28/03/2026
महाविद्यालय के स्नातक 2019 बैच एवं बीएड 2024 बैच के होनहार छात्र कौस्तुभ मणि त्रिपाठी का चयन यूपी पुलिस सब इंस्पेक्टर (गोपनीय ) के पद पर हुआ है।कौस्तुभ मणि प्राचीन इतिहास विषय में जेआरएफ हैं और वर्तमान समय में दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय गोरखपुर में प्रो राजवंत राव सर के कुशल निर्देशन में शोध कार्य कर रहे हैं।कौस्तुभ मणि त्रिपाठी को इस सफलता के लिए महाविद्यालय परिवार की तरफ से हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।।
11/03/2026
*एनएसएस शिविर का समापन, युवाओं ने समाज सेवा का लिया संकल्प*
*गोरखपुर।*पण्डित हरि सहाय पी.जी. कॉलेज, जैती-बेलघाट, गोरखपुर में आयोजित राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के सप्त दिवसीय विशेष शिविर का समापन समारोह उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर स्वयंसेवकों ने पूरे सप्ताह किए गए सामाजिक कार्यों, जनजागरूकता अभियानों और सेवा गतिविधियों का विवरण प्रस्तुत किया। शिविर का उद्देश्य युवाओं में सामाजिक उत्तरदायित्व, सेवा भावना और नेतृत्व क्षमता का विकास करना था।
समापन समारोह के मुख्य अतिथि प्राथमिक शिक्षक संघ बेलघाट के अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना युवाओं को समाज से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि यदि युवा शक्ति समाज सेवा के कार्यों में सक्रिय हो जाए तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन संभव है। उन्होंने शिविर के दौरान किए गए स्वच्छता अभियान, जनजागरूकता कार्यक्रमों और सामाजिक गतिविधियों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे शिविर विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि डॉ. रोहित चौहान ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना युवाओं में अनुशासन, सहयोग और सेवा की भावना विकसित करती है। उन्होंने स्वयंसेवकों से आह्वान किया कि समाज सेवा की भावना को केवल शिविर तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपने जीवन का हिस्सा बनाएं।
इस अवसर पर मनिकापार के पूर्व प्रधान अरुण दुबे ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता फैलाने में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि एनएसएस जैसे कार्यक्रम समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के साथ ही लोगों को स्वच्छता, शिक्षा और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करते हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सर्वेश दूबे ने की। अपने अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना का मुख्य उद्देश्य युवाओं में सेवा, सहयोग और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना का विकास करना है। उन्होंने बताया कि सात दिवसीय शिविर के दौरान स्वयंसेवकों ने गांवों में स्वच्छता अभियान चलाया, लोगों को शिक्षा और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया, उन्होंने सभी स्वयंसेवकों को उनके सराहनीय योगदान के लिए बधाई दी।
समारोह में डॉ. सचिंद्र कुमार, डॉ. इकबाल अहमद खान, डॉ. हरिश्चंद्र सिंह, रत्नाकर पांडेय, मृत्युंजय त्रिपाठी,प्रीति सिंह,पूजा पाण्डेय, डॉ प्रताप सिंह,उमेश शुक्ल,दिनेश शुक्ल, संतोष मिश्र और संतोष श्रीवास्तव सहित अनेक शिक्षक एवं समाजसेवी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्वयंसेवक और स्वयंसेविकाएं मौजूद रहीं, जिनमें निखिल मिश्र, आकाश, नरगिस, महिमा और निधि प्रमुख रूप से शामिल रहे। स्वयंसेवकों ने शिविर के अनुभव साझा करते हुए कहा कि इस शिविर ने उन्हें समाज की समस्याओं को समझने और उनके समाधान के लिए कार्य करने की प्रेरणा दी है।
इस दौरान सर्वश्रेष्ठ स्वयंसेवक का पुरस्कार आकाश चौहान और सर्वश्रेष्ठ स्वयंसेविका का पुरस्कार कामिनी शुक्ला को प्रदान किया गया। समापन अवसर पर स्वयंसेवकों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए, जिनमें देशभक्ति गीत और जागरूकता आधारित प्रस्तुतियां शामिल रहीं।
कार्यक्रम का आभार ज्ञापन कार्यक्रम अधिकारी डॉ. कौशल कुमार पाठक ने किया तथा राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन हुआ।
