Gawani Gaon

Gawani Gaon Welcome to Gawani Gaon! Old culture, History and Traditions remain alive only when they are preserved and sustained from generation to generation

Gawani village is situated on Pauri National Highway road around 56 kilometers from Pauri and around 80 kilometers from Kotdwar. It has a Post Office at Gawani (Block Pokhra), Patti Kimgadigad, Pokhra Block. The gawani village is mainy khown as Bharaman Village .more than 80 familys are bharaman.there are lots of schools Sanskrit Vidyalaya(Sarswati sisu mandir gawani), primary school ,english scho

ol ,secondary high school,and intermediate schools.Around 15 kilometers from Gawani there is a Degree Collage which is affilated by HNB gharwal University DEMOGRAPHICES OF GAWANI. Garwali is the Local Language here.

24/11/2018

आयुष्मान भारत योजना

बजट की सबसे चर्चित योजनाओं में से एक आयुष्मान भारत योजनाओं का प्रधानमंत्री ने सुभारम्भ किया। इस योजना के तहत गरीब परिवारों को हर साल 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा दिया जायेगा।

यह योजना द्वितीय व तृतीय स्तर की बीमारियों अस्पताल में भर्ती होने का खर्च उठाएगी।

क्या है योजना?
इस योजना के तहत गरीबी रेखा के नीचें रहने वाले परिवारों का बीमा कराया जायेगा व उनका मुफ़्त इलाज कराया जायेगा।

बीमा का कवर 5 लाख रुपये तक होगा, जिसमे दूसरे व तीसरे स्तर की बिमारीयों का इलाज होगा ।

गरीबी रेखा के नीचे वाले लोगों के लिए चलाई जा रही राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना की जगह आयुष्मान भारत योजना को चलाया जा रहा है।पहले सिर्फ तीस हजार रुपये तक का बीमा होता था।

इस योजना के अंतर्गत 5 लाख तक का बीमा कराया जायेगा।

इस योजना के दो भाग है।

पहला गरीब परिवारों का बीमा व दूसरा है देश के विभिन्न क्षेत्रों में हेल्थ वेलनेस केंद्र खोलना व मौजूदा स्वास्थ्य केंद्रों का सुधार व नवीनीकरण करना है।

देश में अनेकों मौजूदा स्वास्थ्य केंद्रों को सुधारा जायेगा।

इन केंद्रों पर कई बीमारियों का इलाज होगा व मुफ़्त दवाइयां दी जाएंगी।

असर
यह योजना जारी कर सरकार ने दलितों के हितैषी होनेे का दावा किया था। योजना है भी सराहनीय, ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी लोग इलाज के पैसे ना होने की वजह से मरते हैं। ऐसे में इस बीमा से बहुत सारे जरूरतमन्दों को फायदा मिलेगा।

हालांकि सवाल यह है कि पहले भी गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों के लिये बीमा योजना थी। उसका फायदा कितने गरीबों को मिलता था? क्या एक व्यक्ति जो गरीबी की चरमसीमा में जीवन यापन करता है, ऐसे लोगों की भारत में कमी नहीं। ऐसे व्यक्ति को इतनी जानकारी है कि बीमा क्या होता है?

हमारे देश में जिन लोगों को सही में इस बीमा की आवश्यकता है वो यह भी नहीं जानते कि भारत का प्रधानमन्त्री कौन है। वो ये कहां से जानेंगे कि प्रधानमंत्री न उनके लिए कौन सी योजना का शुभारम्भ किया है।

स्टेज पर आदिवासी महिला को चप्पल पहनाने या दलित के घर जाके खाने से दलितों को रत्ती भर फायदा नहीं होता। उल्टा उनका मनोरंजक व राजनैतिक शोषण होता है।

विरोधाभास
चिकित्सा के नाम पर देश में कई प्रतिष्ठित संस्थान हैं। आये दिन कहीं ना कहीं एक नए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसन्धान संस्थान की नींव रखी जाती है। सरकारी सदर अस्पतालों की भी किसी जिले में कमी नहीं है।

व सब जानते हैं कि इन सरकारी अस्पतालों में मुफ़्त चिकित्सा सुविधा दी जाती है। तो अलग से स्वास्थ्य बीमा क्या गरीबों को प्राइवेट हॉस्पिटल भेजने की तैयारी है?

क्या यह चिकित्सा के निजीकरण की तरफ पहला कदम है? क्या हम भी अमेरिका जैसी चिकित्सा व्यवस्था की तरफ बढ़ रहे हैं जहां दवाइयाँ नहीं बीमा लोगों की जान बचाता है।

एक सवाल यह भी है कि क्या बीमा का यह पैसा सदर अस्पतालों के आधुनीकरण में नहीं लगाया जा सकता था? ताकि सिर्फ दलित नहीं बल्कि किसी भी जाति, सम्प्रदाय अथवा आय समूह का व्यक्ति मुफ़्त इलाज करवा सके।

इन सरकारी अस्पतालों में ना सिर्फ स्टाफ की कमी रहती है बल्कि आये दिन लापरवाहियों व गलतियों की खबरें आती रहती हैं।

तो क्या सरकार को खुद भी अपने सरकारी स्वास्थ्य सेवा व्यवस्था पर भरोसा नहीं है? तभी गरीबों को प्राइवेट अस्पतालों में भेजने की शुरुआत कर रही है?

