भारत की वर्तमान शिक्षा व्यवस्था : सेवा या व्यापार
शिक्षा मनुष्य के जीवन का आधार है। जब एक नवजात शिशु का जन्म होता है तो सर्वप्रथम मां का उच्चारण करता है।फिर धीरे धीरे वह अपनी मां की छत्रछाया में वातावरण से अन्योन्यक्रिया करते हुए अपने आसपास के परिवेश से सामंजस्य बनाते हुए दिन प्रतिदिन वृद्धि करता है। लगभग एक साल के अंदर अन्दर वह अपने परिवार के लोगों को पहचानते हुए उनके साथ घुल मिल जाता है ।एक साल से तीन साल के बीच उसकी प्रारंभिक शिक्षा उसकी मां और उसके परिवार वालों के द्वारा दी जाती है। एक बालक के जीवन में असली संघर्ष की शुरुवात तीन साल के बाद विद्यालय में प्रवेश के साथ शुरू होती है । एक छोटे बालक की शिक्षा के लिए सबसे जरूरी है कि उसे अपने आस पास के परिवेश से परिचय कराया जाए इसके साथ साथ भाषा के पढ़ने ,बोलने और लिखने का अभ्यास रचनात्मक क्रियाकलापों के द्वारा कर जाए। 3 साल से 6 साल के बच्चों को आधारभूत शिक्षा जैसे पुस्तक पाठन,शब्दों का ठीक उच्चारण,लेखन कौशल तथा रचनात्मक क्रियाकलाप जैसे चित्रकारी,नृत्य,गायन आदि का प्रशिक्षण दिया जाए। 6 वर्ष अर्थात कक्षा 1 और 2 के बाच्चों को हिंदी,अंग्रेजी,गणित और रचनात्मक क्रिकलाप सिखाया जाए। कक्षा 3 से पांच के बच्चों को हिंदी,अंग्रेजी,गणित और पर्यावरण तथा विज्ञान की मूलभूत जानकारियों को सिखाया जाए ।कक्षा 6 से भाषा,गणित ,विज्ञान ,सामाजिक विज्ञान,कंप्यूटर की आधारभूत जानकारी दी जाए । अब प्रश्न यह उठता है कि क्या ऐसा आज के विद्यालयों में किया जाता है ? तो जवाब आता है नहीं अगर नहीं तो इसके पीछे की वजह क्या है? अगर मैं एक आम नागरिक के नाते इस देश के सभी विद्यालय संचालकों से पूंछू कि क्या वो सरकार द्वारा निर्धारित मापदंडों के आधार पर शिक्षा देते हैं तो शायद किसी विद्यालय द्वारा ऐसा नहीं किया जाता होगा ऐसा इसलिए क्योंकि भारत सरकार द्वारा संचालित केंद्रीय विद्यालयों में कक्षा 1 से 5 तक सिर्फ चार विषय हिन्दी,अंग्रेजी,गणित और E V S पढ़ाए जाते हैं।कक्षा 6 से 8 तक 6 विषय हिन्दी,अंग्रेजी,गणित,विज्ञान,सामाजिक विज्ञान और संस्कृत की शिक्षा दी जाती है। अब बात करते हैं अपने देश ,प्रदेश और जिले में संचालित अन्य विद्यालयों की जहां पर U K G के बच्चे को हिंदी,अंग्रेजी और गणित के अतिरिक्त E V S तथा GK भी पढ़ाया जाता है। कक्षा 1 और 2 के बच्चों को हिंदी,अंग्रेजी,गणित के अतिरिक्त विज्ञान,सामाजिक विज्ञान,कंप्यूटर,GK आदि विषय भी पढ़ाए जाते हैं। कक्षा 3 से 5 में भी हिन्दी अंग्रेजी,गणित के अतिरिक्त अन्य विषय पढ़ाए जाते हैं।कक्षा 6 से 8 के बीच भी GK आदि विषय पढ़ाए जाते हैं।अब मेरा प्रश्न सभी विद्वान अध्यापकों, अभिभावकों, विद्यालय संचालकों तथा सरकारी हुक्मरानों अर्थात सरकार से है कि U K G में पढ़ने वाला बच्चा जो अभी ठीक ढंग से मात्रा को नहीं पहचानता है अर्थात वह अभी पाठन और लेखन की प्रारंभिक अवस्था में है तो वह EVS और GK जैसे विषयों को कैसे तैयार करेगा । कक्षा 1 और 2 का बच्चा जो अभी शायद अभी ठीक ढंग से हिन्दी और अंग्रेजी की पुस्तकों का पाठन नहीं कर पाता हो वह बच्चा बाकी विषयों की पुस्तकों तथा उनके प्रश्नोत्तों को कैसे तैयार करे।