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26/03/2024

04/12/2023
15/09/2022

Important Questions

1.मानव विकास कौन से सूचकांक में सम्मिलित होता है— जीवन संभाव्यता एवं शिक्षा कर स्तर

2. भारत में सबसे जायादा मात्रा में खाद्यान्न का उत्पादन किसका होता है— चावल

3. इण्डिया इज फोर सेल पुस्तक किसने लिखी। - चित्रा सुब्रह्मण्यम
4. रुपए का सबसे पहले अवमूल्यन कब हुआ— 20 सितंबर, 1949

5. दूसरी बार रुपए का अवमूल्यन किस साल हुआ— 6 जून, 1966

6. रुपए का तीसरी बार अवमूल्यन किस साल हुआ— 1 जुलाई, 1991

7. विदेशों में विदेशी बैंकों के साथ विदेशी मुद्रा के रुप में भारतीय बैंक जो खाता रखता उसे क्या कहते हैं— नोस्ट्रो एकाउंट्स

8. भारत में मुद्रास्फीति की गणना किस आधार की जाती है— थोक मूल्य सूचकांक

9. जिस स्थिति में मुद्रा के मूल्य में वृद्धि होती है तथा वस्तुओं एवं सेवाओं की कीमतों में गिरावट होती है वह स्थिती है— मुद्रा संकुचन या अवस्फीति
10.1950-51 में भारत के सकल घरेलू उत्पाद में कृषि का योगदान कितना प्रतिशत होता था— 52.2 प्रतिशत

11. रबी की फसलों की बुआई किस समय की जाती है — अक्टूबर, नवंबर, दिसंबर

12. खरीफ की फसलों की बुआई किस समय की जाती है— जून-जुलाई

13. खरीफ की फसलों में कौन कौन सी फसले आती है— ज्वार, बाजरा, मक्का, तिल, मूँगफली, अरहर आदि

14. जायद की फसलों को किस समय पैदा किया जाता है— मार्च से जुलाई के मध्य

15. जायद फसले कौन कौन सी होती है— तरबूज, खरबूज, ककड़ी तथा पशुचारा

16. व्यापारिक या नकदी फसलें कौन-सी कौन-सी होती हैं— कपास, गन्ना, तिलहन, चाय, जूट तथा तंबाकू

17. देश में कृषि मे कैसे उर्वरकों का सर्वाधिक उपयोग होता है— नाइट्रोजनी

18. भारत की अर्थव्यवस्था कैसी है— मिश्रित अर्थव्यवस्था

19. मिश्रित अर्थव्यवस्था का क्या अर्थ है— सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र का साथ-साथ होना

20. आर्थिक दृष्टि से भारत कैसा देश है— विकासशील

21. भारतीय अर्थव्यवस्था में कौन-से क्षेत्र की हिस्सेदारी सकल राष्ट्रीय उत्पाद में सबसे अधिक है— तृतीयक क्षेत्र

22. क्रयशक्ति समता (Purchasing Power Parity-PPP) के आधार पर विश्व में भारतीय अर्थव्यवस्था का कौन-सा स्थान है— तीसरा

23. भारत की कुल श्रमशक्ति का कितना भाग कृषि में लगा है— 52

24. भारत में बेरोजगारी के आंकड़े कौन एकत्रित व प्रकाशित करता है— राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण संगठन (एनएसएसओ)

25. राष्ट्रीय ग्रामीण विकास संस्थान कहाँ स्थित है— हैदराबाद

26. संरचनात्मक बेरोजगारी का प्रमुख कारण क्या है— अपर्याप्त उत्पादन क्षमता

27. योजना आयोग किसके सवेक्षण के आधार पर गरीबी की रेखा से नीचे के लोगों का आकलन करता है— राष्ट्रीय नमुना सर्वेक्षण संगठन (एनएसएसओ)

28. अंतोदय कार्यक्रम का उद्देश्य क्या है— गरीबों में से अधिक गरीब की मदद करना

29. कुटीर ज्योति योजना क्या है— ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी की रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवार को निःशुल्क विद्युत सुविधा देना

30. वर्ल्ड डवलपमेंट रिपोर्ट किसका वार्षिक प्रकाशन है— विश्व बैंक

31. बंद अर्थव्यवस्था का अर्थ क्या है— आयत-निर्यात बंद भारत में प्रच्छन्न बेरोजगारी सामान्यतः कहाँ दिखाई पड़ती है— कृषि में

33. भारत में निर्धनता के स्तर का आकलन किससे किया जाता है— परिवार के उपभोग व्यय के आधार पर

34. हरित सूचकांक किसके द्वारा विकतिस किया गया था— संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम

35. भारतीय अर्थव्यवस्था के उदारीकरण का अग्रदूत किसे माना जाता है— डॉ. मनमोहन सिंह

36. अर्थव्यवस्था में क्षेत्रों को सार्वजनिक और निजी में किस आधार पर वर्गीकृत किया जाता है— उद्यमों के स्वामित्व के आधार पर

37. भारतीय में सर्वप्रथम राष्ट्रीय आय का अनुमान किसने लगाया था— दादाभाई नौरोजी ने

38. भारत राष्ट्रीय आय की गणना कौन करता है— केंद्रीय सांख्यिकीय संगठन

39. ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी के आकलन के लिए किस सूचकांक को आधार माना गया है— कृषि श्रमिकों का उपभोक्त मूल्य सूचकांक

40.सर्वोदय योजना के संस्थापक कौन थे— जय प्रकाश नारायण

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11/09/2022

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14/08/2022

सामान्य ज्ञान प्रश्न उतर

1 किस क्षेत्र में उत्कृष्टता के लिए शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार दिया जाता है? विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी

2 हिन्दी में लिखी गई प्रसिद पुस्तक ‘राग दरबारी’ किसने लिखी है? श्रीलाल शुक्ल

3 विलास वस्तुओं में क्रय के लिए बैंको द्वारा किस प्रकार का ऋण दिया जाता है? उपभोग ऋण

4 सुश्री हेली थोर्निंग श्मिड्ट किस देश की पहली महिला प्रधानमंत्री हैं? डेनमार्क

5 पुस्तक ‘लास्ट मैन इन दि टावर’ का लेखक कौन है? अरविंद अडिगा

6 UNSCEO ने निम्नलिखित में से किस दिन को ‘अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस’ घोषित किया था? 8 सितंबर

7 प्रादेशिक सेना में एम.एस. धोनी को कौन.सी मानद पदवी दी गई है? लेफ्टिनेंट कर्नल

8 भारत में खुदरा ऋण का सर्वाधिक प्रतिशत किसका है? आवास ऋण

9 प्रसिद्ध रशियन क्लासिक पुस्तक ‘दि मदर’ का लेखक कौन है? मैक्सिम गोर्की

10 मध्य प्रदेश की राजधानी निम्नलिखित में से कौन.सी है? भोपाल

11 सूचना की उस सबसे छोटी इकाई को क्या कहते हैं, जिसे कंप्यूटर समझ व प्रोसैस कर सकता है? बिट

