K.M.D Memorial Public Schools

K.M.D Memorial Public Schools We are halp your child develop and learn through play, fun, creativity and social activities.

K.M.D. मेमोरियल पब्लिक स्कूल कि ओर से दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ !!
31/10/2024

K.M.D. मेमोरियल पब्लिक स्कूल कि ओर से दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ !!

02/10/2024
15/11/2023
02/10/2020

👉 लालबहादुर शास्त्री जयंती


आज भारत के दूसरे प्रधानमंत्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री की जयंती है. शास्त्री जी का जन्म 2 अक्टूबर , 1904 को हुआ था. शास्त्री जी महान लीडर थे और अपनी सादगी और अनुशासन के लिए प्रसिद्ध थे. शास्त्री जी 'जय जवान जय किसान' का नारा दिया था. लाल बहादुर शास्त्री काफी शांत और सुलझे हुए इंसान थे. वह उसूलों को मानने वाले थे. छोटे कद के शास्त्री जी का कई बार मजाक बनाया जाता था, लेकिन पाकिस्तान के साथ साल 1966 में हुए युद्ध में शास्त्री जी ने पूरी दुनिया को दिखा दिया कि उनके जैसे जीवट के लोग कम ही पैदा होते हैं.

एक छोटे कद का साधारण व्यक्ति कैसे बन गया भारत का दूसरा प्रधानमंत्री !

लालबहादुर शास्त्री को लोग एक ऐसे नेता के रूप में याद करते हैं जिनकी छवि पर कभी कोई दाग नहीं लगा. जिन्होंने अपनी सादगी और सच्चाई से सबको अपना कायल बना लिया था. गांधीजी के जन्मदिन यानि 2 अक्टूबर को पैदा हुए लालबहादुर शास्त्री में भी लोग गांधीजी की झलक देखते थे. नाटा कद और सांवला रंग देख कई बार लोग उन्हें बेहद कमजोर मानने लगते थे लेकिन उन्होंने अपने इरादों से हमेशा जाहिर किया कि वह भी दृढ़-संकल्प और दृढ़-निश्चयी व्यक्तित्व के धनी हैं.

लाल बहादुर शास्त्री का जीवन
लाल बहादुर शास्त्री का जन्म 2 अक्टूबर, 1904 को मुगलसराय, उत्तर प्रदेश के बेहद निम्नवर्गीय परिवार में हुआ था. इनका वास्तविक नाम लाल बहादुर श्रीवास्तव था. शास्त्री जी के पिता शारदा प्रसाद श्रीवास्तव एक गरीब शिक्षक थे जो बाद में भारत सरकार के राजस्व विभाग के क्लर्क के पद पर आसीन हुए. लाल बहादुर की शिक्षा हरीशचंद्र उच्च विद्यालय और काशी पीठ में ही हुई और यहीं स्नातकोत्तर की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद उन्हें ‘शास्त्री’ की उपाधि से सम्मानित किया गया. तत्पश्चात वह भारत सेवक संघ से जुड़ गए. यहीं से उनके राजनैतिक जीवन की शुरुआत हुई. इनकी प्रतिभा और निष्ठा को देखते हुए भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की मृत्यु के पश्चात कांग्रेस पार्टी ने लाल बहादुर शास्त्री को प्रधानमंत्री पद का उत्तरदायित्व सौंप दिया.

लाल बहादुर शास्त्री का प्रधानमंत्री बनना
लेकिन उनकी साफ छवि के कारण उन्हें साल 1964 में देश का दूसरा प्रधानमंत्री बनाया गया. जब लालबहादुर शास्त्री प्रधानमंत्री बने थे तो उन्होंने अपने प्रथम संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि उनकी शीर्ष प्राथमिकता खाद्यान्न मूल्यों को बढ़ने से रोकना है. वह ऐसा करने में सफल भी रहे थे. उनका क्रियाकलाप सैद्धांतिक नहीं, बल्कि जनता के अनुकूल था.

हालांकि उनका शासन काल बेहद कठिन रहा. पुंजीपति देश पर हावी होना चाहते थे और दुश्मन देश हम पर आक्रमण करने की फिराक में थे.

