03/06/2026
*मकतब तालीम गाह है और घर तरबियत गाह है*
बच्चे मकतब में आते हैं, नमाज़ सीखते हैं, असातिज़ा ( टीचर ) नमाज़ तो सिखा देंगे लेकिन वो आप के बच्चों को नमाज़ी नहीं बना सकते, नमाज़ी तो मां बाप बना सकते हैं, वो तो मां बाप के साथ घर में रहेगा।
ये असातिज़ा ( टीचर ) आदाब सिखा तो सकते हैं कि खाने का ये अदब है: हाथ धो कर खाओ, दाहिने हाथ से खाओ, बिस्मिल्लाह पढ़ कर खाओ, इस तरह लुक़्मा लो, इस तरह बैठो, खाने के बाद ये पढ़ो, दस्तरख़्वान बिछाओ।
ये सारी चीजें यहां मकतब में सिखाएंगे लेकिन इस पर अमल कहां होगा? यहां मकतब में?
नहीं, अमल तो घर में होगा, अमल तो आप को कराना है, अगर ये सिखा दिया गया तो बच्चे उस वक्त तक आदी नहीं बनेंगे, जब तक कि आप उस पर मेहनत नहीं करेंगे।
इसलिए आप से गुजारिश है कि छुट्टी के मौके पर बच्चों को घर पर अमल कराने की कोशिश करें
नमाज का जब वक्त हो जाए तो नमाज पढ़ने को कहें
अच्छे अखलाक सिखाएं, बुरे बच्चों के साथ रहने से मना करें ।