04/08/2025
देश ने एक सच्चा हीरो खो दिया।
डॉ. ए के रैरु गोपाल, वो नाम, जो न किसी पुरस्कार का मोहताज था, न ही किसी शोहरत का। उन्होंने अपने जीवन के पचास साल गरीबों की सेवा में लगा दिए।
सिर्फ 2 रुपये में इलाज करके हज़ारों ज़िंदगियाँ बचाईं। हर सुबह 4 बजे उठकर अपने घर 'लक्ष्मी' में बने छोटे से क्लिनिक में बैठ जाते थे। शाम 4 बजे तक बिना थके, बिना किसी छुट्टी के...
कन्नूर और आसपास के गाँवों से आने वाले हर उस मरीज को देखते, जो बड़े अस्पतालों तक नहीं पहुँच पाते थे। बच्चे, बुज़ुर्ग, महिलाएं, मजदूर सबके लिए वे बस "जनता के डॉक्टर" थे।
'Two Rupee Doctor' कहलाने वाले इस फरिश्ते ने कभी पैसे को प्राथमिकता नहीं दी, उनका धर्म था सेवा, और पहचान थी इंसानियत।
आज जब वो हमारे बीच नहीं हैं, तो खाली सिर्फ उनका क्लिनिक नहीं हुआ, खाली हुआ एक ऐसा भरोसा, जो आज के समय में बहुत कम देखने को मिलता है।
डॉ. ए के रैरु गोपाल, आपने जो किया, वो न आँकड़ों में मापा जा सकता है,
न शब्दों में समेटा जा सकता है। आप चले गए, लेकिन आपकी कहानी, आपकी सेवा, हमें हमेशा याद दिलाएगी कि भारत की असली ताक़त इसी ज़मीन से, इन्हीं लोगों से निकलती है।
श्रद्धांजलि एक सच्चे हीरो को।
04/08/2025
मै बिहार हुँ 😭
बिहार की माटी रोये,
आँखों में आँसू, बाढ़ का कहर।
घर-बार सब बह गए,
सूना पड़ा आंगन, टूटा हर सवेरा।
किसानों के सपने डूबे,
मजबूरियाँ बढ़ी, जीवन हुआ बेसहारा।
फिर भी, हौसला न हारे,
उठेंगे फिर, बिहार फिर से संवारे।
25/07/2025
सती प्रथा कैसे होती थी ?
पति की मृत्यु के बाद ही उसकी विधवा को एक कटोरा भांग और धतूरा पिलाकर नशे में मदहोश कर दिया जाता था। जब वह श्मशान की ओर जाती थी, कभी हँसती थी, कभी रोती थी और तो कभी रास्ते में जमीन पर लेटकर ही सोना चाहती थी और यही उसका सहमरण (सती) के लिए जाना था। इसके बाद उसे चिता पर बैठा कर कच्चे बांस की मचिया
बनाकर दबाकर रखा जाता था क्योंकि डर रहता था कि शायद दाह होने वाली नारी दाह की यंत्रणा न सह सके। चिता पर बहुत अधिक राल और घी डालकर इतना अधिक धुआँ कर दिया जाता था कि उस यंत्रणा को देखकर कोई डर न जाए और दुनिया भर के ढोल, करताल और शंख बजाए जाते थे कि कोई उसका चिल्लाना,रोना-धोना,अनुनय-विनय न सुनने पाए। बस यही तो था सहमरण......" सतीप्रथा । सतीप्रथा से छुटकारा दिलाने वाले लोर्ड विलियम बेन्टीक और राजा राममोहन राय को सलाम।
25/07/2025
शिक्षक और ब्लैकबोर्ड की कहानी 🖤
एक स्कूल के कमरे में हर दिन बच्चों की चहल-पहल रहती थी। हर सुबह एक शिक्षक आता और ब्लैकबोर्ड पर chalk से ज्ञान लिखता।
दिन बीतते गए… साल गुजरते गए…
बच्चे आते, सीखते और दुनिया में आगे बढ़ते गए।
लेकिन एक दिन नया ब्लैकबोर्ड लगाया गया।
पुराने ब्लैकबोर्ड को हटाया गया।
किसी ने उस पर नज़र तक नहीं डाली।
न वो धन्यवाद मिला, न अलविदा।
शिक्षक ने उसे एक कोने में रखा और कुछ देर उसके सामने खड़ा रहा।
धीरे से बोला —
“तू मेरी तरह ही है।
हर दिन दूसरों के लिए लिखा,
खुद मिटता रहा…
पर कभी शिकायत नहीं की।”
ब्लैकबोर्ड खामोश रहा…
जैसे हर शिक्षक की तरह जिसने जीवन भर दूसरों को संवारने में खुद को घिसा दिया।
⸻
🌟 सीख:
शिक्षक और ब्लैकबोर्ड दोनों हमें सिखाते हैं —
जिन्होंने सबसे ज़्यादा दिया,
अक्सर वही सबसे चुप रहते हैं।
19/07/2025
सुनो लडकियों.....