1965 में अचानक पाकिस्तान ने भारत पर सायं 7.30 बजे हवाई हमला कर दिया. परंपरानुसार राष्ट्रपति ने आपात बैठक बुला ली जिसमें तीनों रक्षा अंगों के चीफ व मंत्रिमंडल सदस्य शामिल थे. लालबहादुर शास्त्री कुछ देर से पहुंचे. विचार-विमर्श हुआ. तीनों अंगों के प्रमुखों ने पूछा सर क्या हुक्म है? शास्त्री ने तुरंत कहा: “आप देश की रक्षा कीजिए और मुझे बताइए कि हमें क्या करना है?”

शास्त्रीजी ने इस युद्ध में पं. नेहरू के मुकाबले राष्ट्र को उत्तम नेतृत्व प्रदान किया और जय जवान-जय किसान का नारा दिया. इससे भारत की जनता का मनोबल बढ़ा और सब एकजुट हो गए. इसकी कल्पना पाकिस्तान ने कभी नहीं की थी.

साल 1966 में ही उन्हें भारत का पहला मरणोपरांत भारत रत्न का पुरस्कार भी मिला था जो इस बात को साबित करता है कि शास्त्री जी की सेवा अमूल्य है.

लालबहादुर शास्त्री का निधन
लेकिन दुख की बात है कि लाल बहादुर शास्त्री को वह इज्जत नहीं मिली, जिसके वह हकदार थे. रुस के ताशकंद में हुई शास्त्री जी की रहस्यमय मौत को आज 52 साल पूरे हो गए हैं, लेकिन उनकी मौत के रहस्य से आज तक पर्दा नहीं उठ सका है ! बता दें कि साल 1966 में पाकिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति अयूब खान ने लाल बहादुर शास्त्री के नेतृत्व को कमजोर आंकते हुए भारत पर हमला बोल दिया. लेकिन विनम्र स्वभाव के शास्त्री जी ने कमाल की जीवटता का परिचय देते हुए भारतीय सेना का ऐसा मनोबल बढ़ाया कि पाकिस्तान को मुंह की खानी पड़ी.

जब 1966 के युद्ध में भारत की सेना जीतते हुए लाहौर के नजदीक तक पहुंच गई, तो घबराए हुए पाकिस्तान ने अमेरिका और रुस से मदद की गुहार लगायी. जिस पर अमेरिका और रुस ने भारत और पाकिस्तान के बीच सीज फायर कराया और रुस के शहर ताशकंद में शांति समझौता कराया. लेकिन इस समझौते के अगले दिन ही लाल बहादुर शास्त्री की ताशकंद में ही मौत हो गई. बताया गया कि शास्त्री जी की मौत हार्ट अटैक के कारण हुई. लेकिन शास्त्री जी के परिवार का कहना था कि उनकी मौत जहर के कारण हुई और उन्होंने मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की भी मांग की. हैरानी की बात है कि शक होने के बावजूद लाल बहादुर शास्त्री के शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया.

सभी शिक्षक को शिक्षक दिवस की हार्दिक बधाइयां एवं शुभकामनायें।                                  🙏🙏
05/09/2020

सभी शिक्षक को शिक्षक दिवस की हार्दिक बधाइयां एवं शुभकामनायें।
🙏🙏

14/08/2020

Celebrate independence day

In India, August 15 marks the occasion of Independence Day and this year we are celebrating 74 years of independence from the British Rule. Indians won their freedom on August 15, 1947. Men, women and children laid down their lives with pride in uprisings against the Britishers and to successfully drive them out of the motherland.
The sheer depth of pride felt by every Indian as they look at their country’s tricoloured flag unfurl, is a sight to behold. Unfortunately, due to the ongoing coronavirus pandemic, these flag hoisting ceremonies will not be organised this Independence Day, but citizens are encouraged to do the same in their own homes and with family only in lieu of social distancing.

Address

Giridih
815315

Opening Hours

Monday 9am - 3pm
Tuesday 9am - 3pm
Wednesday 9am - 3pm
Thursday 9am - 3pm
Friday 9am - 3pm
Saturday 9am - 1pm

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when K.M.D Memorial Public Schools posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Shortcuts

Share

Category