24/02/2024
आज दिनांक 24/02/2024 दिन शनिवार को संत रविदास सरस्वती शिशु मंदिर माधवपुर गोरखपुर में संत शिरोमणि रविदास जयंती कार्यक्रम बड़े ही धूमधाम व हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया।
आज के इस पावन अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में ग्रामीण क्षेत्र के विधायक माननीय श्रीमान विपिन सिंह जी, तथा विद्यालय के व्यवस्थापक आदरणीय श्रीमान संजय जायसवाल जी, महाराणा प्रताप के हिन्दी के प्रवक्ता एवं विद्यालय समिति के सदस्य डा0 फूलचंद जी , एवं श्रीमान अशोक मलानी जी माधवपुर के पार्षद श्रीमान जयन्त निषाद जी विद्यालय के पूर्व प्रधानाचार्य परम आदरणीय श्रीमान शुकदेव पाण्डेय जी ,श्रीमान प्रभाकर त्रिपाठी जी गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। अतिथि स्वागत विद्यालय की बहनों द्वारा तिलक व बैज लगाकर किया गया। तत्पश्चात मां सरस्वती के चित्र के समक्ष मुख्य अतिथि द्वारा दीप प्रज्वलन एवं पुष्पार्चन किया गया। गणमान्य अतिथि महानुभावों का परिचय एवं स्वागत विद्यालय के प्रधानाचार्य श्रीमान अवधेशचन्द्र यादव जी के द्वारा कराया गया। तत्पश्चात कार्यक्रम की प्रस्ताविकी अर्चना मिश्रा ने रखा । रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ रविदास जी के प्रिय भजन (अब कैसे छूटे राम रट लागी ) से किया गया तत्पश्चात अनेक भजन , सेवा गीत, तथा मातृभू गीत विद्यालय की बहनों द्वारा प्रस्तुत किया गया। मुख्य अतिथि उद्बोधन में माननीय श्री विपिन सिंह जी ने संत शिरोमणि रविदास जी के जीवन से भैया बहनों को प्रेरणा लेने के लिए प्रेरित किया और कहा संत रविदास जी ने अपने जीवन में जाति- पात को नहीं माना वे सदैव कर्म को ही अपनी पूजा मानते थे। संत शिरोमणि समाज के मार्ग दर्शक के रूप में सदैव समानता सदभावना व करुणा का संदेश देते रहे। और हम सभी को उन्ही के पदचिन्हों पर चलकर राष्ट्र हित मे कार्य करना चाहिए। और अपने अपने कर्तव्यों को दृढ़ता पूर्वक करना चाहिए तभी हम देश को सर्वोच्च स्थान पर स्थापित कर सकेंगे।अध्यक्षीय उद्बोधन में श्रीमान डॉ० फूलचंद जी ने भैया /बहनों को प्रेरित करते हुए कहा कि संत शिरोमणि रविदास जी के जीवन के मूल आदर्श जिसके लिए उन्हें शिरोमणि की उपाधि से विभूषित किया गया वे आदर्श है कि कर्म ही पूजा है, उनकी वचनबद्धता, निरन्तर अभ्यास, भक्ति एवं हृदय में सभी के प्रति सद्भावना समानता एवं करुणा के भाव ही उन्हें सबसे उच्च श्रेणी पर आसीत करते हैं। आज के इस पावन अवसर पर आप सभी उनके जीवन से किसी एक उद्देश्य का अपने- अपने जीवन में पालन करेंगे और कर्तव्य पथ पर अग्रसर होंगे। वन्दना से शुभारंभ हुए कार्यक्रम का समापन कल्याण मंत्र से हुआ। कार्यक्रम का संचालन एवं अतिथि महानुभावों का आभार ज्ञापन अर्चना मिश्रा ने किया। कार्यक्रम में समस्त आचार्य परिवार की सहभागिता प्रशंसनीय रही। इस अवसर पर समस्त विद्यालय परिवार उपस्थित रहा।
05/01/2022