23/06/2026
अश्रुपूर्ण श्रध्दांजलि...
The Educator
Speaker | Motivator | Learner
Team Mentor of KKS Foundation
From-Ghazipur, Uttar Pradesh
23/06/2026
अश्रुपूर्ण श्रध्दांजलि...
16/06/2026
आज पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की सर्विस लेन पर टहलते समय मैंने एक दुखद दृश्य देखा। जिन पेड़ों की सुरक्षा के लिए ईंटों का घेरा बनाया गया था, उनमें से कई जगहों पर घेरा तोड़ दिया गया था। कुछ स्थानों पर यह नुकसान लोगों की लापरवाही, बच्चों की शरारत या खुले घूम रहे पशुओं के कारण हुआ।
मेरे युवा साथियों, पेड़ किसी एक व्यक्ति के नहीं होते, बल्कि पूरे समाज की अमानत होते हैं। यही पेड़ हमें शुद्ध ऑक्सीजन, ठंडी छाया और स्वच्छ वातावरण देते हैं। आने वाले समय में जल संकट और बढ़ती गर्मी से बचाव में भी पेड़ों की सबसे बड़ी भूमिका होगी।
यदि हम अपने आसपास किसी को पेड़ों को नुकसान पहुँचाते हुए देखें, तो उसे प्रेम और सम्मान के साथ समझाने का प्रयास करें। केवल सरकार या प्रशासन के भरोसे पर्यावरण की रक्षा नहीं हो सकती। जब तक हम स्वयं जिम्मेदारी नहीं निभाएंगे, तब तक सच्चा परिवर्तन संभव नहीं है।
आइए, संकल्प लें— 🌱 पेड़ लगाएंगे।
🌱 लगाए गए पेड़ों की रक्षा करेंगे।
🌱 दूसरों को भी पर्यावरण बचाने के लिए प्रेरित करेंगे।
प्रकृति की रक्षा ही आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
— सुशील शर्मा
#पेड़_बचाओ
16/06/2026
भावपूर्ण श्रद्धांजलि एवं संवेदना रोशन आनंद सर के परिवार पर एक के बाद एक गहरा दुख आया है। पहले रोशन आनंद सर कानूनी परिस्थितियों के कारण कठिन समय से गुजर रहे हैं, और इसी बीच उनके छोटे भाई प्रिंस के असामयिक निधन का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है।
इस दुखद घटना की वास्तविक परिस्थितियों के बारे में आधिकारिक जानकारी सामने आने तक किसी भी प्रकार की अटकलों से बचना चाहिए। इस कठिन समय में हमारी संवेदनाएँ रोशन आनंद सर, उनके परिवार और सभी शुभचिंतकों के साथ हैं।
ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिवार को इस असीम दुख को सहने की शक्ति, धैर्य और साहस प्रदान करें।
मैं, सुशील शर्मा, तथा सभी छात्र-नौजवानों की ओर से रोशन आनंद सर के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूँ। हम इस दुख की घड़ी में उनके साथ खड़े हैं।
🙏ॐ शांति। 🙏
15/06/2026
आज के समय में किसी व्यक्ति का प्रसिद्ध होना, लोगों का उसे पसंद करना या सोशल मीडिया पर उसके लाखों फॉलोअर्स होना, यह साबित नहीं करता कि वह हर मायने में अच्छा इंसान है।
कई बार लोग छोटी-छोटी मदद, मीठी बातें या दिखावटी सेवा के माध्यम से लोगों का विश्वास जीत लेते हैं। लेकिन हर चमकती हुई चीज़ सोना नहीं होती।
इसलिए किसी पर भी आँख बंद करके भरोसा न करें। पहले उसके व्यवहार, नीयत और कर्म को समय देकर समझें। सच्चा इंसान वही है जो बिना किसी स्वार्थ के साथ निभाए, न कि केवल अपने लाभ के लिए आपका उपयोग करे।
जागरूक बनिए, सोच-समझकर निर्णय लीजिए और अपने जीवन में सही लोगों को पहचानिए।
"भरोसा कीजिए, लेकिन समझदारी के साथ।"
— सादर
सुशील शर्मा
#जागरूक_बनें #सच्ची_सोच #जीवन_की_सच्चाई
14/06/2026
मैं आर्थिक रूप से बहुत मजबूत नहीं हूँ, लेकिन मेरे दिल में सभी के लिए प्रेम, सम्मान और सेवा का भाव एक समान है। मेरे लिए अमीर-गरीब, बड़ा-छोटा, प्रसिद्ध या साधारण—सब बराबर हैं।
मैं दिखावे में नहीं, बल्कि सच्चे और पारदर्शी रिश्तों में विश्वास करता हूँ। जो सम्मान, अपनापन और प्रेम मैं बाहर से व्यक्त करता हूँ, वही मेरे हृदय में भी है। उसमें कोई स्वार्थ या कपट नहीं है।
आज के समय में अक्सर लोगों का व्यवहार किसी की हैसियत देखकर बदल जाता है, लेकिन मेरा प्रयास है कि हर व्यक्ति को समान सम्मान, समान प्रेम और समान अपनापन मिले।
यदि आपको भी लगता है कि इंसान की पहचान उसके धन से नहीं, बल्कि उसके विचार, व्यवहार और चरित्र से होनी चाहिए, तो इस संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाइए। आइए, हम सब मिलकर समानता, प्रेम और सम्मान की भावना को आगे बढ़ाएँ।
सादर प्रणाम।
— सुशील शर्मा
#समानता_का_संदेश #सच्चा_प्रेम #मानवता_सर्वोपरि #सुशील_शर्मा
13/06/2026
चुनाव ही बताता है, अपने कौन और पराये कौन!
