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LLB Education47 “शिक्षा सबसे सशक्त हथियार है !
जिससे दुनिया को बदला जा सकता है !!

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24/07/2026

अदालत ने उन्हें 70,000 रुपये का मुआवजा और मुकदमा लड़ने में हुए खर्च का भुगतान करने का भी आदेश दिया। मुंबई स्थित जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने इस महीने की शुरुआत में आदेश सुनाया था। इसमें कहा गया कि ग्राहक की शिकायतों को बार-बार बिना कोई प्रभावी राहत दिए बंद कर दिया गया। यह अनुचित व्यापार व्यवहार के तहत आता है।

याचिका में क्या मांग गई?NEET-UG 2026 की परीक्षा लीक से जुड़ी कई याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने आज सुनवाई की है। याचिका में ...
24/07/2026

याचिका में क्या मांग गई?

NEET-UG 2026 की परीक्षा लीक से जुड़ी कई याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने आज सुनवाई की है। याचिका में इस परीक्षा को आयोजित कराने वाली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) पर सवाल खड़ा किया है। याचिकाकर्ता का कहना है कि कोर्ट भारत सरकार को निर्देश दे कि NTA को बदला जाए या पूरी तरह नया और ज्यादा सुरक्षित सिस्टम बनाया जाए। नई संस्था ऐसी हो जो तकनीकी रूप से मजबूत, ज्यादा सुरक्षित और स्वतंत्र तरीके से काम करने वाली हो। याचिकाकर्ताओं की मांग है कि कोर्ट CBI को निर्देश दे कि वो पेपर लीक को लेकर अपनी जांच के बारे में चार हफ्ते में रिपोर्ट दे।


ई दिल्ली: भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने नए बने 'एडवोकेट्स-ऑन-रिकॉर्ड' (AoRs) को बड़ी नसीहत दी है। उन्होंने ...
23/07/2026

ई दिल्ली: भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने नए बने 'एडवोकेट्स-ऑन-रिकॉर्ड' (AoRs) को बड़ी नसीहत दी है। उन्होंने वकालत का पेशा अपनाने वालों को यह चेताया है कि वे ऑनलाइन दिखने और लोकप्रियता को पेशेवर सफलता न समझें।

विधि संवाददाता, प्रयागराज। देश में भ्रष्टाचार को लेकर इलाहाबाद हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन ने बेहद कड़ी टिप्पण...
23/07/2026

विधि संवाददाता, प्रयागराज। देश में भ्रष्टाचार को लेकर इलाहाबाद हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन ने बेहद कड़ी टिप्पणियां की है। उन्होंने कहा है कि राम मंदिर में दान चोरी से भी लोग शर्मिंदा नहीं हुए हैं, यह ईमानदारी का सबसे निचला स्तर है।

18/01/2026

“शिक्षा सबसे सशक्त हथियार है !
जिससे दुनिया को बदला जा सकता है !!

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सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला 😎
18/01/2026

सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला 😎





07/01/2026

ऐसे सुप्रीम कोर्ट पहुंचा केस

हालांकि, मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू के बाद जब फाइनल मेरिट लिस्ट आई, तो किरण 19वें स्थान पर थे और एंटनी 37वें स्थान पर। यानी, किरण का फाइनल रैंक एंटनी से बेहतर था। हालांकि, जब कैडर (राज्य) आवंटित करने की बारी आई, तो कर्नाटक में जनरल कैटेगरी के लिए केवल एक 'इनसाइडर' (होम स्टेट) की सीट खाली थी और एससी कैटेगरी के लिए कोई 'इनसाइडर' सीट नहीं थी।

हाईकोर्ट ने फैसले में क्या कहा था

ऐसे में सरकार ने जनरल इनसाइडर सीट एंटनी को आवंटित कर दी और किरण को तमिलनाडु कैडर में भेज दिया। किरण को यह फैसला पसंद नहीं आया। उन्होंने केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (CAT) और फिर कर्नाटक हाईकोर्ट में याचिका दायर की। दोनों अदालतों ने किरण के पक्ष में फैसला सुनाया। उनका तर्क था कि किरण का फाइनल रैंक एंटनी से बेहतर है, इसलिए उन्हें जनरल सीट मिलनी चाहिए।

ऐसे सुप्रीम कोर्ट ने पलटा HC का फैसला

हालांकि, यूनियन ऑफ इंडिया (सरकार) इस फैसले से सहमत नहीं थी और उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस जे.के. माहेश्वरी और जस्टिस विजय बिश्नोई की बेंच ने कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले को पलट दिया। सर्वोच्च अदालत ने कहा कि IFS परीक्षा एक एकीकृत चयन प्रक्रिया है, जिसमें प्रारंभिक परीक्षा पास करना मुख्य परीक्षा में बैठने के लिए जरूरी है।

इन नियमों के तहत SC ने दिया आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने आईएफएस परीक्षा नियमों के रूल 14(ii) का हवाला दिया। इस नियम में एक शर्त है। इसके मुताबिक, आरक्षित श्रेणी के वे उम्मीदवार ही अनारक्षित सीटों पर विचार किए जा सकते हैं, जिन्होंने परीक्षा के किसी भी फेज में कोई छूट या रियायत नहीं ली हो। अदालत ने साफ कहा कि जी. किरण ने प्रारंभिक परीक्षा में एससी कैटेगरी के लिए दी गई छूट का फायदा उठाया था। ऐसे में भले ही उन्होंने फाइनल मेरिट लिस्ट में जनरल कैटेगरी के उम्मीदवार से बेहतर रैंक हासिल किया हो, वे अनारक्षित सीट के हकदार नहीं हो सकते।

'एक बार कोटे का लाभ ले लिया तो...'