प्रेम अधूरा रह जाए तो खुद पर नाज़ करना !
पिता जहां करें शादी उसी घर में राज करना!
कौन कहता है कि मां बाप से बगावत कर लो,
जो कहें वो कल करने को उसे आज करना !
खुशी तुम्हें भी मिलेगी खुशी उनको भी रहेगी!
फिर न किसी तीसरे की उसमें दाल गलेगी!
जब भी मायके में आओगी स्वागत ही रहेगा,
भरा पूरा परिवार मिलेगा न कोई कमी खलेगी!
राखी पर भईया की कलाई न सूनी जाएगी!
भाभी भईया से लड़कर नेग अच्छा दिलाएगी!
बैठेंगे शाम को बचपन को फिर से दोहराएंगे,
कितनी थी शरारती तुम मम्मी सबसे बताएंगी!
त्यागकर इन पलों को तुम्हे अकेले क्यों होना!
जहां गूंजती थी हंसी तुम्हारी वहीं क्यों रोना!
बड़े अरमानों से पाला तुम्हें हक उनका भी है,
थोड़ा अधिकार उन्हें भी दे दो उसे क्यों खोना!
जिसने की मनमानी हाल उनका भी देखा करो!
अंजाम अच्छा हुआ या बुरा कुछ तो लेखा करो!
अपने ही हाथों कभी अपनी बरबादी मत करना,
मेहनत करके किस्मत की लकीरों में रेखा करो!
,✍️ किरन सिंह
16/07/2025
✋🏻🧵😱 अविश्वसनीय लेकिन सच्ची कहानी!
