Sunil yadav

Directions

Sunil yadav मैं किसी से बेहतर करुँ क्या फर्क पड़ता है, मै किसी के लिए बेहतर करुँ जरूर फर्क पड़ता है।

28/04/2025
15/12/2024

"चाँदपुर की चंदा" Atul Kumar Rai द्वारा लिखा  गया बहुत ही शानदार उपन्यास है।नाम से तो लगता है की एकदम विशुद्ध प्रेम कहान...
06/10/2024

"चाँदपुर की चंदा" Atul Kumar Rai द्वारा लिखा गया बहुत ही शानदार उपन्यास है।
नाम से तो लगता है की एकदम विशुद्ध प्रेम कहानी है जबकि समाज की कटु सच्चाई को सामने लाती है।
पढ़ने के दौरान ऐसा लगा की हम लोक- लाज की आड़ में न जाने कितनी बेटियों की इच्छाओं को दफ़न कर देते हैं।
दहेज़ जो समाज का सबसे कोढ है ना जाने कितनी बेटियों की जान ले लेता है।
अतुल जी ने अपने संगीत के हुनर को खूब जगह दिया है जहाँ जगह मिली है वहां देहाती गीत, गारी का भरपूर उपयोग किया है।
तबले की बोल भी लिख डाले हैं जो उनके तबले के ज्ञान का क ख ग घ है।
मैं गाज़ीपुर जिले से आता हूँ तो पूरी बोली भाषा बिल्कुल अपनी ही है भोजपुरी भाषा में पढकर बड़ा ही सुकून मिल रहा है।
CD, डीवीडी की याद भी ताज़ा हो जा रही है।
कहीं भी कोई लाग लपेट नहीं है बिल्कुल सच्चाई को ज्यो का त्यों लिख दिया है।
बस दो शब्द" चमार" और" चमारिन "की जगह पर किसी और शब्द का चयन होता तो अच्छा होता।
उपन्यास इतना अच्छा लगा की आज सुबह 7 बजे पढ़ना शुरू किया और फिर 12:40 पर जाकर समाप्त हुआ। बिना पूरा पढ़े मन ही नहीं मान रहा था।

इस किताब को पढ़ने के बाद जो भी गलत धारणाएं थीं सब समाप्त हो गयीं। एक तो ये था की पुरुषोत्तम अग्रवाल जी आरक्षण के विरोधी ह...
30/08/2024

इस किताब को पढ़ने के बाद जो भी गलत धारणाएं थीं सब समाप्त हो गयीं। एक तो ये था की पुरुषोत्तम अग्रवाल जी आरक्षण के विरोधी हैं। जबकि वे तो आरक्षण में महिलाओं के बराबर की भूमिका चाहते हैं।जिसकी स्कूली शिक्षा अच्छी नहीं हुई है उसको 10 नंबर जबकि वही महिला है और उसकी स्कूली शिक्षा अच्छे से नहीं हुई है तो उसको 12 नम्बर दिए जायें।
इनके अनुसार सावरकर और शिवाजी को मानने वाले एक नहीं हो सकते क्योंकि शिवाजी एक मुश्लिम महिला को ससम्मान वापस भेज देतें हैं जबकि सावरकर का मत है की जैसा कुछ मुश्लिम राजाओं ने किया (बलत्कार ) वही शिवाजी को भी करना चाहिए था।
इस किताब को पढ़ने के बाद ये भी पता चला की कैसे मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम ने एक ब्राम्हण के बच्चे को जीवित करने के लिए ब्राम्हणों के समान तपस्या करने वाले शूद्र संबुक की हत्या कर दी।
आखिर क्यों नहीं कोई अपनी बेटी का नाम द्रोपदी रखता है, सीता, सावित्री, गंगा, यमुना तो सब रख लेते हैं। इसलिए की तब पुरुष प्रधान समाज ने भारी सभा में एक असहाय नारी का बलात्कार करने का प्रयास किया था। उसमे द्रोपदी की क्या ग़लती थी।
अंत में गाँधीजी का वक्तव्य इसी किताब से, "शास्त्रों की ऐसी कोई बात स्वीकार नहीं की जा सकती, जो स्पष्ट तथा सार्वभौमिक सत्य और नैतिक मूल्यों के प्रतिकूल हो "

07/01/2024

भारत में अंग्रेजी भाषा का प्रचार-प्रसार कैसे हुआ। Sibu Ashish Robin Singh Yadav Arjun Singh Yadav Arjun Singh Yadav Rajdev Yadav Aapanradio Sunil Yadav Akhilesh Yadav Mamata Banerjee

बात उन दिनों की है,जब चाइना लाईट और एलईडी लाईट का जमाना नहीं था।उन दिनों मिट्टी के तेल(किरासन) से ढिबरी(दिया) बनाया जाता...
02/01/2024