12 माॅनिटर के डिस्प्ले आकार को कैसे मापा जाता है? डायगोनली

13 प्रिंटर, कीबोर्ड और मोडम जैसी बाहरी डिवाइसें क्या कहलाती हैं? पेरिफेरल्स

14 माउस के दो मानक बटनों के बीच स्थित व्हील का क्या प्रयोग होता है? स्क्राॅल करना

15 संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना कब की गई थी? 24 अक्टूबर 1945

16 कोणार्क का सूर्य मन्दिर नरसिंह देव प्रथम ने बनवाया था। वे किस राजवंश से थे? शाही गंगा राजवंश

17 लहसुन की विशिष्ट गंध निम्नलिखित में से किस एक के कारण है? सल्फरयुक्त यौगिक

18 कार.चालक की सुरक्षा के लिए प्रयोग में आने वाले वायु.थैले (एयरबैग) में क्या होता है? सोडियम ऐजाइड

19 बिग.बैंग सिद्धान्त का प्रथम प्रमाण किसने दिया? एड्विन हबन

20 एशियाटिक सोसायटी का संस्थापक कौन था? विलियम जोन्स

21 भारत में कौन.से क्षेत्र में सुल्तान जेन.उल आबिदीन का शासन था? कश्मीर

22 संविधान के कौन.से अनुच्छेद के अधीन भारत के राष्ट्रपति पर महाभियोग चलाया जा सकता है? अनुच्छेद 61

23 महासागर सतह पर सबसे गहरा बिन्दु कौन.सा है? चैलेंजर द्वीप

24 सोने की शुध्दता को मापने के लिए ‘कैरेट’ शब्द का प्रयोग किया जाता है। सोने का शुध्दता रूप

क्या है? 24 कैरेट

25 वर्ष 1976 में आपातकालीन की उद्घोषणा के समय भारत का राष्ट्रपति कौन था? फखरुद्दीन अली अहमद

26 फ्रांसिस्को डी अलमिडा कौन था? भारत में पुर्तगाली वाइसराय

27 ‘दि लास्ट मुगल.दि फाॅल आॅफ ए डाइनेस्टी, दिल्ली, 1857’ नामक पुस्तक का लेखक कौन है? विलियम डैलरिम्पल

28 पेंट उद्योग के श्रमिकों को किस प्रकार प्रदूषण के जोखिम का सामना करना पड़ता है? सीसा प्रदूषण

29 बीड़ी लपेटने वाले आच्छादन के रूप में प्रयोग आने वाले पत्ते किससे प्राप्त होते हैं? तेंदू

30 ‘टु ए हंगर फ्री वल्र्ड’ पुस्तक के लेखक कौन हैं? एम.एस. स्वामीनाथन

31 1962 के भारत.चीन युद्ध के दौरान भारत के रक्षा मंत्री कौन थे? वी. के. कृष्ण मेनन

32 कोर्टेस जेनेरेल्स निम्नलिखित देशों में से किसकी पार्लियामेंट है? स्पेन

33 पृथ्वी के तल से तुल्यकाली उपग्रह की ऊँचाई लगभग कितनी है? 35000 कि.मी.

34 भारत में शून्य के संप्रत्यय सहित दशमिक संख्यात्मक प्रणाली की खोज कौन.से राजवंश के

दौरान हुई? गुप्त

35 किसी लकड़ी की बनी पुरानी मूर्ति की आयु किसका प्रयोग कर जानी जा सकती है? कार्बन कालनिर्धारण

36 कौन.सा एक विटामिन अमरूद में प्रचुरता से मिलता है? विटामिन C

37‘काॅन्क्वेस्ट आॅफ सेल्फ’ पुस्तक के लेखक कौन है? महात्मा गाँधी

38 भारत के संविधान की किस अनुसूची में वे तीन सूचियां हैं, जो संघ और राज्यों के बीच शक्तियों

का विभाजन करती हैं? सांतवीं

39 एशियाई खेल.2014 में कहाँ हुए ? इंचियोन

40 स्फिग्मोमैनोमीटर से क्या मापा जाता है? रक्त दाब

41 लाॅन टेनिस खिलाड़ी बोर्न बाॅर्ग किस देश का है? स्वीडन

42 वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार विश्व की कुल जनसंख्या में भारत की हिस्सेदारी कितने

प्रतिशत है? 17. 5 प्रतिशत

43 1939 में कांग्रेस की अध्यक्षता हेतु महात्मा गाँधी ने किसे सुभाष चन्द्र बोस के विरुद्ध नामित किया? पट्टाभि सीतारमैया

44 अंग्रेजी ईस्ट इंडिया कंपनी का प्रतिनिधि कैप्टन हाॅकिंस किसके राजदरबार में राजकीय अनुग्रह

प्राप्त करने के लिए उपस्थित हुआ था? जहांगीर

45 भारत में 1946 में लाॅर्ड वावेल ने किसको अंतरिम सरकार गठित करने के लिए आमंत्रित किया था? जवाहरलाल नेहरू

46 डब्ल्यू. सी. रैंड कौन था, जिसकी वर्ष 1897 में चापेकर बन्धुओं ने हत्या की थी? पूना प्लेग कमीशन का

चैयरमैन

47 किस वायसराॅय के काल में वर्नाकुलर प्रेस एक्ट निरस्त किया गया? लाॅर्ड रिपन

48 रवीन्द्रनाथ टैगोर ने किसके विराध में नाइटहुड का त्याग कर दिया था? जलियांवाला बाग हत्याकांड

49 ‘सर्वहारावर्ग का अधिनायकत्व’ शब्दों का निर्माण किसने किया? कार्ल माक्र्स

50 डी.आर.डी.ओ. द्वारा विकसित अग्नि.5 मिसाइल की मारक क्षमता कितने कि.मी. तक है? 5000 किलोमीटर

51 भारत में वर्ष 1780 में कौन.सा पहला अंग्रेजी अखबार था? दि बेंगाॅल गजट

52 किस भारतीय रियासत ने 15 अगस्त 1947 को भारतीय संघ में अधिमिलन किया? हैदराबाद

53 कौन राममोहन राय के तत्काल बाद ब्रह्म समाज का प्रमुख बना? देवेन्द्रनाथ टैगोर

54 पुस्तक ‘बैंकर टु द पुअर’ के लेखक कौन हैं? मुहम्मद यूनुस

55 मानव शरीर में किस ग्रन्थि में आयोडीन संगृहीत होता है? थाॅयराड

56 नेशनल इंस्टीट्यूट आॅफ ओशन टेक्नोलाॅजी कहां अवस्थित है? चेन्नई

57जनगणना 2011 के अनुसार भारत में प्रति हजार पुरुषों पर महिलाओं की संख्या कितनी है? 940

