21/10/2023
#आत्मत्राण
---- #रवींद्रनाथ_टैगोर
विपदाओं से मुझे बचाओ,
यह मेरी प्रार्थना नहीं
केवल इतना हो (करुणामय)
कभी न विपदा में पाऊँ भय।
दुःख-ताप से व्यथित चित्त को न दो सांत्वना नहीं सही
पर इतना होवे (करुणामय)
दुख को मैं कर सकूँ सदा जय।
कोई कहीं सहायक न मिले
तो अपना बल पौरुष न हिले।
नोट- यह संपूर्ण कविता का अंश मात्र है। आप अपनी प्रतिक्रिया मुझे जरूर कमेंट करें।