बात उन दिनों की है,जब चाइना लाईट और एलईडी लाईट का जमाना नहीं था।उन दिनों मिट्टी के तेल(किरासन) से ढिबरी(दिया) बनाया जाता था।जो लोग थोड़े संपन्न किस्म के थे वो लालटेन जलाते थे।
ज्यादातर घरों में तो दवा के लिए आई शिशियों से दीया (ढिबरी) बनाया जाता था।कपड़े की बत्ती शीशी में लगे ढक्कन में छेदकर डाल दी जाती और शीशी में तेल डालकर माचिश से जलाया जाता।
ये सब बातें उस समय की हैं जिस समय एक चूल्हे में आग जला दी जाती तो पूरा गांव वहीं से आग लेकर चूल्हा जलाता और खाना पकाता।उस समय की परिस्थिति के हिसाब से माचिस बहुत सुलभ चीज नहीं हुआ करती थी।गांव के किसी बड़े के घर ही आ पाती और उसी से पूरे गांव का काम चल जाता।
किसी एक का चूल्हा जल गया तो फुलचन की बिटिया गोइठा लेकर आई और उस पर छोटा सा आग का गोला रखकर गई और अपना चूल्हा जला ली।
अब उसके घर दीपचंद की बिटिया आई और गोइठा लेकर अपना चूल्हा जला ली।
इस तरह पूरे गांव का चूल्हा जल जाता और पूरे गांव का खाना पकने लगता।

Aapanradio के संस्थापक,KRISHNA GROUP OF BUSINESS के सह संस्थापक आप Arjun Singh Yadav (अर्जुन सिंह यादव) जी को जन्मदिन की...
01/01/2024

Aapanradio के संस्थापक,KRISHNA GROUP OF BUSINESS के सह संस्थापक आप Arjun Singh Yadav (अर्जुन सिंह यादव) जी को जन्मदिन की ढेर सारी शुभकामनाएं एवं बधाइयां।🥰🥰🥰🥰🎂🎉🎉🎉
कहने के लिए तो मैं आपका अग्रज( बड़ा भाई) हूं।लेकिन परिपक्वता,शालीनता,सज्जनता,क्रिएटिविटी,उत्साह,विचारों और गुणों में मैं "नदी" तो आप "सागर" हैं।ये सब चीजें मैं आपसे सीखता और आत्मसाथ करता रहता हूं।
जब कभी मैं बहुत चिंतित और परेशान हो जाता हूं ,तो आपसे परामर्श करता हूं तो आप मेरी समस्याओं का समाधान ऐसे करते हैं जैसे कोई बच्चा गिर जाए और हम उससे बोले की (रुका अब्ब मारत हई ,कैसे बाबू के गिरा देहल हो)।
एक समय था जब मैं नकारात्मकता से घिर गया था,मेरा उत्साह गायब हो गया था।मुझको सारे रास्ते बंद दिख रहे थे तो आपने मुझको नई आशा की किरण दी या कहूं की नया जीवन दिया। एक मुरझाए हुए पौधे में फूल और पंखुड़ियां लगा दी,जान डाल दी।
अगर मैं "बालाराम" हूं तो आप "कृष्ण" हैं।
अगर मैं किताब का "कवर" हूं तो आप लोग "पूरी किताब" हैं।
भाऊक हो गया हूं,😢 !!!!
आशा नहीं पूर्ण विश्वास है की आने वाले समय में नए - नए कीर्तिमान स्थापित करेंगे। अपने बनाए हुए लक्ष्य को पूरा करेंगे।

हो सकता है मैं सही शब्द का चयन ना कर पा रहा हूं या कहूं की ये सारे शब्द आपके व्यक्तित्व आगे बौने हैं।
Robin Singh Yadav Sibu Ashish Arpan Yadav Shivdhani Yadav Mayank Yadav DrRambriksh Yadav Anil Yadav Aditya Chauhan Kaushal Katiyar Chhangur Yadav Rajdev Yadav Hari Narayan Yadav

21/12/2023

बाहर विदेश रहे वालन खातिर ऊख (गन्ना) के रस #खेती #किसानी #ईख #गांव

22/11/2023

अमीर का कुत्ता मर जाता है तो समाज तथाकथित युवा नेता,भावी जिला पंचायत सदस्य,भावी प्रधान,ढोंगी समाज सेवी,बीडीसी,ब्लॉक प्रमुख,विधायक जैसे कुंठित लोग पहुंच जाते हैं हाजिरी लगाने और दम हिलाने लेकिन कोई गरीब असहाय के घर कोई अनहोनी हो जाए तो झांकने तक नहीं जाते हैं।
बहुत ही दुखद और पीड़ा के साथ लिखना पड़ रहा है।😢😢😢

Address

Ghazipur

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Sunil yadav posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Shortcuts

Share

Category