58 विश्व में कपास का सर्वाधिक कृषि क्षेत्र किस देश का है? भारत

59 हमारे सामने विधमान सभी मामलों में कृषि मामला सबसे पहले आता है। यह कथन किसका है? जवाहरलाल नेहरू

60अजलान शाह हाॅकी टूर्नामेंट की मेजबानी कौन.सा देश करता है? मलेशिया

61 ब्लैक बाॅक्स रिकाॅर्डर का आविष्कार किसने किया? डेविड वारेन

62अमृतसर की संधि निम्नलिखित में से किसके और महाराजा रंजीत सिंह के बीच संपादित हुई? लाॅर्ड मिंटो

63भारत के संविधान के अनुच्छेद 371 के संदर्भ में निम्नलिखित में से किस राज्य के राज्यपाल का

राज्य के कानून एवं व्यवस्था के विषय में विशेष उत्तरदायित्व है? नागालैंड

64 राजभाषा विभाग किस मंत्रालय के अधीन आता है? गृह मंत्रालय

65 कूनूर का पर्वतीय स्टेशन किस राज्य में स्थित है? तमिलनाडु

66 किस राज्य में रंगनाथित्तु पक्षी अभयारण्य स्थित है? कर्नाटक

67 किसके कारण कुहासा होता है? संघनन

14/08/2022

GK Questions For All Examination

● दिल्ली में केंद्रीय सचिवालय के उत्तरी और दक्षिणी खंडों का वास्तुविद कौन था— एडवर्ड लुटियंस
● ‘भूदान आंदोलन’ किसने चलाया— विनोबा भावे
● भारत का राष्ट्रीय पंचांग किस संवत् पर आधारित है— शक संवत्
● भारत के राष्ट्रीय ध्वज का डिजाइन किसके तैयार किया था— पिंगली वैंकेया
● सर्वप्रथम किस भारतीय को नोबेल पुरस्कार मिला था— रवींद्र नाथ टैगोर
● ‘स्वदेश वाहनी’ के संपादक कौन थे— के. रामकृष्ण पिल्लै
● ‘इंडियन ओनेस्ट’ का लेखक कौन है— वेलेंटाइन शिरोल
● 1878 ई. का वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट किसने रद्द किया— लॉर्ड रिपन ने
● ‘विश्व इतिहास की झलक’ के रचियता कौन हैं— जवाहरलाल नेहरू
● 27 दिसंबर, 1911 ई. को जन-गण-मन…… कहाँ पर गाया गया था— कोलकाता
● भारत में पहला समाचार पत्र किसने शुरू किया— जेम्सस हिक्की ने
● ‘पोस्ट ऑफिस’ के लेखक कौन हैं— रवींद्र नाथ टैगोर
● भारतीय राजनीति में 1947 ई. के बाद किस महिला ने सर्वाधिक योगदान दिया— अरुणा आसफ अली
● तत्कालीन उड़ीसा किस वर्ष बिहार से पृथक हुआ— 1936 ई.
● सैडलर आयोग का संबंध किससे था— शिक्षा से
● नागरिकों की सेवाओं के लिए प्रतियोगी परीक्षा प्रणाली कब आंरभ हुई— 1853 ई.
● भारत में सर्वप्रथम किसके अंतर्गत सर्वोच्च न्यायालय की स्थापना हुई— रेग्यूलेटिंग एक्ट 1773 ई.
● भारत में सर्वप्रथम किस स्थान पर सर्वोच्च न्यायालय की स्थापना हुई— कलकत्ता
● बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के संस्थापक कौन थे— मदन मोहन मालवीय
● भारत में मुसलमानों की उच्च शिक्षा के लिए किसका योगदान सर्वाधिक है— सर सैय्ययद अहमद खाँ

● ‘गोल्डेन थ्रेशहोल्ड’ नामक कविता संग्रह किसकी रचना है— सरोजनी नायडू
● माँटेग्यू-चेम्सफोर्ड की रिर्पाट किसका आधार बनी— भारत सरकार अधिनियम 1919
● कांग्रेस नेताओं में कौन-सा नेता कैबिनेट मिशन योजना के पक्ष में पूर्ण रूप से था— सरदार पटेल
● भारत में ब्रिटेन के सभी नियमों में सबसे कम समय कौन-सा नियम चला— 1909 का इंडियन कौंसिल एक्ट
● ‘सोम प्रकाश’ नामक समाचार पत्र किसने आरंभ किया— ईश्वर चंद्र विद्यासागर
● आर्य महिला सभा किसने की थी— पंडित रमाबाई
● ‘वीमेंस इंडिया एसोसिएशन’ की स्थापना कब व किसने की— 1917 ई., सदा शिव अय्यर ने
● सर्वप्रथम ‘प्रेस सेंसरशिप’ लागू किसने की— लॉर्ड वेलेजली
● किस एक्ट के अंतगर्त भारत के गवर्नर जनरल को अध्यादेश जारी करने की शक्ति प्रदान की गई— इंडियन कौंसिल एक्ट 1861
● कांग्रेस का विभाजन गरमदल व नरमदल में कब हुआ— 1907 ई.
● आजाद हिंद फौज की स्थापना किसने की— रासबिहारी बोस
● भारत का विभाजन जब हुआ तो वायसराय कौन था— लॉर्ड माऊंटबेटन
● कांग्रेस ने पूर्ण स्वराज्य की माँग कब की— 31 दिसंबर, 1929
● ‘क्रिप्स मिशन’ भारत कब आया— 1942
● सर्वप्रथम मुसलमानों के लिए पृथक राज्य का सुझाव किसने दिया— शायर इकबाल ने
● मोपला विद्रोह कब हुआ— 1921
● भारत और अफगानिस्तान के मध्य सीमा रेखा का निर्धारण किसके काल में हुआ— लॉर्ड लैंसडाऊन के काल में
● विश्व भारती की स्थापना कब व किसने की— 1912 में रवींद्र नाथ टैगोर ने
● भगत सिंह को फाँसी की सजा सुनाने वाला न्यायाधीश कौन था— जी. सी. हिल्टन
● ‘भवानी मंदिर’ नामक पुस्तक किसने लिखी— बरिन्द्र कुमार घोष ने
● ‘नया पोस्ट ऑफिस एक्ट’ कब पारित हुआ— 1854 में
● 1857 के संग्राम में भारत का बादशाह किसे घोषित किया गया— बहादुरशाह जफर को

25/07/2022

Sociology Questions

* मुख्य बिन्दु

1. जनसंख्या सिर्फ अलग-अलग असंबंधित व्यक्तियों का जमघट नहीं है। परन्तु यह विभिन्न प्रकार के आपस में संबंधित वर्गों व समुदाय से बना समाज है।

2. भारतीय समाज की तीन प्रमुख संस्थाएँ - जाति, जनजाति, परिवार।

3. जाति : जाति एक ऐसी सामाजिक संस्था है जो भारत में हजारों सालों से प्रचलित है।

4. उपनिवेशवाद तथा जाति व्यवस्था:- आधुनिक काल में जाति पर औपनिवेशिक काल व स्वतंत्रता के बाद का प्रभाव है। ब्रिटिश शासकों के कुशलता पूर्वक शासन करने के लिए जाति व्यवस्था की जटिलताओं को समझने का प्रयास किया। 1901 में हरबर्ट रिजले ने जनगणना शुरु की जिसमें जातियाँ गिनी गई।

