Creative education

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Creative education बच्चों के साथ हँसते खेलते ,पढ़ना और पढ़ाना 😊

06/10/2026

🔢 बड़ी संख्या कौन-सी? छोटी कौन-सी?
खेल-खेल में बच्चों ने सीखा >, < और = का सही प्रयोग।
क्योंकि गतिविधि के साथ सीखा हुआ गणित हमेशा याद रहता है। ❤️📚

इन नन्हे हाथों में हुनर की कोई कमी नहीं है…कमी है तो बस संसाधनों और अवसरों की।हमारे प्राथमिक विद्यालयों के बच्चे भी सपने...
04/10/2026

इन नन्हे हाथों में हुनर की कोई कमी नहीं है…
कमी है तो बस संसाधनों और अवसरों की।
हमारे प्राथमिक विद्यालयों के बच्चे भी सपने देखते हैं,
कुछ नया सीखना चाहते हैं और अपनी प्रतिभा को दुनिया के सामने रखना चाहते हैं।
लेकिन कई बार संसाधनों के अभाव में उनका हुनर चार दीवारों के बीच ही सिमट जाता है।
फिर भी देखिए…
जहाँ साधन कम होते हैं, वहाँ जज़्बा कम नहीं होता। ❤️
कागज़, रंग और थोड़े से प्रोत्साहन से
एक बच्चा अपनी कल्पना को इतनी खूबसूरती से सामने रख देता है।
जरूरत है इन बच्चों को कम आँकने की नहीं,
बल्कि इनके हुनर को पहचानने और उसे निखारने की।
क्योंकि शायद इन्हीं नन्हे हाथों में
कल के बड़े कलाकार, वैज्ञानिक, शिक्षक और सपने देखने वाले इंसान छिपे हैं। ✨
बस उन्हें एक मौका चाहिए…
एक मंच चाहिए…
और किसी शिक्षक का यह विश्वास चाहिए कि “तुम कर सकते हो।” ❤️

01/10/2026

बच्चों के लिए सीखना तब आसान हो जाता है, जब पढ़ाई खेल बन जाए। ❤️📚

29/09/2026

कक्षा में पढ़ाई के साथ थोड़ी हँसी-मजाक भी जरूरी है… क्योंकि बच्चों के साथ बिताए ये पल ही कल की सबसे प्यारी यादें बनेंगे। ❤️📚

28/09/2026

बच्चों को पढ़ाना है तो सिर्फ किताब नहीं, कुछ नया भी बनाना पड़ता है। ❤️📚

पद से पहचान मिल सकती है, लेकिन शिक्षक की पहचान उसके संस्कारों और उसके विद्यार्थियों के भविष्य से बनती है। ✨
27/09/2026

पद से पहचान मिल सकती है, लेकिन शिक्षक की पहचान उसके संस्कारों और उसके विद्यार्थियों के भविष्य से बनती है। ✨

आपके तो सिर्फ बेटी है, आप प्रॉपर्टी बनाकर या घर खरीदकर क्या करेंगी? भला आपके बाद उसे संभालने वाला कौन है। आप लोग तो चैन ...
27/09/2026

आपके तो सिर्फ बेटी है, आप प्रॉपर्टी बनाकर या घर खरीदकर क्या करेंगी? भला आपके बाद उसे संभालने वाला कौन है। आप लोग तो चैन से किराए के फ्लैट में भी जीवन काट सकते हैं। आपको क्या चिंता, कल को बेटी शादी करके अपने घर चली ही जाएगी।"

​यह कितनी अनुचित सोच है।

​अगर बेटे के साथ दूसरे घर से आई हुई लड़की, यानी हमारी बहू, परिवार की संपत्ति को संभाल सकती है और उसका उपयोग कर सकती है, तो बेटी के साथ दूसरे घर से आया हुआ उसका जीवनसाथी, यानी हमारा दामाद, उस संपत्ति का इस्तेमाल या देखभाल क्यों नहीं कर सकता?

​समझ नहीं आता कि लोग ऐसी मानसिकता लाते कहाँ से हैं।

27/09/2026

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