22/08/2026
क्षेत्रीय जूडो प्रतियोगिता में शामली के खिलाड़ियों ने जीते पदक
शामली। विद्या भारती से संबद्ध सरस्वती शिशु विद्या मंदिर जूनियर हाई स्कूल, शामली के छात्र-छात्राओं ने 16 से 19 अगस्त 2026 तक वृंदावन, मथुरा में आयोजित 38वीं क्षेत्रीय खेलकूद प्रतियोगिता में जूडो में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विद्यालय का गौरव बढ़ाया।
परमेश्वरी देवी धनुका सरस्वती विद्या मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल, गौशाला नगर, वृंदावन में आयोजित प्रतियोगिता में पलक चौधरी, राधिका चौहान एवं अनन्या मलिक ने प्रथम स्थान प्राप्त कर स्वर्ण पदक जीते। वहीं प्रीत कुमारी एवं विशाल ने तृतीय स्थान प्राप्त कर कांस्य पदक हासिल किया।
प्रथम स्थान प्राप्त खिलाड़ी सितंबर में रांची में होने वाली अखिल भारतीय जूडो प्रतियोगिता में प्रतिभाग करेंगे। विद्यालय लौटने पर भैया-बहनों का स्वागत एवं सम्मान किया गया। इस अवसर पर आचार्य रविंद्र कुमार एवं प्रधानाचार्य पल्लवी गुप्ता ने विजेताओं को प्रशस्ति पत्र एवं मेडल प्रदान किए। विद्यालय समिति के पदाधिकारियों एवं आचार्यगण ने सभी खिलाड़ियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
22/08/2026
एनसीसी प्रशिक्षण एवं सुविधाओं की समीक्षा के लिए 26 यूपी गर्ल्स बटालियन के सीओ का विद्यालय दौरा
भागवन्ती सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, नई मंडी मुजफ्फरनगर में कर्नल आर.के. माही सेना मेडलिस्ट ने किया एनसीसी व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण आज दिनांक 22 अगस्त 2026 को
भागवन्ती सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, नई मंडी, मुजफ्फरनगर में 26 यूपी गर्ल्स बटालियन एनसीसी के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल आर.के. माही (सेना मेडलिस्ट) का गरिमामय विद्यालय दौरा हुआ। विद्यालय परिसर में उनके आगमन पर एनसीसी कैडेट्स एवं विद्यालय परिवार में उत्साह का वातावरण रहा।
दौरे के दौरान कर्नल आर.के. माही ने विद्यालय में एनसीसी कैडेट्स को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं एवं प्रशिक्षण व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य एनसीसी के लिए उपलब्ध संसाधनों, प्रशिक्षण सुविधाओं तथा कैडेट्स के सर्वांगीण विकास से जुड़ी व्यवस्थाओं की समीक्षा करना रहा।
निरीक्षण के दौरान विशेष रूप से एएनओ के लिए कार्यालय एवं आवास की उपलब्धता, एनसीसी परेड एवं प्रशिक्षण के लिए पर्याप्त मैदान तथा फायरिंग रेंज की स्थिति सहित विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा एवं समीक्षा की गई। कमांडिंग ऑफिसर ने एनसीसी प्रशिक्षण को अधिक प्रभावी, अनुशासित एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में आवश्यक सुझाव भी दिए।
इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. वंदना शर्मा ने कर्नल आर.के. माही का स्वागत करते हुए कहा कि एनसीसी विद्यार्थियों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास, राष्ट्रभक्ति और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का सशक्त माध्यम है। विद्यालय एनसीसी कैडेट्स को उत्कृष्ट प्रशिक्षण एवं बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
विद्यालय के प्रबंधक श्री शोभित सिंह ने भी एनसीसी के माध्यम से छात्राओं में नेतृत्व एवं व्यक्तित्व विकास को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। इस अवसर पर एएनओ श्रीमती सपना पुंडीर सहित विद्यालय के एनसीसी कैडेट्स उपस्थित रहे।
कर्नल आर.के. माही ने कैडेट्स के अनुशासन, प्रशिक्षण के प्रति उत्साह एवं विद्यालय द्वारा एनसीसी गतिविधियों को दिए जा रहे महत्व की सराहना की। उनका यह दौरा विद्यालय की एनसीसी गतिविधियों को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावशाली बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. वंदना शर्मा के कुशल मार्गदर्शन एवं प्रबंधन के सहयोग से एनसीसी कैडेट्स को राष्ट्रसेवा, अनुशासन और नेतृत्व के मूल्यों से जोड़ने का यह प्रयास विद्यालय की शैक्षिक एवं सह-शैक्षिक उपलब्धियों में एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में सामने आया।
22/08/2026
Announcement of the Results of the “Science and Vedic Ganit Mela (2026)”
We are delighted to announce the results of the "three-days" “Science and Vedic Ganit Mela”, organized at Shrimati Brahamadevi Saraswati Balika Vidya Mandir, Hapur, from 18.08.2026 to 20.08.2026.