भूराजस्व व्यवस्था व उच्च जातियों को वैध मान्यता दी गई।

प्रशासन ने पददलित जातियों, जिन्हें उन दिनों दलित वर्ग कहा जाता था, के कल्याण में भी रूचि ली।

भारत सरकार का अधिनियत 1935, में अनुसूचित जाति व जनजाति को कानूनी मान्यता दी गई। इसमें उन जातियों को शामिल किया गया जो औपनिवेशिक काल में सबसे निम्न थी। इनके कल्याण की योजनाएँ बनीं।

5. जाति का समकालीन रूप : आजाद भारत में राष्ट्रवादी आन्दोलन हुए, जिनमें दलितों को संगठित किया गया। ज्योतिबा फूले, पेरियार, बाबा अम्बेडकर इन आन्दोलनों के अग्रणी थे।

6. संस्कृतिकरण :- ऐसी प्रक्रिया जिसके द्वारा (आमतौर पर मध्यम निम्न) निम्न जाति के सदस्य उच्च जाति की धार्मिक क्रियाएँ, घरेलू या सामाजिक परिपाटियों को अपनाते हैं, संस्कृतिकरण कहलाती है। एम.एन. श्री निवास ने संस्कृतिकरण व प्रबल जाति की संकल्पना बनाई।

प्रबल जाति :- वह जाति जिसकी संख्या बड़ी होती है, भूमि के अधिकार होते हैं तथा राजनैतिक, सामाजिक व आर्थिक रूप से प्रबल होते हैं, प्रबल जाति कहलाती है। बिहार में यादव, कर्नाटक में बोक्कलिंग, महाराष्ट्र में मराठी आदि।

7. समकालीन दौर में जाति व्यवस्था उच्च जातियों, नगरीय मध्यम व उच्च वर्गों के लिए अदृश्य होती जा रही है।

8. जनजातीय समुदाय :- जनजातियाँ ऐसे समुदाय थे जो किसी लिखित धर्मग्रन्थ के अनुसार किसी धर्म का पालन नहीं करते। ये विरोध का रास्ता गैर जनजाति के प्रति अपनाते हैं। इसी का परिणाम है कि झारखण्ड व छत्तीसगढ़ बन गए।

9. परिवार :- सदस्यों का वह समूह जो रक्त, विवाह या गौत्र संबंधों पर नातेदारों से जुड़ा होता है।

10. नातेदारी :- नातेदारी व्यवस्था में समाज द्वारा मान्यता प्राप्त वे संबंध आते हैं जो अनुमानित और रक्त संबंधों पर आधारित हों - जैसे चाचा, मामा आदि।

नातेदारी के प्रकार :-
(अ) विवाह मूलक नातेदारी : जैसे- साला-साली, सास-ससुर, देवर, भाभी आदि।

(ब) रक्तमूलक नातेदारी : जैसे- माता-पिता, भाई-बहन आदि।





प्रश्नावली
प्र० 1. जाति व्यवस्था में पृथक्करण (separation) और अधिक्रम (hierarchy) की क्या भूमिका है?

उत्तर- जाति व्यवस्था के सिद्धांतों को दो समुच्चयों के संयोग के रूप में समझा जा सकता है। पहला भिन्नता और अलगाव पर आधारित है और दूसरा संपूर्णता और अधिक्रम पर। प्रत्येक जाति एक-दूसरे से भिन्न है तथा इस पृथकता का कठोरता से पालन किया जाता है। इस तरह के प्रतिबंधों में विवाह, खान-पान तथा सामाजिक अंतर्सबंध से लेकर व्यवसाय तक शामिल हैं। भिन्न-भिन्न तथा पृथक जातियों का कोई व्यक्तिगत अस्तित्व नहीं है। संपूर्णता में ही उनका अस्तित्व है।
यह सामाजिक संपूर्णता समतावादी होने के बजाय अधिक्रमित है। प्रत्येक जाति का समाज में एक विशिष्ट स्थान होने के साथ-साथ एक क्रम सीढ़ी भी होती है। ऊपर से नीचे जाती एक सीढ़ीनुमा व्यवस्था में प्रत्येक जाति का एक विशिष्ट स्थान होता है।
जाति की यह अधिक्रमित व्यवस्था ‘शुद्धता’ तथा ‘अशुद्धता’ के अंतर पर आधारित होती है। वे जातियाँ जिन्हें कर्मकांड की दृष्टि से शुद्ध माना जाता है, उनका स्थान उच्च होता है और जिनको अशुद्ध माना जाता है, उन्हें निम्न स्थान दिया जाता है। इतिहासकारों का मानना है कि युद्ध में पराजित झेने वाले लोगों को निचली जाति में स्थान मिला।
जातियाँ एक-दूसरे से सिर्फ कर्मकांड की दृष्टि से ही असमान नहीं हैं। बल्कि ये एक-दूसरे के पूरक तथा गैरप्रतिस्पर्धी समूह हैं। इसका अर्थ यह है कि प्रत्येक जाति का इस व्यवस्था में अपना एक स्थान है तथा यह स्थान कोई दूसरी जाति नहीं ले सकती। जाति का संबंध व्यवसाय से भी होता है। व्यवस्था श्रम के विभाजन के अनुरूप कार्य करती है। इसमें परिवर्तनशीलता की अनुमति नहीं होती। पृथक्करण तथा अधिक्रम का विचार भारतीय समाज में भेदभाव, असमानता तथा अन्नायमूलक व्यवस्था की तरफ इंगित करता है।



प्र० 2. वे कौन से नियम हैं, जिनका पालन करने के लिए जाति व्यवस्था बाध्य करती है? कुछ के बारे में बताइए।

उत्तर- जाति व्यवस्था के द्वारा समाज पर आरोपित सर्वाधिक सामान्य नियम अग्रलिखित हैं

• जाति का निर्धारण जन्म से होता है। एक बच्चा अपने माता-पिता की जाति में ही जन्म लेता है। कोई भी न तो जाति को बदल सकता है, न छोड़ सकता है और न ही इस बात का चयन कर सकता है कि वह जाति में शामिल है अथवा नहीं। जाति की सदस्यता के साथ विवाह संबंधी कठोर नियम शामिल होते हैं। जाति समूह ‘सजातीय’ होते हैं तथा विवाह समूह के सदस्यों में ही हो सकते हैं।

•जाति के सदस्यों को खान-पान के नियमों का पालन करना होता है।

• एक जाति में जन्म लेने वाला व्यक्ति उस जाति से जुड़े व्यवसाय को ही अपना सकता है। यह व्यवसाय वंशानुगत होता है।

• जाति में स्तर तथा स्थिति का अधिक्रम होता है। हर व्यक्ति की एक जाति होती है और हर जाति का सभी जातियों के अधिक्रम में एक निर्धारित स्थान होता है।

• जातियों का उप-विभाजन भी होता है। कभी-कभी उप-जातियों में भी उप-जातियाँ होती हैं। इसे खंडात्मक संगठन कहा जाता है।



प्र० 3. उपनिवेशवाद के कारण जाति व्यवस्था में क्या-क्या परिवर्तन आए?

