23/01/2023
https://youtu.be/NFwVKtZuR-k
विशेष आर्थिक क्षेत्र || भारतीय अर्थव्यवस्था || UPSC || MR.PARTH UPADHYAY || PRAYAS IAS ||
विशेष आर्थिक क्षेत्र || भारतीय अर्थव्यवस्था || UPSC || MR.PARTH UPADHYAY || PRAYAS IAS ||JOIN:PRAYAS IAS STUDY CIRCLEADDRESSHead office:Lane No-12, Indrapras...
12/10/2022
https://youtu.be/jwPKqLFQJWc
Justice Chandrachood- A Remarkable Speech on Constitution - जस्टिस चंद्रचूड़ का शानदार लेक्चर #judge
Justice D.Y. Chandrachood is proposed to be NEXT CJI. He is a very learned Judge. This speech delivered by him will make you understand that how learned juri...
05/11/2021
Wishing You all Happy and Prosperous Diwali, a bunch of festivals. May God bless you with successful life with enlightenment.
ByLaw Academy
Plateform for Your Preparation
Thank You
25/09/2021
आजीवन कारावास का क्या अर्थ है ?
👉 कुछ लोग आजीवन कारावास को 20 वर्ष का कारावास मानते हैं। कुछ लोग आजीवन कारावास को 14 वर्ष का कारावास मानते हैं। कुछ लोग रात और दिन को अलग-अलग कारावास मानते हैं।
👉 जब कोई अदालत किसी अपराध के लिए किसी को आजीवन कारावास की सज़ा सुनाती है तो विधि के समक्ष इस सज़ा की अवधि का अर्थ सज़ा पाने वाले व्यक्ति की अंतिम सांस तक होता है।
अर्थात वह व्यक्ति अपने शेष जीवन के लिए जेल में रहेगा। यही आजीवन कारावास का अर्थ है जिसकी व्याख्या सुप्रीम कोर्ट ने भी अपने फैसलों में की है।
👉 आजीवन कारावास 20 वर्ष का कारावास नहीं होता आजीवन कारावास को 20 वर्ष का कारावास समझे जाने के संदर्भ में समाज में एक बड़ी भ्रांति है, जबकि आजीवन कारावास 20 वर्ष का कारावास नहीं होता है। यह शेष बचे जीवन का कारावास होता है।
मोहम्मद मुन्ना बना यूनियन ऑफ इंडिया (एआईआर 2005 एस सी 3440) के मामले में उच्चतम न्यायालय द्वारा प्रतिपादित किया गया है कि आजीवन कारावास से अभिप्राय कठोर आजीवन (जीवनपर्यंत) कारावास से है। यह 14 या 20 वर्ष के कारावास के तुल्य नहीं है। आजीवन कारावास से दंडित अपराधी को कारागृह में रखा जा सकता है।
खोका उर्फ प्रशांत सेन बनाम बीके श्रीवास्तव का भी है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा यह प्रतिपादित किया गया है कि आजीवन कारावास से अभिप्राय 20 वर्ष की अवधि के कारावास से ना होकर दोषसिद्ध व्यक्ति के संपूर्ण जीवनपर्यंत कारावास से है।
19/09/2021
https://youtu.be/tpkYsGvsmI8
Lecture on Finance Market - Money & Capital Market & Security Market Instruments ( शेयर बाजार )
Detailed Lecture on Finance Market- Money Market & Capital Market. Very useful for Civil Services Aspirants and other competitive exams aspirants. For more v...