1. MATHEMATICS DEPARTMENT
Category: Shishu Varg (Class V)
Model Presentation Competition:
Second Position
Aaradhya (Class V)
Pragyajeet (Class V)
Samarth (Class V)
Quiz Competition:
Third Position
Neha (Class V)
Shiva Dagar (Class V)
Tej Pratap (Class V)
Experiment Competition:
Third Position
Nandita Patra (Class V)
2. SCIENCE DEPARTMENT
Model Presentation Competition:
Shishu Varg (Class IV): Third Position – Anvi Singh
Bal Varg (Class VI): Third Position – Swarnim Dubey
Quiz Competition (Prashna Manch):
Shishu Varg (Class V): Third Position – Taniya and Supriya
The entire Vidyalaya family extends heartfelt congratulations to all the winning students for their outstanding performance and wishes them a bright and successful future.
Regards
Team SRKSBVM
22/08/2026
Shishu Shiksha Samiti Paschim Uttar Pradesh -
"A mediocre teacher tells.A good teacher explains.A superior teacher demonstrates.A great teacher inspires."
William Arthur Ward,an American Author
Principals'Meeting of Meerut Sambhag -
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On 20th of August 2026, Principals'Meeting of Meerut Sambhag was conducted at Nandlal Sekhri Saraswati Shishu Mandir Ramnagar in Meerut.On this occasion honourable Shri Pradeep Gupta Ji, Prant Sangathan Mantri of Vidya Bharti Meerut Prant,Shri Shiv Kumar Verma Ji, President of Shishu Shiksha Samiti Paschim Uttar Pradesh and Shri Pradeep Bhardwaj Ji,Prant Mantri of Shishu Shiksha Samiti,were present. Shri Pradeep Gupta Ji highlighted the following points -
1.Classroom teaching should be practical knowledge oriented.
2.In our Shishu Vatika the emphasis should be given on the development of Five Organs of Perception -eye, nose,ear,tongue and skin and Five Organs of Action -hands,feet,speech, organs of excretion and organs of reproduction.
3.There are five elements -Earth,Water, Fire Sky and Air.Earth is connected to Nose,Water to Tongue,Fire to Eye,Sky to Ear and Air to Skin.
4.Basic concepts of every subject should be clear.
5.The checking of the note books should be done very minutely by all the acharyas.
6.The meaning and significance of Saraswati Saraswati Vandana should be clearly explained to the students.
7.Our National Song should be sung in 3 minutes and 10 seconds and National Anthem in 52 seconds with rhythm and ups and downs (intonation).
8.Shishu Bharti in our schools fosters the holistic development of the students It inculcates the sense of responsibility.All the students related to all the departments must be inspired to awaken the sense of duty.
9.Every school is expected to organize Matri Bharti.It will be very beneficial for the good arrangement of our schools.
10.Weekly Teachers' Meeting and Monthly Efficiency Workshop will be very useful for every school to attain special identification in the society.
Shri Pradeep Bhardwaj Ji, Prant Mantri, motivated all the principals to execute all the schemes wholeheartedly.He insisted that all the principals should present a role modal for the teachers.
Shri Shiv Kumar Verma Ji,the President of Shishu Shiksha Samiti, focused on the basic needs of physical resources and modern technology in our schools.
In this way the meeting was successfully concluded.
Yours sincerely
Madan Pal Singh
Pradesh Nirikshak
22/08/2026
Vidya Bharti Meerut Prant -
Management Committee Orientation Meeting,District-Saharanpur-
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" Education is the best friend.An educated person is respected everywhere.The education beats the beauty and the youth."
Acharya Chanakya
On 21st of August 2026, the Orientation Meeting of the Management Committees of District Saharanpur was conducted at Star Paper Mills Saraswati Vidya Mandir in Saharanpur.On this occasion honourable Shri Pradeep Gupta Ji, Prant Sangathan Mantri of Vidya Bharti Meerut Prant highlighted the following points -
1.Lord Macaulay's objective was to produce black Englishmen in India.