एक छोटा बालक जब इन विषयों के मायाजाल में फंसता है तब हमारे देश के आधुनिक अध्यापक डरा धमका कर उसको अपना पाठ्यक्रम रटाने लगते हैं,जो सरासर गलत अवधारणा है।अगर हम भारत में आयोजित की जाने वाली विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के पाठ्यक्रम पर नजर डालें तो पाएंगे कि हिन्दी,अंग्रेजी,गणित,विज्ञान और समसामयिक घटनाओं से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं।किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्न न्यूनतम कक्षा 6 के स्तर से प्रारंभ होते हैं न कि UKG और 1st तथा 2nd से तो फिर छोटी कक्षाओं में भारी भरकम बस्ते की आवश्यकता क्यों? तब इस प्रश्न का उत्तर शायद शिक्षा के नाम पर होने वाला व्यापार मिले क्योंकि पुस्तकों की संख्या ज्यादा होने पर विद्यालय को मिलने वाला कमीशन ज्यादा होगा। विद्यालय वो पवित्र स्थान हैं जहां पर एक अबोध बालक को विद्वान,सामर्थ्यवान, नागरिक बनाने का प्रयास किया जाता है।शिक्षा देना एक सेवाभाव है न कि व्यापार,शिक्षण एक जिम्मेदारी का कार्य है न कि धन कमाने का माध्यम । प्राचीन काल से अनेक महान शिक्षकों ने अपने ज्ञान के बल पल पर अनेक वीर योद्धाओं का मार्गदर्शन किया है परंतु शायद आज के विद्यालय संचालक इन बातों को भूल चुके हैं ।आज के दौर में भारत में अगर किसी क्षेत्र में महंगाई ने सबसे ज्यादा आम आदमी को परेशान किया है तो वह है भारत में निजी क्षेत्रों द्वारा संचालित विद्यालयों की महंगी शिक्षा व्यवस्था। एक मध्यम वर्गीय परिवार की जेब पर सबसे ज्यादा असर भारत के निजी संस्थानों की महंगी फीस ने डाला है। शिक्षा के क्षेत्र में निजी संस्थानों के ज्यादा बढ़ने का मुख्य कारण हमारे देश की सरकारों की उदासीनता। आज हम भारत के कक्षा 12 तक के सरकारी विद्यालयों की हालात देखें तो पाएंगे कि उनमें साल दर साल नामांकन में कमी आ रही है। सरकार सरकारी विद्यालयों में स्थाई अध्यापकों की नियुक्तियां नहीं करती है संविदा शिक्षकों के सहारे काम चलने दिया जाता है।हमारे देश के प्रधानमंत्री महोदय देश को विकसित राष्ट्र बनाने का आह्वान करते हैं तो उन्हें सबसे पहले देश की शिक्षण पद्धति और बेलगाम निजी संस्थानों जो शिक्षा के नाम पर भोले भाले अभिभावकों को ठगने का काम करते हैं उन पर नियंत्रण लगाना होगा।आज के निजी संस्थान सरकारी पाठ्यक्रम को नजरंदाज करके अपने अनुसार विषयों का अध्यापन कराते हैं उन पर लगाम लगाने की आवश्यकता है।हमारे देश के राजनीतिक दल और नेता चुनाव के दौरान महंगाई का ढिंढोरा पीटते हैं परंतु शिक्षा के नाम पर होने वाले कमीशनबाजी पर कभी आंदोलन और चक्काजाम या प्रदर्शन नहीं करते क्योंकि तमाम राजनीतिक दलों के नेताओं और मंत्रियों के खुद के विद्यालय,इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेज चलते हैं।
सारांश रूप में में सरकार से यही गुजारिश करूंगा कि देश में शिक्षा के नाम मुनाफावसुली करने वाले निजी विद्यालयों पर सरकारी अंकुश स्थापित किया जाय ताकि माध्यम वर्गीय परिवारों के बच्चों को भी आधुनिक शिक्षा प्राप्त करने में परेशानी न हो।
L B S Chauraha
Contact information, map and directions, contact form, opening hours, services, ratings, photos, videos and announcements from L B S Chauraha, LUCKNOW Road, Gonda.