उत्तर- औपनिवेशिक शासनकाल के दौरान जाति व्यवस्था में प्रमुख परिवर्तन आएजाति का वर्तमान स्वरूप प्राचीन भारतीय परंपरा की अपेक्षा उपनिवेशवाद की ही अधिक देन हैं। अंग्रेज प्रशासकों ने देश पर कुशलतापूर्वक शासन करना सीखने के उद्देश्य से जाति व्यवस्था की जटिलताओं को समझने के प्रयत्न शुरू किए। जाति के संबंध में सूचना एकत्र करने के अब तक के सबसे महत्त्वपूर्ण सरकारी प्रयत्न 1860 के दशक में प्रारंभ किए गए। ये जनगणना के माध्यम से किए गए।
सन् 1901 में हरबर्ट रिजले के निर्देशन में कराई गई जनगणना विशेष रूप से महत्त्वपूर्ण थी, क्योंकि इस जनगणना के अंतर्गत जाति के सामाजिक अधिक्रम के बारे में जानकारी इकट्ठी करने का प्रयत्न किया गया अर्थात् श्रेणी क्रम में प्रत्येक जाति का सामाजिक दृष्टि के अनुसार कितना ऊँचा या नीचा स्थान प्राप्त है, इसका आकलन किया गया। अधिकृत रूप से की गई जाति की इस गणना के कारण भारत में जाति नामक संस्था की पहचान और अधिक स्पष्ट हो गई।
भू-राजस्व बंदोबस्ती तथा अन्य कानूनों ने उच्च जातियों के जाति आधारित अधिकारों को वैध मान्यता प्रदान करने का कार्य किया। बड़े पैमाने पर सिंचाई की योजनाएँ प्रारंभ की गईं तथा लोगों को बसाने का कार्य प्रारंभ किया गया। इन सभी प्रयासों का एक जातीय आयाम था। इस प्रकार, उपनिवेशवाद ने जाति संस्था में अनेक प्रमुख परिवर्तन किए। संक्षेप में, अंग्रेज़ों ने निम्नलिखित क्षेत्रों में प्रमुख परिवर्तन किए

(i) जनगणना- भारत की जातियों तथा उप-जातियों की संख्या तथा आकार का पता लगाना।
(ii) समाज के विभिन्न वर्गों के मूल्यों, विश्वासो तथा रीति-रिवाजों को समझना।
(iii) भूमि की बंदोबस्ती।



प्र० 4. किन अर्थों में नगरीय उच्च जातियों के लिए जाति अपेक्षाकृत ‘अदृश्य’ हो गई?

उत्तर- जाति व्यवस्था में परिवर्तन का सर्वाधिक लाभ शहरी मध्यम वर्ग तथा उच्च वर्ग को मिला। जातिगत अवस्था के कारण इन वर्गों को भरपूर आर्थिक तथा शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध हुए तथा तीव्र विकास का लाभ भी उन्होंने पूरा-पूरा उठाया। विशेष तौर से ऊँची जातियों के अभिजात्य लोग आर्थिक सहायता प्राप्त सार्वजनिक शिक्षा, विशेष रूप से विज्ञान, प्रौद्योगिकी, चिकित्सा तथा प्रबंधन के क्षेत्र में, व्यावसायिक शिक्षा से लाभान्वित होने में सफल हुए। इसके साथ ही, स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद के प्रारंभिक दशकों में राजकीय क्षेत्र की नौकरियों में हुए विस्तार को भी लाभ उठाने में सफल रहे। समाज की अन्य जातियों की तुलना में उनकी उच्च शैक्षणिक स्थिति ने उनकी एक विशेषाधिकार वाली स्थिति प्रदान की। अनुसूचित जाति, जनजाति तथा पिछड़े वर्ग की जातियों के लिए यह परिवर्तन नुकसानदेह साबित हुआ। इससे जाति और अधिक स्पष्ट हो गई। उन्हें विरासत में कोई शैक्षणिक तथा सामाजिक थाती नहीं मिली थी तथा उन्हें पूर्व स्थापित उच्च जातियों से प्रतिस्पर्धा करनी पड़ रही थी। वे अपनी जातीय पहचान को नहीं छोड़ सकते हैं। वे कई प्रकार के भेदभाव के शिकार हैं।



प्र० 6. “जनजातियाँ आदिम समुदाय हैं जो सभ्यता से अछूते रहकर अपना अलग-थलग जीवन व्यतीत करते हैं, इस दृष्टिकोण के विपक्ष में आप क्या साक्ष्य प्रस्तुत करना चाहेंगे?

उत्तर- यह मानने का कोई कारण नहीं है कि जनजातियाँ विश्व के शेष हिस्सों से कटी रही हैं तथा सदा से समाज का एक दबा-कुचला हिस्सा रही हैं। इस कथन के पीछे निम्नलिखित कारण दिए जा सकते हैं

1. मध्य भारत में अनेक गोंड राज्य रहे हैं; जैसे – गढ़ मांडला या चाँद।
2. मध्यवर्ती तथा पश्चिमी भारत के तथाकथित राजपूत राज्यों में से अनेक रजवाड़े वास्तव में स्वयं आदिवासी समुदायों में स्तरीकरण की प्रक्रिया के माध्यम से ही उत्पन्न हुए।
3. आदिवासी लोग अकसर अपनी आक्रामकता तथा स्थानीय लड़ाकू दलों से मिलीभगत के कारण मैदानी इलाकों के लोगों पर अपना प्रभुत्व कायम करते हैं।
4. इसके अतिरिक्त कुछ विशेष प्रकार के व्यापार पर भी उनका अधिकार था; जैसे- वन्य उत्पाद, नमक और हाथियों का विक्रय।

जनजातियों को एक आदिम समुदाय के रूप में प्रमाणित करने वाले तथ्य

1. सामान्य लोगों की तरह जनजातियों का कोई अपना राज्य अथवा राजनीतिक पद्धति नहीं है।
2. उनके समाज में कोई लिखित धार्मिक कानून भी नहीं है।
3. न तो वे हिंदू हैं न ही खेतिहर।
4. प्रारंभिक रूप से वे खाद्य संग्रहण, मछली पकड़ने, शिकार, कृषि इत्यादि गतिविधियों में संलिप्त रहे हैं।
5. जनजातियों का निवास घने जंगलों तथा पहाड़ी क्षेत्रों में होता है।



प्र० 7. आज जनजातीय पहचानों के लिए जो दावा
किया जा रहा है, उसके पीछे क्या कारण है?

