये नियम जुड़े रहते हैं।

वैज्ञानिक तर्कशास्त्र की आधारशिला उसने चार नियमों द्वारा रखी, जो इस प्रकार हैं :
(1) किसी प्राकृतिक घटना के पीछे एक और केवल एक पूर्णतः सत्य कारण होता है।

(2) एक तरह की घटनाओं के लिए एक ही प्रकार के कारण होते हैं।

(3) वस्तुओं के गुण सार्वत्रिक रूप से हर जगह समान होते हैं।

(4) किसी घटना से निकाले गए निष्कर्ष तब तक सत्य मानने चाहिए जब तक कोई अन्य घटना उन्हें ग़लत न सिद्ध कर दे।

न्यूटन ने बताया की चीज़ों के पृथ्वी पर गिरने, चंद्रमा के पृथ्वी के परितः परिक्रमण, और ग्रहों के सूर्ये के परितः परिक्रमण के पीछे एक ही कारक है जो गुरुत्वाकर्षण का सर्वव्याप्त बल है।साथ ही पहली बार द्रव्यमान और भार के बीच अन्तर बताया। प्रकाश के क्षेत्र में काम करते हुए न्यूटन ने बताया की सफ़ेद प्रकाश दरअसल कई रंगों के प्रकाश का मिश्रण होता है। और साथ ही ये भी बताया कि प्रकाश बहुत सूक्ष्म कणिकाओं का तेज़ प्रवाह होता है। हालांकि हाइगेन्स तथा अन्य वैज्ञानिकों ने कणिका सिद्धांत को नकारते हुए तरंग सिद्धांत पर बल दिया। किंतु आज के परिपेक्ष्य में प्लांक की परिकल्पना तथा प्रकाश विधुत प्रभाव ने न्यूटन सिद्धांत को काफ़ी हद तक सही ठहरा दिया है। टेलेस्कोप के रंग दोष को दूर करने के लिए न्यूटन ने परावर्तक दूरदर्शी का आविष्कार किया।

गणित की सर्वाधिक उपयोगी शाखा कैलकुलस (Calculus) के बारे में इतिहासकारों का मानना है कि इसका आविष्कार न्यूटन और लाइब्निज़ (Leibniz) दोनों ने अपने अपने तरीके से किया था। हलाँकि इसके असली आविष्कारक के लिए दोनों में कई वर्षों तक विवाद भी चलता रहा।

#जन्मदिन #वैज्ञानिक #विज्ञानविश्व

विस्तार से https://vigyanvishwa.in/2016/12/25/isaacnewton/

02/08/2024
Celebrating my 5th year on Facebook. Thank you for your continuing support. I could never have made it without you. 🙏🤗🎉
28/07/2024

Celebrating my 5th year on Facebook. Thank you for your continuing support. I could never have made it without you. 🙏🤗🎉

Address

Gorakhpur

Opening Hours

Monday 12am - 12am
Tuesday 12am - 12am
Wednesday 12am - 12am
Thursday 12am - 12am
Friday 12am - 12am
Saturday 9am - 5pm
Sunday 9am - 5pm

Telephone

+919455743796

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when neelkamal_sir posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The School

Send a message to neelkamal_sir:

Shortcuts

Share

Category