29/06/2024
S.R.Public School
Majha Tarhar near Pathari Bazar Gonda
ऐसा स्थान जहां पर कुशल और प्रशिक्षित अध्यापकों के मार्गदर्शन में बच्चों को उनके गंतव्य स्थल तक पहुंचने का मार्ग प्रशस्त करने का प्रयास किया जाता है।
समस्त सम्मानित गणमान्य लोग जिन्होंने अपने आशीर्वचनों से मेरी बेटी को अपना अपना आशीर्वाद दिया ।मैं उन सभी लोगों को करबद्ध प्रणाम करता हूं।अगर आप लोग आगे भी अपना स्नेह और कृपा मेरे ऊपर बनाए रखेंगे तो मैं अपने आपको सौभाग्यशाली समझूंगा।सभी लोगों को दिल से आभार और प्रणाम।
आपका अनुज / बेटा
विवेक कुमार द्विवेदी
सभी सम्मानित और आदरणीय मुझसे बड़े और छोटे Facebook मित्रों से विनम्र अनुरोध है कि इस प्लेटफॉर्म पर उन सकारात्मक बिंदुओं पर चर्चा परिचर्चा अपने विचार साझा करे जिससे आपके विचारों और तथ्यों से प्रेरणा लेकर समाज के लोग आगे बढ़ने का प्रयास करें। कुछ लोग ऐसे हैं जो Facebook post के नाम पर आर्केस्ट्रा नृत्य,भोजपुरी अश्लील गाने,और तरह तरह के नकारात्मक प्रचार सामग्री पोस्ट करते रहते हैं।ऐसे लोगों से मेरा निवेदन है कि कृपया ऐसा न करें। Facebook जैसा social media प्लेटफॉर्म एक ऐसा मंच है जिस पर देश विदेश के कोने कोने के लोग जो शायद व्यक्तिगत मिल नहीं पाते हैं परंतु अपनी विचारधारा और ज्ञान के द्वारा अपने विचारों के माध्यम से आपस में जुड़ाव महसूस करते हैं। कृपया करके शैक्षणिक, रचनात्मक विचारों को साझा करें और समाज में अपने ज्ञान और अनुभवों के आधार पर सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करें। जब हम और आप मिलकर अपने ज्ञान और अनुभव को इस मंच पर सकारात्मक और रचनात्मक चीजों के माध्यम से समाज को जागरूक करने का प्रयास करेंगे तभी सच्चे अर्थों में social media प्लेटफॉर्म सही उपयोग हो पाएगा और हम और आप लोग मिलकर सामूहिक रूप से जीवन के विभिन्न पहलुओं और समस्याओं का समाधान खोजने में सक्षम हो पाएंगे।अंत में में सभी लोगों से यही गुजारिश करूंगा कि आप लोग अपने ज्ञान और विचार साझा करके हम जैसे लोगों का मार्गदर्शन करें ताकि मेरे जैसे लोग भी आपके मार्गदर्शन में आगे बढ़ने का प्रयास करें। अगर किसी सम्मानित श्रेष्ठजनों को मेरे विचार से कोई तकलीफ हुई तो उन लोगों के समक्ष में क्षमा प्रार्थी हूं।
28/06/2024
मनुष्य के जीवन में सबसे जरूरी चीज अच्छी शिक्षा प्राप्त करना है। शिक्षा वह मसाल है जिसकी सहायता से आप जीवन में आने वाली समस्त अंधकार रूपी समस्याओं एवं बढ़ाओ को पार करके प्रकाश रूपी सफलता के मार्ग प्राप्त करने की शक्ति और समर्थ प्राप्त करते है। किसी विद्वान ने ठीक ही कहा है,कि शिक्षाविहीन व्यक्ति पशु के समान होता है जैसे पशु मनुष्यों से बहुत शक्तिशाली होते हैं परंतु उनको ईश्वर द्वारा ज्ञान रूपी मस्तिष्क का आशीर्वाद नहीं प्राप्त होता है।