2.Under the guidance of Honourable Shri Madhav Rao Sadashiv Rao Golvalkar Ji, Shri Purushottam Das Tandon Ji,Shri Bhaurav Devras Ji,Nanaji Deshmukh,Sant Prabhu Dutt Brahmachari Ji and Krishna Chandra Gandhi Ji,the first Saraswati Shishu Mandir was begun at Pakkibag in Gorakhpur in 1952.
3.School Management Committee is the Soul of Vidya Bharti.
4.Vidya Bharti schools have some distinguished characteristics such as 12 Arrangements,14 Activities and 14 Programmes of Shishu Vatika,the concept of Balika Shiksha,Samarth Bharat, the best Panchpadi System of Teaching Methodology and Five-fold development of the students.
5.Management committee is the extended arm of Prant Samiti.
6.Management committee is the Guardian of the School.
7.School management committee is expected to possess the Working Style of the Parental Organisation Rashtriya Swayamsevak Sangh.
8.We have to modernize our schools but not to have the western culture.
9.On 25th of September 2026 at 11 A.M.we have to sing National Song Vande Mataram in the large number in our schools in the presence of all the stakeholders.We have to make a record of One Crore in Guinness World Records.
Honourable Shri Shiv Kumar Verma Ji, President of Shishu Shiksha Samiti Paschim Uttar Pradesh, focused on the fundamental needs and their fulfillment.We have to become update and to implement NEP2020.We are expected to follow the instructions and features of Vidya Bharti in our schools.
In this way the meeting was successfully concluded.
Yours sincerely
Madan Pal Singh
Pradesh Nirikshak
Shishu Shiksha Samiti Paschim Prantiiye Shishu Vatika Paschimi Uttar Pradesh Prantiiye Shishu Vatika Paschimi Uttar Pradesh
22/08/2026
🏆 37वाँ विद्या भारती अखिल भारतीय खेलकूद समारोह
पश्चिम उत्तर प्रदेश क्षेत्र, नेहरू नगर, गाजियाबाद में 37वाँ विद्या भारती अखिल भारतीय खेलकूद समारोह आयोजित होगा।
आयोजन तिथि: 31 अक्टूबर से 4 नवंबर 2026 तक
22/08/2026
सरस्वती शिशु मंदिर, नोएडा में दिनांक 21 अगस्त 2026 को कक्षा उदय के अभिभावकों हेतु एक विशेष NEP (राष्ट्रीय शिक्षा नीति) आधारित अभिभावक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य अभिभावकों को नई शिक्षा पद्धति, बाल-केंद्रित शिक्षण एवं बच्चों के सर्वांगीण विकास में अभिभावकों की महत्वपूर्ण भूमिका से परिचित कराना था।
प्रशिक्षण के दौरान अभिभावकों को यह समझाया गया कि वर्तमान शिक्षा पद्धति में बच्चों को केवल पुस्तकीय ज्ञान देने के स्थान पर गतिविधि, अनुभव, खेल एवं सहभागिता के माध्यम से सीखने के अवसर प्रदान किए जाते हैं। कक्षा में भैया-बहिनों को किस प्रकार विभिन्न रचनात्मक एवं क्रियात्मक गतिविधियों के माध्यम से विषय-वस्तु को सरल, रोचक एवं प्रभावी ढंग से समझाया जाता है, इसका व्यावहारिक प्रशिक्षण अभिभावकों को भी गतिविधियों के माध्यम से कराया गया।