कार्यक्रम का संचालन विभा पाण्डेय एवं कामिनी शुक्ला ने संयुक्त रूप से किया।
08/03/2026
हरि सहाय लॉ कॉलेज ताल कंदला (नरही) तारा मंडल रोड गोरखपुर की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के सात दिवसीय विशेष शिविर का शुभारंभ आज दिनांक 08/03 2026 दिन रविवार को महाविद्यालय सभागार में किया गया।
दी द उ गोरखपुर विश्वविद्यालय गोरखपुर के एनएसएस समन्वयक प्रोफेसर सत्यपाल सिंह जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में पंडित हरि सहाय पी जी कॉलेज जैती - बेलघाट गोरखपुर के प्राचार्य डॉ सर्वेश कुमार द्विवेदी जी विशिष्ट अतिथि के तौर पर शामिल हुए।
कॉलेज के प्राचार्य डॉ सतीश चंद उपाध्याय जी ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।
शिविर की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इसके बाद सरस्वती वंदना, स्वागत गीत और विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं।
प्राचार्य डॉ सतीश चंद उपाध्याय ने अपने संबोधन में कहा कि एनएसएस युवाओं में सेवा, अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने बताया कि इसके जरिए छात्र-छात्राओं को समाज के बीच जाकर काम करने और समस्याओं को समझने का अवसर मिलता है।डॉ उपाध्याय ने यह भी कहा कि ऐसे शिविर युवाओं में नेतृत्व क्षमता और सहयोग की भावना को मजबूत करते हैं।
मुख्य अतिथि प्रोफेसर सत्यपाल सिंह ने कहा कि एनएसएस युवाओं के व्यक्तित्व विकास का एक सशक्त मंच है। उन्होंने जोर दिया कि इससे छात्र-छात्राओं में समाज के प्रति संवेदनशीलता और सेवा की भावना विकसित होती है।
विशिष्ट अतिथि डॉ सर्वेश कुमार द्विवेदी ने एनएसएस के इतिहास और महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा गांधी जयंती के जन्म शताब्दी वर्ष 1969 में राष्ट्रीय सेवा योजना की औपचारिक शुरुवात हुई थी ।
डॉ सर्वेश ने बताया NSS (राष्ट्रीय सेवा योजना) के लोगो (प्रतीक चिन्ह) में ओडिशा के प्रसिद्ध कोणार्क सूर्य मंदिर (ब्लैक पैगोडा) के विशाल रथ चक्र का उपयोग किया गया है। यह चक्र जीवन में निरंतरता, प्रगति और समय के साथ बदलाव का प्रतीक है। इसमें 8 तीलियां (bars) हैं जो 24 घंटे राष्ट्र सेवा के लिए तत्पर रहने की प्रेरणा देती हैं।
डॉ सर्वेश ने बताया राष्ट्रीय सेवा योजना का मुख्य उद्देश्य स्वैच्छिक सामुदायिक सेवा के माध्यम से छात्रों के व्यक्तित्व और चरित्र का विकास करना है। यह "सेवा के माध्यम से शिक्षा" के सिद्धांत पर काम करता है, जिसका आदर्श वाक्य "मैं नहीं, बल्कि आप" है।
कार्यक्रम अधिकारी शैलेन्द्र कुमार त्रिपाठी ने बताया कि सात दिवसीय विशेष शिविर का मुख्य उद्देश्य स्वयंसेवकों में सेवा भावना, सामाजिक जागरूकता और नेतृत्व क्षमता का विकास करना है। इसका लक्ष्य उन्हें समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को बेहतर ढंग से समझने में मदद करना है।
कार्यक्रम का संचालन कालेज की प्रवक्ता चंदा यादव ने किया ।
कार्यक्रम में कालेज के प्रवक्ता गण केशव शुक्ल,राहुल यादव ,अनुपम सिंह,सुधाकर पांडेय,प्रगति यादव, जावेद अनवर आदि प्रवक्ता ,सभी स्वयंसेवक व बड़ी संख्या में छात्र छात्राएं उपस्थित रहे ।
08/03/2026
*अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर एनएसएस की जागरूकता रैली व संगोष्ठी आयोजित*
*गोरखपुर।* राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के सात दिवसीय विशेष शिविर के चतुर्थ दिवस पर अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जागरूकता रैली एवं संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में महिलाओं के अधिकार, सम्मान, सुरक्षा एवं सशक्तिकरण के प्रति जागरूकता फैलाना तथा युवाओं में नारी सम्मान की भावना को सुदृढ़ करना रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत एनएसएस के स्वयंसेवकों द्वारा जागरूकता रैली निकालकर की गई। रैली शिविर स्थल से प्रारंभ होकर आसपास के गांवों और मोहल्लों से होते हुए पुनः शिविर स्थल पर समाप्त हुई। रैली के दौरान स्वयंसेवकों ने “नारी सम्मान, देश का अभिमान”, “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” और “महिलाओं का सम्मान, समाज का उत्थान” जैसे प्रेरक नारों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया। इस दौरान स्वयंसेवकों ने समाज को यह संदेश दिया कि महिलाओं को समान अधिकार और सम्मान देना ही एक सभ्य और प्रगतिशील समाज की पहचान है। रैली में ग्रामीणों और स्थानीय नागरिकों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लेकर इस पहल की सराहना की।