उत्तर- • जनजातीय समुदायों का मुख्यधारा की प्रक्रिया में बलात् समावेश को प्रभाव जनजातीय संस्कृति तथा समाज पर ही नहीं, अर्थव्यवस्था पर भी पड़ा है। आज जनजातीय पहचान का निर्माण अंत:क्रिया की प्रक्रियाओं द्वारा हो रहा है।

• अंत:क्रिया की प्रक्रिया का जनजातियों के अनुकूल नहीं होने के कारण आज अनेक जनजातियाँ गैरजनजातीय जगत् की प्रचंड शक्तियों के प्रतिरोध की विचारधारा पर आधारित हैं।

• झारखंड तथा छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों के गठन के कारण जो सकारात्मक असर पड़ा, वह सतत् समस्याओं के कारण नष्ट हो गया। पूर्वोत्तर राज्यों के बहुत से नागरिक एक विशेष कानून के अंतर्गत रह रहे हैं, जिसमें उनके नागरिक अधिकारों को सीमित कर दिया गया है। समस्त विद्रोह के दमन । के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कठोर कदम तथा फिर उनसे भड़के विद्रोहों के दुष्चक्र ने पूर्वोत्तर राज्यों की अर्थव्यवस्था, संस्कृति और समाज को भारी हानि पहुँचाई है।

• शनैः-शनैः उभरते हुए शिक्षित मध्यम वर्ग ने आरक्षण की नीतियों के साथ मिलकर एक नगरीकृत व्यावसायिक वर्ग का निर्माण किया है, क्योंकि जनजातीय समाज में विभेदीकरण तेजी से बढ़ रहा है, विकसित तथा अन्य के बीच विभाजन भी बढ़ रहा है। जनजातीय पहचान के नवीनतम आधार विकसित हो रहे हैं।

• इन मुद्दों को हम दो प्रकार से वर्गीकृत कर सकते हैं। पहला भूमि तथा जंगल जैसे महत्त्वपूर्ण आर्थिक संसाधनों पर नियंत्रण से संबंधित है, दूसरा मुद्दा जातीय संस्कृति की पहचान को लेकर है।



प्र० 8. परिवार के विभिन्न रूप क्या हो सकते हैं?

उत्तर- परिवार एक महत्त्वपूर्ण सामाजिक संस्था है। चाहे वो एकल परिवार हो अथवा विस्तारित, यह कार्य निष्पादन का स्थान है। हाल के दिनों में परिवार की संरचना में काफी परिवर्तन हुए हैं। उदाहरण के तौर पर, सॉफ्टवेयर उद्योग में कार्य कर रहे लोग जब कार्य समय के कारण बच्चों की देखरेख नहीं कर पाते हैं, तो दादा-दादी, नाना-नानी को बच्चों की देखभाल करनी पड़ती है। परिवार का मुखिया स्त्री अथवा पुरुष हो सकते हैं। बेहतर की खोज माता या पिता ही कर सकते हैं। परिवार के गठन की यह संरचना आर्थिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक तथा शैक्षिक जैसे बहुत सारे कारकों पर निर्भर करती है।

आज जो हम परिवार की संरचना में परिवर्तन देखते हैं, उसका कारण है :-
(i) समलैंगिक विवाह
(ii) प्रेम विवाह

एकल परिवार:- इसमें माता-पिता तथा उनके बच्चे शामिल होते हैं।

विस्तारित परिवार:- इसमें एक से अधिक दंपति होते हैं। तथा अकसर दो से अधिक पीढ़ियों के लोग एक साथ रहते हैं। विस्तृत परिवार भारतीय होने का सूचक है।

परिवार के विविध रूप-
(i) मातृवंशीय-पितृवंशीय (निवास के आधार पर)
(ii) मातृवंशीय तथा पितृवंशीय (उत्तराधिकार के नियमों के आधार पर)
(iii) मातृसत्तात्मक तथा पितृसत्तात्मक (अधिकार के आधार पर)



प्र० 9. सामाजिक संरचना में होने वाले परिवर्तन पारिवारिक संरचना में किस प्रकार परिवर्तन ला सकते हैं?

उत्तर- परिवार की संरचना को एक सामाजिक संस्था के रूप में देखा जा सकता है। इसे अन्य सामाजिक संस्थाओं के साथ संबंध के रूप में भी देखा जा सकता है।

• परिवार की आंतरिक संरचना का संबंध आमतौर पर समाज की अन्य संरचनाओं से होता है; जैसे-राजनीतिक, आर्थिक, सांस्कृतिक इत्यादि। अतएव परिवार के सदस्यों के व्यवहारों में कोई भी महत्त्वपूर्ण परिवर्तन समाज के स्वभाव में परिवर्तन ला सकता है। उदाहरण के तौर पर, सॉफ्टवेयर उद्योग में कार्य कर रहे युवा माता-पिता अपनी कार्य-अवधि के दौरान यदि अपने बच्चों की देखभाल न कर पाएँ तो घर में दादा-दादी, नाना-नानियों की संख्या उनके बच्चों की देखभाल करने हेतु बढ़ जाएगी।

• इसके द्वारा परिवार का गठन तथा इसकी संरचना में परिवर्तन होते हैं।

• परिवार (निजी स्तर) का संबंध आर्थिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक तथा शैक्षिणिक (सार्वजनिक स्तर) से होता है।

• कभी-कभी परिवार में परिवर्तन तथा तत्संबंधी समाज में परिवर्तन अप्रत्याशित रूप से भी अपघटित होता है; जैसे- युद्ध अथवा दंगों के कारण लोग सुरक्षा कारणों से काम की तलाश में प्रवासन करते हैं।

• कभी-कभी इस तरह के परिवर्तन किसी विशेष प्रयोजन से भी होते हैं- जैसे; स्वतंत्रता तथा विचारों के खुलेपन के कारण लोग अपने रोजगार, जीवन-साथी तथा जीवन-शैली का चुनाव करते हैं। इस तरह के परिवर्तन भारतीय समाज में बारंबार होते रहे हैं।



प्र० 10. मातृवंश (Matriliny) और मातृतंत्र (Matriarchy) में क्या अंतर है? व्याख्या कीजिए।

उत्तर- मातृवंश तथा मातृतंत्र

• मेघालय के समाज की खासी, जैतिया तथा गारो जनजातियों तथा केरल के नयनार जाति के परिवार में संपत्ति का उत्तराधिकार माँ से बेटी को प्राप्त होता है। भाई अपनी बहन की संपत्ति की देखभाल करता है तथा बाद में बहन के बेटे को प्रदान कर देता है।

• मातृवंश पुरुषों के लिए गहन द्वंद्व की स्थिति उत्पन्न करता है। इसका कारण यह है कि पुरुष अपने घर में उत्तरदायित्वों के निर्वहन के द्वंद्व में फँस जाते हैं। वे सोचते हैं कि मैं अपनी पत्नी और बच्चों की तरफ ज्यादा ध्यान दें कि अपनी बहन के परिवार पर।