प्रशिक्षण में अभिभावकों ने स्वयं विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता की और यह अनुभव किया कि जब बच्चों को करके सीखने (Learning by Doing), प्रश्न पूछने, अपनी बात व्यक्त करने तथा स्वयं अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिलता है, तो सीखना अधिक आनंददायक एवं स्थायी बन जाता है। साथ ही, अभिभावकों को यह भी बताया गया कि विद्यालय में होने वाले शिक्षण को घर पर किस प्रकार सहयोग प्रदान किया जा सकता है, जिससे बच्चे के सीखने की प्रक्रिया निरंतर एवं प्रभावी बनी रहे।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में कक्षा उदय के 85 अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। अभिभावकों ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे बच्चों की शिक्षा एवं विकास को समझने की दिशा में उपयोगी एवं प्रभावी पहल बताया।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री देवेंद्र कुमार शर्मा जी ने उपस्थित सभी अभिभावकों का हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बच्चे के सर्वांगीण विकास के लिए विद्यालय और परिवार का समन्वय अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने NEP आधारित गतिविधि-केंद्रित शिक्षण के प्रभाव पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस प्रकार की शिक्षा बच्चों में रचनात्मकता, आत्मविश्वास, जिज्ञासा, तर्कशीलता, अभिव्यक्ति एवं सामाजिक कौशल को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
21/08/2026
विद्या भारती स्कूल*
*सरस्वती विद्या मंदिर इण्टर कॉलेज, चांदपुर*
*विद्या भारती - CBSE से सम्बद्ध*
*दिनांक:* 18 अगस्त 2026, मंगलवार
*विषय:* आचार्य बन्धु-बहिनों के लिए आयोजित "नैपुण्य वर्ग" का प्रतिवेदन
*"नैपुण्य वर्ग - व्यक्तित्व विकास की ओर एक सशक्त कदम"*
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 एवं विद्या भारती के शैक्षिक दर्शन "सर्वांगीण विकास" को साकार करने के उद्देश्य से आज *सरस्वती विद्या मंदिर इण्टर कॉलेज, चांदपुर* में समस्त *आचार्य बन्धु-बहिनों* के लिए विशेष *"नैपुण्य वर्ग"* का आयोजन किया गया।
*"नैपुण्य"* शब्द का अर्थ है - निपुणता, दक्षता एवं श्रेष्ठता। इस वर्ग का मूल उद्देश्य शिक्षक को तन, मन, वचन और बुद्धि से समर्थ बनाकर उसे कक्षा में आदर्श प्रस्तुतकर्ता के रूप में स्थापित करना है।
*वर्ग का क्रमबद्ध विवरण:*
*1. प्रथम सत्र: शारीरिक नैपुण्य - समता अभ्यास*
*संचालक: प्रधानाचार्य श्रीमान नवनीत कुमार जी*
सत्र का शुभारम्भ शारीरिक अनुशासन से हुआ। प्रधानाचार्य जी ने समस्त आचार्य बन्धु-बहिनों को *एक तति, द्वि-तति, त्रि-तति, बामवृत्त, दक्षिणवृत्त, अर्धवृत्त* आदि समता अभ्यास कराए।
उन्होंने बताया कि ये अभ्यास केवल व्यायाम नहीं हैं। इनसे शरीर में स्फूर्ति, मन में एकाग्रता, वाणी में स्पष्टता और समूह में समन्वय आता है। एक शिक्षक जब स्वयं अनुशासित होगा तभी वह छात्रों में अनुशासन स्थापित कर सकेगा।
*2. द्वितीय सत्र: वाचिक नैपुण्य - English Communication Skill*
*संचालक: श्रीमती पारूल त्यागी जी एवं English Lecturer श्रीमान अश्वनी सुंडली जी*
आज के समय में प्रभावी संवाद शिक्षक की प्रमुख आवश्यकता है। इस सत्र में निम्न विषयों पर सविस्तार चर्चा एवं अभ्यास कराया गया:
- *Daily Use Sentences*: कक्षा, कार्यालय एवं अभिभावकों से वार्तालाप के उपयोगी वाक्य
- *Vocabulary Building*: विषय आधारित नए शब्द एवं उनका प्रयोग
- *Language vs Literature*: भाषा और साहित्य के भेद को स्पष्ट करना
- *Daily Schedule in English*: अपनी दिनचर्या को आत्मविश्वास से अंग्रेजी में प्रस्तुत करना
- *Appreciation Words*: छात्रों को प्रोत्साहित करने वाले सकारात्मक शब्द
Role Play एवं Group Discussion के माध्यम से सभी आचार्यों ने सक्रिय भागीदारी की।
*3. तृतीय सत्र: मानसिक नैपुण्य - बाल मनोविज्ञान (Child Psychology)*
*संचालक: प्रधानाचार्य श्रीमान नवनीत कुमार जी*