रैली के उपरांत शिविर स्थल पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अजय सिंह तथा डॉ. कौशल कुमार पाठक ने मुख्य वक्ता के रूप में अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं शिक्षा, विज्ञान, राजनीति, प्रशासन और खेल सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां प्राप्त कर रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए शिक्षा, आत्मनिर्भरता और सामाजिक जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। साथ ही स्वयंसेवकों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे समाज में महिला सम्मान और समानता का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का कार्य करें।
कार्यक्रम में एनएसएस के स्वयंसेवक एवं स्वयंसेविकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए महिला सम्मान और समान अधिकारों के प्रति समाज को जागरूक करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के अंत में कार्यक्रम अधिकारी ने सभी अतिथियों, शिक्षकों, गणमान्य व्यक्तियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस अवसर पर डॉ. कमलकांत मिश्र, डॉ. सचिंद्र कुमार, डॉ. कृष्ण मोहन मौर्य, डॉ. प्रताप सिंह,संतोष मिश्र,दिनेश शुक्ल सहित सभी स्वयंसेवक एवं स्वयंसेविकाएं उपस्थित रहे।
07/03/2026
प्रेस विज्ञप्ति
राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के सप्त दिवसीय विशेष शिविर के तृतीय दिवस पर स्वयंसेवकों के लिए कानून एवं नागरिक अधिकार विषय पर एक महत्वपूर्ण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को उनके अधिकारों, कर्तव्यों तथा समाज में कानून के महत्व के प्रति जागरूक करना था, ताकि वे एक जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बन सकें।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता पं. हनुमान प्रसाद दूबे, एडवोकेट एवं संस्थापक अध्यक्ष, पं. हरि सहाय पी.जी. कॉलेज जैंती, बेलघाट-गोरखपुर ने स्वयंसेवकों को भारतीय संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकारों एवं कर्तव्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि कानून समाज में शांति, सुरक्षा और न्याय स्थापित करने का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने युवाओं को यह भी बताया कि यदि समाज में कानून का पालन सही ढंग से किया जाए तो अनेक सामाजिक समस्याओं का समाधान स्वतः हो सकता है।
उन्होंने साइबर अपराध, महिला सुरक्षा कानून, बाल अधिकार तथा उपभोक्ता अधिकार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी प्रकाश डाला और स्वयंसेवकों को जागरूक रहने तथा दूसरों को भी जागरूक करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि किसी भी प्रकार के अन्याय या अपराध की स्थिति में कानूनी सहायता कैसे प्राप्त की जा सकती है तथा पुलिस और न्यायालय की क्या भूमिका होती है।
इस अवसर पर स्वयंसेवकों ने विभिन्न प्रश्न पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। कार्यक्रम में एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी द्वय डॉ. अजय कुमार सिंह और डॉ. कौशल कुमार पाठक ने सभी स्वयंसेवकों से अपील की कि वे समाज में कानून के प्रति जागरूकता फैलाने तथा सामाजिक जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करने का संकल्प लें।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सर्वेश दूबे ने की। इस विचार-गोष्ठी में डॉ. हरिश्चंद्र सिंह, डॉ. इकबाल अहमद, डॉ. सचिंद्र कुमार, डॉ. मृत्युंजय त्रिपाठी, डॉ. कमला कान्त मिश्र, श्री दिनेश शुक्ल सहित अनेक शिक्षकगण एवं स्वयंसेवक/स्वयंसेविकाएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन बीकॉम की शिक्षिका विभा पाण्डेय एवं स्वयंसेविका कामिनी शुक्ला ने संयुक्त रूप से किया।
23/11/2025
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10/11/2025
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