• यह भूमिका द्वंद्व महिलाओं में भी समान रूप से होता है। उनके पास केवल प्रतीकात्मक अधिकार होता है। असली सत्ता पुरुषों के पास ही होती है। मातृवंश के बावजूद शक्ति का केंद्र पुरुष ही होते हैं।

• इस तरह के समाजों में महिलाएँ अपने अधिकारों का प्रयोग करती हैं तथा एक प्रभावशाली भूमिका का निर्वहन करती हैं।

• किंतु व्यावहारिक रूप से यह एक सैद्धांतिक अवधारणा ही बनकर रह जाती है, क्योंकि स्त्रियों को कभी भी वास्तविक प्रभुत्वकारी शक्ति प्राप्त नहीं होती।

• वास्तविक रूप में यह मातृवंशीय परिवारों में भी विद्यमान नहीं है।

02/06/2022

भारत की नदियाँ

- 1.सिन्धु नदी सिंधु नदी को इंडस नदी भी कहा जाता है। इस नदी का उद्गम तिब्बत स्थित मानसरोवर झील से हुआ है। सिंधु नदी तिब्बत, भारत तथा पाकिस्तान में बहते हुए अरब सागर में मिल जाती है। सिंधु नदी की कुल लंबाई लगभग 2880 किमी है तथा यह भारत में 992 किमी लम्बी है। सिंधु नदी की प्रमुख सहायक नदियों झेलम , चेनाब , रावी , व्यास एवं सतलज है ।

2.झेलम नदी झेलम नदी का उद्गम कश्मीर घाटी की शेषनाग झील के निकट बेरनाग नामक स्थान से हुआ है। वूलर झील में मिलने के बाद यह पाकिस्तान में प्रवेश करती हैं तथा चेनाब नदी में मिल जाती है। झेलम नदी की की कुल लंबाई 724 किमी है एवं भारत में इसकी लंबाई 400 किमी है 3.व्यास नदी इस नदी का उद्गम हिमालय के रोहतांग दर्रे के समीप व्यास कुण्ड से हुआ है । यह कुल लंबाई 470 किमी तय करते हुए पंजाब में सतलज नदी में मिल जाती है।

4.चेनाब नदी चेनाब नदी हिमाचल प्रदेश के लाहौल के बारालाचा दर्रे से निकलती हैं। यह पीर पंजाल के समांतर बहते हुए किशतबार के निकट पीर पंजार में गहरा गार्ज बनाती है। भारत में चेनाब नदी की लंबाई 1180 किमी है। यह पाकिस्तान में जाकर सतलज नदी में मिल जाती है।

5.रावी नदी रावी नदी हिमाचल प्रदेश के रोहतांग दर्रे से निकलती है एवं पाकिस्तान के मुल्तान के समीप चेनाब नदी में मिल जाती है। इस नदी की लंबाई 720 किमी है।

6.सतलज नदी सतलज नदी का उद्गम तिब्बत स्थित मानसरोवर झील के निकट राक्षसताल से हुआ है। यह नदी अपने उद्गम स्थल से 1500 किमी दूरी तय करके पाकिस्तान में चेनाब नदी में मिल जाती है। भारत में सतलज नदी की लंबाई 1050 किमी है। प्रसिद्ध भाखड़ा - नागल बांध सतलज नदी पर ही बना है।

7.गंगा नदी गंगा नदी का उद्गम उत्तराखण्ड के गोमुख हिमनद के निकट गंगोत्री ग्लेशियर से हुआ है। वास्तव में अलखनन्दा तथा भागीरथी नदी के देवप्रयाग मिलने पर यह गंगा नदी कहलाती है। इलाहाबाद के निकट गंगा से यमुना मिलती है जिसे संगम या प्रयाग कहा जाता है। गंगा नदी दक्षिण - पूर्व की ओर बहते हुए बांग्लादेश में प्रवेश करती है जहां इसे पद्मा कहा जाता है। बांग्लादेश में समुद्र में मिलने से पहले ब्रह्मपुत्र नदी से मिलती है तो इसका नाम मेघना हो जाता है। गंगा नदी की कुल लंबाई 2525 किमी है तथा भारत मे इसकी लंबाई 2510 किमी है । गंगा नदी पश्चिम बंगाल मे विश्व प्रसिद्ध सुंदरवन का डेल्टा का निर्माण करती है। गंगा नदी की प्रमुख सहायक नदी यमुना, सोन, रामगंगा, घाघरा, कोसी, गंडक, इत्यादि हैं।

8.यमुना यमुना नदी गंगा नदी की प्रमुख सहायक नदी है । इस नदी का उद्गम उत्तराखण्ड के यमुनोत्री नामक ग्लेशियर से हुआ है जो बंदरपूछ पहाड़ी पर स्थित है। यमुना नदी के किनारे दिल्ली, मथुरा तथा आगरा जैसे बड़े शहर बसे हुए हैं। यह लगभग 1375 किमी का सफर तय करके इलाहाबाद के निकट प्रयाग में गंगा नदी में मिल जाती है। यमुना नदी की प्रमुख सहायक नदियों में टोंस , चम्बल, बेतवा , केन , तथा काली सिंध आदि शामिल हैं। यमुना नदी को भारत की सबसे अधिक प्रदूषित नदी माना जाता है ।

9.चम्बल चम्बल नदी मध्यप्रदेश के इन्दौर जिले मे स्थित महू के निकट जानापाओ पहाड़ी से निकलती है। यह नदी मध्यप्रदेश राजस्थान होते हुए उत्तर प्रदेश के इटावा जिले मे यमुना नदी में मिल जाती है। चम्बल नदी की लंबाई लगभग 950 किमी है। यह नदी बीहड़ों ( गड्ढे) का निर्माण करती है।

10.घाघरा इस नदी का उद्गम मापचाचुंग ग्लेशियर से हुआ है जो तिब्बत के पठार मे स्थित हैं। यह नेपाल के मध्य से बहती है। हिमालय तथा शिवालिक श्रेणियों को पार करते समय यह राशिपानी नामक स्थान पर गहरी संक्रीर्ण घाटी का निर्माण करती है। घाघरा नदी बिहार मे छपारा के पास गंगा नदी मे मिल जाती है। इस नदी की लंबाई लगभग 1200 किमी है।

11.गोमती गोमती नदी का उद्गम उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले से हुआ है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ इसी नदी के किनारे बसा हुआ है। यह गाजीपुर के निकट गंगा नदी मे मिल जाती ह

ै 12.गण्डक इस नदी का उद्गम नेपाल, तिब्बत की सीमावर्ती पर्वत श्रंखलाओ से हुआ है। नेपाल में इस नदी को शालीग्रमी तथा नारायणी नाम से जाना जाता है। उत्तर प्रदेश तथा बिहार की सीमा मे बहते हुए यह नदी पटना के पास गंगा नदी में मिल जाती है। गण्डक नदी की लंबाई लगभग 425 किमी है।

