25/08/2024
ये बात जरा सी ऐसी है, जिसने जैसा देखा ये वैसी है l
तुम प्रेम कहां से पाओगे,जब तक इसे तुम ना लुटाओगे l
कृष्ण का प्रेम भी आधा है ,जब तक साथ ना उसके राधा है l
माना उतना मैं सुंदर नहीं, इसलिए किसी को कद्र नहीं l
जब जब सूरज ढलता है , हर यौवन भी साथ में ढलता है l
पर जब जब सूरज जलता है, प्रेम मेरा निखरता है l
मेरे भी आंसू बहते है , तेरे बिना सब सहते है l
अब और नहीं,अब और नही , प्रेम बिना कुछ और नहीं
........... कुमार हर्ष