अपनी बुद्धि के बल पर बड़े से बड़े शक्तिशाली जानवरों जानवरों को मनुष्य ने अपने ज्ञान की शक्ति से अपने उपयोग के लिए तैयार किया। प्राचीन काल से ही हमारे धर्म ग्रंथो एवं शास्त्रों में शिक्षा के महत्व का वर्णन किया गया है प्राचीन काल से ही हमारा देश ज्ञान और ध्यान में अग्रणी रहा है। प्राचीन काल से ही हमारे देश में नालंदा और तक्षशिला जैसे विश्व स्तरीय शिक्षा केंद्र में आचार्य चाणक्य जैसे गुरुओं ने अपने कुशल मार्गदर्शन में चंद्रगुप्त मौर्य जैसे सम्राट को तैयार किया जिसने घनानंद जैसे अत्याचारी राजा को हारकर मगध की जनता का कल्याण किया, महाभारत काल में आचार्य द्रोणाचार्य ने अर्जुन जैसे महान धनुर्धारी को तैयार किया। मौर्य काल के उपरांत गुप्त वंश में महाकवि कालिदास जैसे विद्वानों ने अपने कुशल मार्गदर्शन में अनेकों राजाओं को देश की रक्षा एवं जनता की भलाई के लिए साहस और वीरता का पाठ पढ़ाया मध्य काल में कबीर, संत रविदास, तुलसीदास ,रामानंदाचार्य आदि विद्वानों ने भारत के संस्कृति एवं गौरव गाथा का वर्णन किया।आधुनिक काल में बहुत से विद्वानों ने ज्ञान, विज्ञान,कला और संस्कृति के क्षेत्र में अपना अमूल योगदान देकर भारत को महान एवं विश्व गुरु बनाने में भूमिका आज भी निभा रहे हैं। हमारे देश में अनेकों त्यागी, कर्मठ शिक्षक एवं गुरुओं ने आनेको विद्यार्थी तैयार किए जो विश्व के कोने-कोने में अपनी सेवाएं देकर भारत के नाम को ऊंचा कर रहे हैं अगर हम विश्व के सबसे शक्तिशाली और आर्थिक रूप से संपन्न देश अमेरिका की बात करें तो एक बात निकाल कर आती है कि अमेरिका की अर्थव्यवस्था में सर्वाधिक योगदान भारतीय मूल के व्यक्तियों द्वारा दिया जा रहा है उदाहरण स्वरूप गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई माइक्रोसॉफ्ट जैसी प्रतिष्ठित कंपनी के सीईओ सत्या नडेला और अनेक भारतीय लोग विश्व के कोने-कोने में अपने ज्ञान की शक्ति से दुनिया के बड़ी सी बड़ी संस्थाओं को चला रहे हैं आज हमारा देश चंद्रमा पर पहुंच चुका है हम अंतरिक्ष मिशन में और उपलब्धि हासिल करने वाले हैं जब भारत का गगनयान और अपना मानव रहित स्पेस सटल अंतरिक्ष में भारत के झंडे लहराएगा। सभी अभिभावक जो माता-पिता से मेरा अनुरोध है कि अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा प्रदान करें उनको ऐसे संस्थानों में प्रवेश दिलाए जहां पर उन्हें जीवन के नैतिक मूल्यों के साथ-साथ संस्कारों की शिक्षा तथा आधुनिक ज्ञान विज्ञान की भी शिक्षा प्राप्त प्रदान की जाती हो इसी क्रम में हमारे क्षेत्र माझा तरहर में S.R. Public School विगत 10 वर्षों से अच्छे कुशल और योग्य अध्यापकों के द्वारा बच्चों का मार्गदर्शन करता आ रहा है। हमारे विद्यालय में पढ़ने वाले बहुत से बच्चे आज की तारीख में अनेक पदों पर कार्य करते हुए अपना योगदान दे रहे हैं। हमारा विद्यालय बच्चों को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान करने के साथ साथ बच्चों को संस्कार और नैतिक मूल्यों की भी शिक्षा दी जाती है। समस्त सम्मानित अभिभावकों और माता पिता से विनम्र निवेदन है कि अपने क्षेत्र में स्थित S.R.Public School में प्रवेश दिलाए। जिससे वो यहां के कुशल अध्यापकों के मार्गदर्शन अच्छे संस्कार और आधुनिक शिक्षा प्राप्त करके अपने जीवन पथ पर निर्बाध रूप से प्रगति करते हुए अपने क्षेत्र,जिला,प्रदेश और देश का नाम रोशन करे।