जस्टिस माहेश्वरी ने अपने फैसले में लिखा कि एक बार जब आरक्षित श्रेणी का उम्मीदवार छूट का फायदा उठाता है तो उसे अनारक्षित रिक्तियों के लिए नहीं माना जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि प्रीलिम्स एग्जाम में मिली छूट को बाद के फेज में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। शीर्ष कोर्ट ने एक पुराने मामले (यूनियन ऑफ इंडिया Vs साजिब रॉय) का भी जिक्र फैसले में किया। उस मामले में भी यही कहा गया था कि अगर कोई आरक्षित श्रेणी का उम्मीदवार उम्र, कट-ऑफ या किसी अन्य मामले में कोई छूट लेता है, तो वह अना

आवारा कुत्तों के मामले में बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाईपीठ ने कहा कि आवारा कुत्तों के मामले में बुधवार को सुप्रीम ...
06/01/2026

आवारा कुत्तों के मामले में बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
पीठ ने कहा कि आवारा कुत्तों के मामले में बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई की जाएगी। जब एक अन्य अधिवक्ता ने इस मामले में स्थानांतरण याचिका का जिक्र किया, तो शीर्ष न्यायालय ने कहा कि बुधवार को कई याचिकाओं पर सुनवाई होगी और पीठ सभी अधिवक्ताओं की बात सुनेगी। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति संदीप मेहता और न्यायमूर्ति एन वी अंजारी की तीन-न्यायाधीशों वाली विशेष पीठ बुधवार को इस मामले की सुनवाई करेगी। शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों और रेलवे स्टेशनों जैसे संस्थागत क्षेत्रों में कुत्तों के काटने की घटनाओं में चिंताजनक वृद्धि को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल सात नवंबर को आवारा कुत्तों को उचित नसबंदी और टीकाकरण के बाद तुरंत निर्धारित आश्रयों में स्थानांतरित करने का निर्देश दिया था।

अदालत ने यह भी कहा कि इस प्रकार पकड़े गए आवारा कुत्तों को उस स्थान पर वापस नहीं छोड़ा जाएगा जहां से उन्हें पकड़ा गया था। अदालत ने अधिकारियों को राज्य राजमार्गों, राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे से सभी मवेशियों और अन्य आवारा पशुओं को हटाने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि खेल परिसरों सहित संस्थागत क्षेत्रों में कुत्तों के काटने की घटनाओं की पुनरावृत्ति न केवल प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाती है, बल्कि इन परिसरों को रोके जा सकने वाले खतरों से सुरक्षित करने में प्रणालीगत विफलता को भी उजागर करती है।

अदालत ने आवारा कुत्तों के मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए कई निर्देश जारी किए थे। यह न्यायालय राष्ट्रीय राजधानी में आवारा कुत्तों के काटने से, विशेष रूप से बच्चों में, रेबीज फैलने की मीडिया रिपोर्ट के संबंध में पिछले साल 28 जुलाई को शुरू किए गए स्वतः संज्ञान मामले की सुनवाई कर रही है।





डीजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पति के अवैध संबंधों से परेशान होकर पत्नी द्वारा आत्महत्या करने के मामले में हाई कोर्ट ने पीड़ित...
06/01/2026

डीजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पति के अवैध संबंधों से परेशान होकर पत्नी द्वारा आत्महत्या करने के मामले में हाई कोर्ट ने पीड़ित पक्ष की याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि अवैध संबंध नैतिक रूप से गलत हो सकते हैं, लेकिन जब तक आत्महत्या के लिए सीधा और स्पष्ट संबंध साबित न हो, तब तक धारा 306 के तहत दोषी नहीं ठहराया जा सकता।

सुप्रीम कोर्ट ने सरकारी नौकरियों में आरक्षण की व्यवस्था को लेकर एक बड़ा फैसला सुनाया है। सर्वोच्च अदालत ने कहा है कि अगर...
05/01/2026

सुप्रीम कोर्ट ने सरकारी नौकरियों में आरक्षण की व्यवस्था को लेकर एक बड़ा फैसला सुनाया है। सर्वोच्च अदालत ने कहा है कि अगर अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के उम्मीदवार जनरल कैटेगरी के कट-ऑफ से ज्यादा नंबर लाते हैं, तो वे जनरल कैटेगरी की सीटों पर भी सरकारी नौकरी पाने के योग्य होंगे। भारत में सरकारी नौकरियों और सरकारी शिक्षण संस्थानों में नामांकन में इस फैसले का दूरगामी असर होने वाला है

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