गांव में अक्सर बहुत लोग कहते हैं— "हम हमेशा आपके साथ हैं, हमारा साथ कभी नहीं छूटेगा।"
लेकिन हकीकत क्या है, यह केवल बातों से नहीं पता चलता।
अगर वास्तव में जानना चाहते हैं कि आपके साथ कितने लोग हैं और कितने लोग आपके विरोध में हैं, तो एक बार ग्राम प्रधान का चुनाव लड़कर देखिए।
चुनाव आपको यह एहसास करा देता है कि कौन सिर्फ बातें करता था और कौन सच में आपके साथ खड़ा है।
यह किसी के पक्ष या विपक्ष की बात नहीं, बल्कि जीवन और समाज को समझने का एक अनुभव है। राजनीति से जुड़ा मेरा यह छोटा-सा अनुभव आप सभी के साथ साझा कर रहा हूँ।
— सुशील शर्मा
#ग्राम_प्रधान_चुनाव #सुशील_शर्मा #गांव_की_राजनीति #जनसमर्थन
13/06/2026
प्रिय विद्यार्थियों,खान सर और रोशन आनंद सर के बीच चल रहे विवाद को लेकर मैं आप सभी से एक विनम्र निवेदन करना चाहता हूँ कि किसी भी विवाद या प्रदर्शन का हिस्सा बनने से पहले अपने भविष्य के बारे में जरूर सोचें।
जिन लोगों के पास नाम, पैसा और पहचान है, उन्हें इन विवादों से ज्यादा फर्क नहीं पड़ता। लेकिन यदि कोई विद्यार्थी अपनी पढ़ाई छोड़कर ऐसे मामलों में पड़ जाता है, तो उसका नुकसान उसी को और उसके परिवार को उठाना पड़ता है।
आपका सबसे बड़ा लक्ष्य अपनी पढ़ाई, तैयारी और करियर होना चाहिए। समय बहुत कीमती है, इसे विवादों में नहीं बल्कि अपने सपनों को पूरा करने में लगाइए।
अच्छे कार्य करने वालों की चर्चा भले कम हो, लेकिन सफलता हमेशा उन्हीं लोगों को मिलती है जो अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखते हैं।
इसलिए विवादों से दूर रहें, पढ़ाई पर ध्यान दें और अपने माता-पिता के सपनों को पूरा करने का प्रयास करें।
— सुशील शर्मा
#पढ़ाई_पर_ध्यान_दो #विवाद_नहीं_शिक्षा_चुनो
12/06/2026
छात्रों की मांग पूरी हो, युवाओं का भविष्य सुरक्षित हो।
आज लखनऊ के इको गार्डन में विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में हो रही अनियमितताओं, भर्ती प्रक्रिया में देरी, खाली पदों को समय पर न भरने, आरक्षण के अनुसार पदों का सही निर्धारण और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर छात्रों ने अपनी आवाज बुलंद की।
हजारों छात्र-छात्राएं वर्षों तक कठिन मेहनत करते हैं, लेकिन समय पर भर्तियां नहीं निकलतीं। यदि भर्ती निकलती भी है, तो कई बार प्रक्रिया वर्षों तक लंबित रहती है। इससे अनेक युवाओं की आयु सीमा निकल जाती है और उनके सपने अधूरे रह जाते हैं। यह चिंता का विषय है।
मैं उन सभी छात्रों को सलाम करता हूं जो अपने अधिकारों और बेहतर भविष्य के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठा रहे हैं। साथ ही, विवेक कुमार का भी धन्यवाद, जिन्होंने छात्रों की समस्याओं को सामने लाने का प्रयास किया।
यदि कोई शिक्षक समाज, शिक्षा और युवाओं के हित में अपनी बात रखता है या लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेना चाहता है, तो यह उसका भी संवैधानिक अधिकार है। देश और समाज की सेवा करने का अधिकार हर जागरूक नागरिक को है।
आज जरूरत किसी व्यक्ति या दल की नहीं, बल्कि शिक्षा, रोजगार, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और युवाओं के भविष्य की है। पढ़े-लिखे और जागरूक युवा ही देश और समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं।
आइए, हम सब मिलकर शिक्षा, रोजगार, पारदर्शिता और न्यायपूर्ण भर्ती व्यवस्था की मांग का समर्थन करें।
"सब पढ़ें, सब बढ़ें — शिक्षित युवा ही मजबूत भारत की पहचान हैं।"
आपकी क्या राय है? अपनी बात कमेंट में जरूर लिखें। यदि आपको यह विचार उचित लगे तो पोस्ट को लाइक, शेयर और अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं।
— सुशील शर्मा
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11/06/2026
आज सोशल मीडिया पर कई लोगों द्वारा महिलाओं के बारे में अनुचित और अमर्यादित टिप्पणियाँ की जा रही हैं। यह बिल्कुल गलत है।
चाहे कोई किसी बड़े परिवार से हो या साधारण परिवार से, हर महिला सम्मान की हकदार है। किसी के व्यक्तिगत जीवन, पहनावे या जीवनशैली पर गलत टिप्पणी करना हमारी संस्कृति और संस्कारों के अनुरूप नहीं है।
हम सभी को यह समझना होगा कि जिस प्रकार हमें अपने परिवार की बेटियों और महिलाओं का सम्मान प्रिय है, उसी प्रकार हर महिला का सम्मान करना हमारा कर्तव्य है।
आइए, हम अपनी सोच बदलें और एक ऐसे समाज का निर्माण करें जहाँ महिलाओं के प्रति सम्मान, संवेदनशीलता और मर्यादा बनी रहे।
हर महिला का सम्मान हो, अमर्यादित शब्दों का प्रयोग न करें।
— सुशील शर्मा
िला_का_सम्मान #नारी_सम्मान #महिला_सम्मान
11/06/2026
आज का हकीकत...