सादर
विवेक कुमार द्विवेदी
S.R.Public School
Majha Tarhar Pathari Bazar Gonda
28/06/2024
मेरी प्यारी बेटी को पहले जन्मदिवस की बहुत शुभकामना ।ईश्वर तुम्हे दीर्घायु प्रदान करे ।यही ईश्वर से कामना है।
आज केरल के तिरुवनंतपुरम के सांसद शशि थरूर ने सांसद पद की शपथ लेने के बाद जय संविधान का नारा लगाया । इस बात लोकसभा अध्यक्ष माननीय ओम बिरला जी ने शशि थरूर को टोका कि जब आप संविधान की शपथ ले रहे हैं तो नारेबाजी की क्या जरूरत है। इसके प्रतिउत्तर में रोहतक से सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने लोकसभा अध्यक्ष की बात पर आपत्ति जताई जिसके लिए दीपेंद्र हुड्डा को लोकसभा अध्यक्ष ने फटकार लगाई।इस घटना के जवाब में अपने आपको इंदिरा गांधी की परछाई मानने वाली प्रियंका गांधी जो खुद संसद की किसी सदन की सदस्य नहीं है उन्होंने ओम बिरला को संसदीय परंपरा की नसीहत दी। मैं एक जागरूक और आम नागरिक होने के नाते प्रियंका गांधी से सवाल पूछता हूं कि क्या संसद विपक्षी पार्टियों के सांसदों की हुड़दंगई और नारेबाजी के लिए बनी है? क्या आप लोगों को ज्यादा सीटें मिल गई तो संसद को चलने नहीं दोगे? ध्यान रखिए अगर आप लोग संसद जैसी संस्था जो 140 करोड़ देशवासियों के कल्याण के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लेती है।उसके कार्य को प्रभावित करके देश की जनता के साथ धोखा कर रहे हैं सही अर्थों में विपक्षी पार्टियों के लोग जो अनाप सनाप बयान देते है ये उनके ओछेंपन को दर्शाता है।जैसे अखिलेश यादव ने अयोध्या के सांसद को को अयोध्या का राजा की पदवी दी।अखिलेश यादव जी जिस संविधान और लोकतंत्र के पहरेदार आप बने हैं उसी लोकतंत्र ने जनता को राजा की संज्ञा दी है। अखिलेश जी इसी जनता के सामने आपको 2027 और 2029 के चुनाव में जाना है।जरा गंभीर राजनीति करिए कही आप लोगों का हल फिर से 2014,2017,2019 और 2022 की तरह न हो जाए। 2024 में आप लोगों को जनता ने चुना नहीं सिर्फ बीजेपी के कामचोर नक्कारा सांसदों को सबक सिखाया है।इस चुनाव में बीजेपी के कुछ नेताओं के बड़बोलेपन और कार्यकताओं की नाराजगी से सीटें कम हुई हैं।याद रखिए बीजेपी के 18 करोड़ कार्यकर्ता अगर 5, 5 वोट दिला दिए तो बीजेपी को मिले कुल वोटों की संख्या 90 करोड़ हो जाएगी कुल वोटरों का 80 प्रतिशत पार कर जाएगी इस स्थिति में विपक्षी पार्टियों नारा तो छोड़ो बोलने लायक भी सीटें नहीं मिलेंगी।याद सब झूठ का प्रचार करके सभी पार्टी को एकजुट करके भी जब आप लोग नरेंद्र मोदी को सत्ता से बाहर नहीं कर पाए तो आप जैसे लोगों का 2029 में क्या होगा जब योगी आदित्यनाथ प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे तब आप लोगों का क्या होगा? जरा सोचिएगा।
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