2013 में चीन के एक युवा फैक्ट्री वर्कर शियाओ वेई का दाहिना हाथ एक भयानक हादसे में कट गया ⚙️। डॉक्टरों के सामने बड़ी दिक्कत थी — उसका हाथ दोबारा तुरंत जोड़ना मुमकिन नहीं था क्योंकि बाजू बहुत ज़्यादा क्षतिग्रस्त हो चुका था, और अगर जल्दी कुछ नहीं किया गया तो हाथ मर सकता था 🩸।
तब डॉक्टरों ने एक चौंकाने वाला लेकिन गजब का तरीका अपनाया 🧠 — उन्होंने शियाओ के कटे हुए हाथ को अस्थायी रूप से उसकी टांग में जोड़ दिया 👣। पैरों की नसों का इस्तेमाल करके उन्होंने हाथ में खून का बहाव बनाए रखा ताकि वो जिंदा रहे और सूख न जाए 💉🩺।
35 दिनों तक शियाओ अपने हाथ को अपनी टांग से जुड़े हुए लेकर चला। उसे दर्द तो नहीं होता था, लेकिन वो कहता था कि हाथ भारी और अजीब लगता था 🤯।
जब उसकी बाजू थोड़ी ठीक हो गई, तो डॉक्टरों ने एक और जटिल ऑपरेशन किया और हाथ को वापस उसकी असली जगह पर जोड़ दिया 💪🏻। शुरुआत में हाथ की मूवमेंट कम थी, लेकिन फिजियोथेरेपी से उसमें सुधार आने की उम्मीद बनी रही 🧘🏻♂️।
यह अनोखा मामला दुनियाभर में मेडिकल साइंस के लिए एक मील का पत्थर बन गया, जो दिखाता है कि आज की तकनीक कितनी आगे बढ़ चुकी है और इंसानी शरीर को बचाने के लिए हम क्या-क्या कर सकते हैं 🌍👨🏻⚕️✨।
📚 स्रोत: BBC News – Chinese man has hand sewn to ankle
#मानव शरीर_का_चमत्कार 🏥
09/05/2025
पाकिस्तान पर भारत ने लगातार आग बरसाना शुरू कर दिया है. आतंकी ठिकानों पर भारत की एयरस्ट्राइक के बाद जब पाकिस्तान की तरफ से भारत के शहरों को टारगेट किया गया तो भारत ने उसे भी सबक सिखा दिया. ये काम भारत के सबसे मजबूत एयर डिफेंस सिस्टम S-400 ने किया है. ये एक ऐसा मिसाइल सिस्टम है, जो हमला होते ही एक्टिव हो जाता है और तुरंत दुश्मन के विमान या फिर मिसाइल को तबाह कर देता है. भारतीय सेना ने इस डिफेंस सिस्टम को सुदर्शन चक्र का नाम दिया है, ऐसे में आइए जानते हैं कि कैसे ये सुदर्शन चक्र दुश्मन को तबाह करता है. S-400 मिसाइल को भारत का सबसे खतरनाक और ताकतवर एयर डिफेंस सिस्टम माना जाता है. S-400 मिसाइल सिस्टम किसी भी एयर अटैक से बचाने में सक्षम है. ये मिसाइल रूस से खरीदी गई थी, इसको खरीदने के लिए करीब पांच अरब डॉलर में डील की गई थी. जिसके बाद S-400 मिसाइल को 2018 में खरीदा गया था. इस डील में भारत ने रूस से पांच यूनिट मिसाइलों की खरीद की और ये मिसाइल इतनी पावरफुल है कि ये एडवांस फाइटर जेट को भी मार गिरा सकती है. इसके साथ ही यह मिसाइल एक बार में एक साथ 72 मिसाइल छोड़ सकती है और इसकी ताकत ऐसी है कि इससे पाकिस्तान और चीन हमले की कोशिशों को भारत पहुंचने से पहले खत्म कर सकती है
04/04/2025
अगर आप कोई मैकेनिक हैं या किसी कारखाने के मालिक हैं या किसी भी काम के आप माहिर हैं और कोई गरीब का बच्चा आप के यहाँ कोई हुनर सीखने आता है, तो उसे हुनर सिखाने मे कंजूसी ना करें। दर्जी 6-6 महीने तक बटन ही लगवाता रहता है। बाईक मिस्त्री 6-6 महीने पहिए ही खुलवाता रहता है। कुछ लोग तो इस नियत से भी काम नहीं सिखाते हैं कि काम सीख लेगा तो फिर नया मुर्गा कहाँ से आएगा। ये गरीब के बच्चे है। माँ बाप बडी उम्मीद से रोटी देकर भेजते है कि मेरा बच्चा जल्द काम सीखकर कुछ कमाकर घर के खर्चे में मदद करेगा। मेहरबानी करके ऐसे बच्चो को जल्द हुनर सिखाकर कामयाब बनाए यकीन माने खुदा आपको उसका बेहतरीन इनाम देगा
#🥰😚😇😍🌹💐💪