13.कोसी कोसी नदी का उद्गम प्रारंभिक रुप में सात धाराओ से हुआ जो नेपाल, हिमालय तथा कंचनजंगा पर्वत से निकलती है। इन धाराओ मे सबसे बड़ी धारा का नाम अरुण है जो माउंट एवरेस्ट के पास से निकलती है। बिहार के मैदानी भागों मे बहते हुए यह नदी भागलपुर जिले मे गंगा नदी मे मिल जाती है। कोसी नदी की लंबाई लगभग 750 किमी है। कोसी नदी अपने मार्ग परिवर्तन एवं भयंकर बाढ़ के लिए कुख्यात है। यह प्रतिवर्ष बिहार मे जन धन की अपार क्षति पहुंचाती है इसलिए इसे बिहार का शोक कहा जाता है।

14.दमोदर नदी इस नदी का उद्गम छोटा नागपुर के पठार में स्थित प्लामू पहाड़ी से हुआ है। यह झारखंड से बहती हुई पश्चिम बंगाल में प्रवेश करती है तथा हुगली नदी में मिल जाती है। दमोदर नदी द्वारा पश्चिम बंगाल में बांड से भारी तबाही लाती है , इसलिए इसे पश्चिम बंगाल का शोक कहा जाता है। इस नदी पर दमोदर नदी घाटी परियोजना संचालित है जो अमेरिका की टेन्सी नदी घाटी परियोजना पर आधारित है

15.बेतवा नदी बेतवा नदी का उद्गम मध्यप्रदेश से होता है।यह रायसेन जिले में स्थित कुमारगाँव के निकट विंध्यांचल पर्वत से निकलती है। इस नदी की लंबाई 475 किमी है। यह उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में यमुना नदी मिल जाती है। इस नदी पर माताटीला एवं राजघाट बांध निर्मित है।

16.सोन सोन नदी का उद्गम मध्यप्रदेश में स्थित अमरकंटक की पहाड़ियों से हुआ है। यह मध्यप्रदेश के रीवा एवं सीधी जिलों से बहती हुई उत्तर प्रदेश में प्रवेश करती है तथा पटना के समीप गंगा नदी में मिल जाती है। सोन नदी की लंबाई लगभग 775 किमी है। इस नदी पर बाणसागर परियोजना एवं रिहन्द परियोजना संचालित है।

17.ब्रह्मपुत्र ब्रह्मपुत्र नदी का उद्गम तिब्बत स्थित मानसरोवर झील से हुआ है। इस नदी का उद्गम स्थल समुद्र तल से 5,150 ऊंचाई पर स्थित है। ब्रह्मपुत्र नदी तिब्बत में सांग्पो नाम से जानी जाती है तथा भारत में अरुणाचल प्रदेश से प्रवेश करने के बाद यह दिहांग कहलाती है। असम में इसे ब्रह्मपुत्र नाम से जाना जाता है तथा बांग्लादेश में इसे जमुना कहा जाता है। गंगा एवं ब्रह्मपुत्र के संगम के बाद दोनों की सम्मिलित धारा को मेघना कहा जाता है। ब्रह्मपुत्र नदी की कुल लंबाई 2,900 किमी है तथा भारत में यह 916 किमी लम्बी है। इस नदी पर असम राज्य में विश्व का सबसे बड़ा नदी द्वीप माजेली द्वीप स्थित है।

18.नर्मदा यह नदी मध्यप्रदेश के विंध्याचल पर्वत में स्थित अमरकंटक की पहाड़ियों से निकलती है। यह अपने उद्गम स्थान से पश्चिम की ओर 1312 किमी की दूरी तय करती हुई गुजरात में भड़ौच के निकट खंबात की खाड़ी में गिरती है। नर्मदा नदी पर डेल्टा का निर्माण नही करती यह एश्चुअरी का निर्माण करती है। इस नदी पर इंदिरा सागर परियोजना, ओंकारेश्वर परियोजना एवं सरदार सरोवर परियोजना निर्मित है।

19.ताप्ती इस नदी का उद्गम मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के मुलताई नगर के पास हुआ है। ताप्ती नदी पश्चिम की ओर नर्मदा नदी के समानांतर बहती हुई गुजरात में सूरत के निकट खंबात की खाड़ी में गिरती है। इस नदी की लंबाई 724 किमी है।

20.महानदी महानदी का उद्गम छत्तीसगढ़ राज्य के रायपुर जिले में स्थित सिंहवा पहाड़ी से होता है। यह नदी छत्तीसगढ़ एवं उड़ीसा राज्य में 857 किमी बहती हुई बंगाल की खाड़ी में गिरती है। इस नदी पर उड़ीसा राज्य में प्रसिद्ध हीराकुंड बांध बना है।

21.गोदावरी इस नदी का उद्गम महाराष्ट्र के नासिक जिले से होता है। गोदावरी नदी दक्षिण भारत की सबसे लम्बी नदी है इसकी लंबाई 1465 किमी है। अपने विशाल आकार के कारण इस नदी को दक्षिण की गंगा एवं वृद्ध गंगा नाम से जाना जाता है। यह महाराष्ट्र आंध्र प्रदेश एवं तेलंगाना के पठार को पार करती हुई बंगाल की खाड़ी में मिल जाती है।

22.कृष्णा कृष्णा नदी महाराष्ट्र के महाबलेश्वर निकट एक झरने निकलती है। यह महाराष्ट्र कर्नाटक तथा आंध्र प्रदेश में बहते हुए विजयवाड़ा के निकट विभिन्न शाखाओं में बंगाल की खाड़ी मिल जाती है। इस नदी की लंबाई 1400 किमी है। कृष्णा नदी पर नागार्जुन सागर परियोजना तथा श्री शैलम परियोजना निर्मित है।

23.कावेरी कावेरी नदी का उद्गम कर्नाटक राज्य के कुर्ग जिले में स्थित ब्रम्हागिरी की पहाड़ियों से हुआ है। कावेरी नदी में प्रसिद्ध शिवसमुद्रम् जलप्रपात स्थित हैं। यह नदी 800 किमी दूरी तय करते हुए बंगाल की खाड़ी में मिल जाती है।

24.क्षिप्रा क्षिप्रा नदी मध्यप्रदेश के इंदौर जिले में स्थित काकरी बरडी पहाड़ी से निकलती है। इस नदी के किनारे उज्जैन का विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर स्थित है जहाँ प्रत्येक 12 वर्षों में कुम्भ का मेला लगता है।

25.माही इस नदी का उद्गम अरावली पर्वत श्रृंखला से होता है तथा यह गुजरात में खंबात की खाड़ी में गिरती है। यह नदी कर्क रेखा को दो बार काटती हैं।

26.सावरमती सावरमती राजस्थान के उदयपुर में अरावली पर्वत श्रृंखला से निकलती है तथा खंबात की खाड़ी मिल जाती है। इस नदी के किनारे अहमदाबाद तथा गांधीनगर बसे हुए हैं।

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