10/08/2021
Uttarakhand AP Preparation- Prof Dr. Rajeev से समझिए तैयारी की पूरी रणनीति
प्रोफेसर डॉ राजीव से समझिए Uttarakhand APO तैयारी की रणनीति
07/08/2021
Uttarakhand APO Vacancies
Last Date- 23 Aug, 2021
Total Vacancy- 67
For General- 17 for All States
04/06/2021
भारतीय संविधान के विदेशी श्रोत (किन देशों से क्या लिया गया है…)
🔲 ब्रिटेन ➠ संसदीय प्रणाली, विधि निर्माण, एकल नागरिकता
🔲 अमेरीका ➠ न्यायिक, स्वतंत्रता का अधिकार और मौलिक अधिकार
🔲 जर्मनी ➠ आपातकाल का सिद्धांत
🔲 फ्रांस ➠ गणत्रंतात्मक शासन व्यवस्था
🔲 कनाडा ➠ राज्यों में शक्ति का विभाजन
🔲 आयरलैंड ➠नीति निदेशक तत्व
🔲 ऑस्ट्रेलिया ➠ समवर्ती सूची
🔲 दक्षिणअफ्रीका ➠ संविधान संशोधन की प्रक्रिया
🔲 रूस ➠ मूल कर्तव्य
18/04/2021
🔲 महत्वपूर्ण भारतीय संविधान के Question answer
🔲 किस अधिनियम द्वारा भारत में प्रांतों को स्वायत्तता प्रदान की गई थी
Ans- भारत सरकार अधिनियम, 1935✅✅
🔲 शासन की एकात्मक पद्धति का लाभ हैं
Ans- दृढ़ राज्य✅✅
🔲 जिस संविधान सभा द्वारा भारत के संविधान का अधिनियम किया गया, उसके सदस्य थे
Ans- विभिन्न प्रांतों की विधान सभाओं द्वारा निर्वाचित✅✅
🔲 भारतीय संविधान में आपात उपबंध कहां से लिए गए हैं
Ans- भारत सरकार अधिनियम,1935✅✅
🔲 भारत की संविधान सभा किसके कहने पर बनाई गई थी
Ans- कैबिनेट मिशन✅✅
🔲 भारत का संविधान सभा का अध्यक्ष कौन था
Ans- डाॅ. राजेन्द्र प्रसाद✅✅
🔲 भारतीय संविधान की प्रस्तावना में किस प्रकार के न्याय की बात कही गई हैं
Ans- सामाजिक, आर्थिक, राजनैतिक न्याय की बात की गई हैं।✅✅
🔲 संविधान की प्रस्तावना में भारत को किस रूप में घोषित किया गया हैं
Ans- एक प्रभुसत्तासंपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक गणराज्य✅✅
🔲 भारत पूर्ण संप्रभु लोकतांत्रिक गणतंत्र कब बना
Ans- 26 नवंबर, 1949✅✅
🔲 संविधान की उद्देशिका का संशोधन कितनी बार किया गया था
Ans- एक बार✅✅
🔲 भारतीय संविधान में ‘संघीय’ शब्द का प्रयोग कहां पर हुआ हैं
Ans- संविधान में कही नही✅✅
🔲 भारतीय संविधान के अनुच्छेद 1 में यह घोषणा की गई हैं, कि ‘‘इंडिया अर्थात भारत’’ ……… हैं
Ans- राज्यों का संघ✅✅
🔲 किस अनुच्छेद में इंडिया को भारत भी कहा गया हैं
Ans- अनुच्छेद 1✅✅
🔲 भारत में किस प्रकार का संघवाद देखा जाता हैं
Ans- संघ बनाकर राज्यों का गठन करना✅✅
🔲 भारतीय संविधान कब लागू हुआ
Ans- 26 जनवरी, 1950✅✅
🔲 भारतीय संविधान की रचना के समय संविधान सभा का संविधानिक सलाहकार कौन था
Ans- बी.एन.राव✅✅
🔲 सरकार की किस प्रणालि में द्विसदन पद्धति एक अनिवार्य लक्षण हैं
Ans- संघीय प्रणाली✅✅
🔲 भारत एक कैसा देश हैं
Ans- लोकतंत्र✅✅
🔲 भारत में, एकल नागरिकता की अवधारणा अपनाई गई हैं
Ans- इंग्लैड से✅✅
🔲 संविधान का कौन सा भाग नागरिकता के प्रावधानों से संबंधित हैं-
Ans- II ✅✅
🔲 भारतीय संवाद निकट हैं
Ans- कनाडा कें✅✅
🔲 भारतीय संविधान ने भारतीय महासंघ की योजना किसके संविधान से ली थी
Ans- कनाडा✅✅
🔲 भारत के संविधान का निर्माता किसे माना जाता हैं
Ans- बी.आर. अंबेडकर✅✅
18/04/2021
⚫ Limitation Period: Under Law
1. The time for filing first appeal in civil cases is 30 days.
2. The time for filing second appeal in civil cases is 60 days.
3. The time for filing civil revision is 90 days.
4. Limitation period of appeal in capital punishment, 7 days.
5. Limitation period of appeal From Magistrate to Sessions Court, 30 days.
6. Limitation period of appeal From Sessions Court to High Court, 60 days.
7. Limitation period of appeal From High Court to Supreme Court, 30 days.
8. Limitation period of appeal From High Court to Supreme Court in special Leave to
Appeal, 30 days.
9. Limitation period of appeal From Magistrate to High Court in acquittal in Challan
Case is 30 days and in Complaint Case 60 days.
10. Limitation period of appeal From Sessions Court to High Court in acquittal in Challan
Case is 30 days and in Complaint Case 60 days.
11. Limitation period of appeal From High Court when case decide by it in its original
jurisdiction and to Division Bench than 20 days in acquittal or conviction as the case
may.
12. Plaintiff has a time of 6 years to file ex*****on.
13. Limitation in civil suits is 3 years from the cause of action.
14. Article 150. Appeal from death sentence to High Court-7 days.
15. Article 151. High Court order on original side-appeal-20 days.
16. Article 154. Appeal to any Court other than High Court-30 days.
17. Article 155. Criminal appeal to High Court-60 days.
18. Article 157. Appeal from acquittal by State-6 months.