PPT के माध्यम से प्रस्तुत इस सत्र में बालकों के व्यवहार को समझने के वैज्ञानिक पहलुओं पर चर्चा हुई।
*मुख्य बिन्दु:*
- *Teachers के लिए*: भिन्न-भिन्न आयु वर्ग के छात्रों को पढ़ाने की युक्ति, कक्षा प्रबंधन, प्रेरणा के सिद्धांत
- *Parents के लिए*: घर और विद्यालय में समन्वय, सकारात्मक पालन-पोषण के सूत्र
- *Students के लिए*: सीखने की बाधाएं, तनाव प्रबंधन, लक्ष्य निर्धारण
प्रधानाचार्य जी ने कहा कि "बालक को समझे बिना पढ़ाना संभव नहीं। शिक्षक को मनोवैज्ञानिक होना ही पड़ेगा।"
*समापन सत्र:*
समस्त सत्रों के पश्चात् शान्ति मंत्र के सामूहिक उच्चारण के साथ वर्ग का समापन हुआ। प्रधानाचार्य श्रीमान नवनीत कुमार जी ने अपने समापन उद्बोधन में कहा:
_"हम विद्यार्थियों से जो अपेक्षा करते हैं, पहले वह गुण हमें अपने जीवन में उतारना होगा। नैपुण्य वर्ग इसी आत्म-निर्माण की प्रक्रिया है।"_
कार्यक्रम में विद्यालय के समस्त आचार्य बन्धु - बहिन उपस्थित रहे।
*"गुरुर्देवो भवः" - इस भाव को चरितार्थ करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण प्रयास है।*
*जयतु भारतम् | वन्दे मातरम् |*
21/08/2026
पूर्व छात्र परिषद इकाई का गठन
दिनाँक 20/08/2026 को विद्या भारती द्वारा संचालित निर्मला गोकुल सिंह यादव सरस्वती विद्या मन्दिर इण्टर कॉलेज, कोटद्वार मार्ग, नजीबाबाद के वन्दना सत्र में श्रीमान राजीव फौगाट जी (प्रांत प्रमुख,पूर्व छात्र परिषद,मेरठ प्रांत विद्या भारती)का आगमन हुआ। उन्होंने अपने प्रेरणादायी विचारों से भैया-बहिनों का मार्गदर्शन किया।
वन्दना सत्र के पश्चात विद्यालय के पूर्व छात्रों के साथ एक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में श्रीमान डा०एल०एस०बिष्ट जी (क्षेत्रीय मंत्री,विद्या भारती पश्चिमी क्षेत्र), श्रीमान राजीव फौगाट जी एवं प्रधानाचार्य श्रीमान जितेन्द्र सिंह जी का पूर्व छात्रों को मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।
बैठक के दौरान विद्यालय में पूर्व छात्र परिषद इकाई का गठन किया गया। इसमें प्रभारी आचार्य पूर्व छात्र का दायित्व आचार्य पंकज शर्मा जी,
संयोजक का दायित्व भैया प्रत्यूष तथा सह-संयोजक का दायित्व भैया मनोज, अमित एवं बहिन प्रियांशी व यामिनी को सौंपा गया।
पूर्व छात्र परिषद के सदस्यों के रूप में भैया-बहिन सुमित, हिमांशु, ललित, आयुष, करण, रितिक, उमेश, अमन, रजनीश, आयशा, शिवाली, वंशिका, कामिनी, वर्षा, प्राची, विनीत, हिशान्त आदि सम्मिलित हुए।
श्रीमान राजीव फोगाट जी का वन्दना सत्र से लेकर वन्दे मातरम् तक विद्यालय में प्रवास रहा। उनके मार्गदर्शन से पूर्व छात्रों में संगठन, सेवा एवं विद्यालय से जुड़ाव की भावना को और अधिक सुदृढ़ करने की प्रेरणा मिली।
स्वतंत्रता संग्राम के अमर जय घोष वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आगामी 25 सितंबर 2026 को 11:00 बजे से वंदे मातरम के सामूहिक गायन की भी विस्तृत योजना बनाई गई।
21/08/2026
।।आजका दिन विशेष।।
विद्याभारती-विद्यालय
🌹महाराजा अग्रसेन सरस्वती शिशु मन्दिर ब्रजघाट (हापुड़) में दिनांक 21/08/2026 को विद्यालय की वन्दना में गाजियबाद सम्भाग के सम्भाग निरीक्षक श्री राधेश्याम भारद्वाज जी उपस्थित रहें । भैया/बहिनों व आचार्यो का मार्ग दर्शन किया । कक्षा कक्ष में पंचपदी के आधार पर आदर्श कक्षा शिक्षण करके आचार्य और भैया बहनों का ज्ञानवर्धन किया।अन्त में आचार्य परिवार के साथ बैठक सम्पन हुई । जिसमे विद्यालय के कोषाध्यक्ष श्रीमान घनश्यम शर्मा जी, सम्भाग निरीक्षक जी का मार्ग दर्शन प्राप्त हुआ । जिसमे आचार्य विकास व शिशुओं के विकास पर चर्चा हुई ।