योजनाएं देश में बहुत हैं। जरूरत है एक ऐसे तन्त्र के निर्माण की जो ऐसी योजनाओं को इनके पूर्ण स्वरूप में समाज के सबसे निचले व्यक्ति तक पहुंचा सके।

24/11/2018

पीएम आवास योजना (PMAY) का आप कैसे उठायें फायदा

अगर आप मकान खरीदने की योजना बना रहे हैं तो प्रधानमंत्री आवास योजना आपका काम आसान कर सकती है. पहले इस योजना का लाभ सिर्फ गरीब वर्ग के लिए था. अब होम लोन की रकम बढ़ाकर शहरी इलाकों के गरीब और मध्यम वर्ग को भी इसके दायरे में लाया गया है. शुरुआती प्रावधानों के मुताबिक होम लोन की रकम 3 से 6 लाख रुपये तक थी, जिस पर PMAY के तहत ब्याज पर सब्सिडी दी जाती थी. अब इसे बढ़ाकर अब 18 लाख रुपये तक कर दिया गया है.

आइए जानते हैं कि प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के आवेदन के लिए क्या जरूरी शर्तें हैं.

कौन उठा सकता है लाभ? योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक की उम्र 21 से 55 साल होनी चाहिए. हालांकि, अगर परिवार के मुखिया या आवेदक की उम्र 50 साल से अधिक है तो उसके प्रमुख कानूनी वारिस को होम लोन में शामिल किया जायेगा.

कितनी आमदनी होनी चाहिए?

EWS (निम्न आर्थिक वर्ग) के लिए सालाना घरेलू आमदनी 3.00 लाख रुपये तय है. LIG (कम आय वर्ग) के लिए सालाना आमदनी 3 लाख से 6 लाख के बीच होनी चाहिए. सालाना 12 और 18 लाख रुपये तक की आमदनी वाले लोग भी इस योजना का लाभ उठा सकते हैं.

आय का प्रमाण:

वेतन पाने वाले लोगों के लिए वेतन प्रमाण पत्र, फार्म 16, या इनकम टैक्स रिटर्न (ITR)
अपना काम करने वाले लोगों के लिए 2.50 लाख रुपये तक की सालाना आमदनी के लिए आय प्रमाण पत्र के रूप में हलफनामा प्रस्तुत किया जा सकता है. अगर सालाना आमदनी 2.50 लाख रुपये से अधिक है तो उसके लिए आमदनी का उचित सबूत प्रस्तुत करना जरूरी है.

सरकारी सब्सिडी की रकम

इस योजना में ब्याज पर मिलने वाली सब्सिडी ब्याज की रकम का अंतर (वास्तविक और सब्सिडी प्राप्त) नहीं होगी. यह ब्याज सब्सिडी की रकम का नेट प्रजेंट वैल्यू (एनपीवी यानी NPV) होगी.

सालाना आमदनी के हिसाब से ब्याज पर सब्सिडी की रकम
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यह नौ फीसदी के डिस्काउंट रेट पर कैलकुलेट की जाएगी. किसी सब्सिडी की एनपीवी की गणना करने के लिए आपको लोन के लिए चुकी जाने वाली राशि और और हर मासिक क़िस्त में ब्याज की रकम पर ध्यान देने की जरूरत है. सब्सिडी की रकम से आपके लोन की रकम घट जाती है और इस तरह आप पर ब्याज का बोझ कम हो जाता है.

कैसे होगी ब्याज सब्सिडी की गणना

मान लेते हैं कि लोन लेने वाले किसी व्यक्ति की सालाना आमदनी छह लाख रुपये है.
(लोन की अधिकतम रकम छह लाख रुपये: सब्सिडी: 6.5 फीसदी)
लोन की वास्तविक राशि: 6 लाख रुपये
ब्याज दर : 9 फीसदी
मासिक क़िस्त: 5,398 रुपये
20 सालों में कुल ब्याज: 6.95 लाख रुपये
6.5 फीसदी सब्सिडी के हिसाब से आपका ब्याज सब्सिडी के बाद एनपीवी 2,67,000 रुपये हो जायेगा.

यही ब्याज सब्सिडी सरकार लोगों को उपलब्ध करा रही है. इस हिसाब से आपका लोन वास्तव में छह लाख रुपये की जगह 3.33 लाख रुपये हो जाता है.

कितना होगा फायदा

1:यह ध्यान रखें कि कर्ज लेने वाले ने नौ फीसदी सालाना के हिसाब से लोन लिया है. यह इसलिए घट जाता है क्योंकि ब्याज सब्सिडी की राशि कर्ज लेने वाले के एकाउंट में पहले ही डाल दी जाती है.
2:इसका असर घटी हुई मासिक क़िस्त और ब्याज के कम बोझ के रूप में सामने आती है.
3:लोन की संशोधित रकम : 3.33 लाख रुपये
4:ब्याज दर : 9 फीसदी
5:मासिक क़िस्त: 2,996 रुपये
6: 20 सालों में चुकाया जाने वाला कुल ब्याज: 3.86 लाख रुपये
7: मासिक क़िस्त में बचत : 2,402 रुपये
8: ब्याज में कुल बचत: 3, 08,939 रुपये

कैसे मिलेगा सब्सिडी का लाभ?

1: होम लोन लेने वाले संस्थान से सब्सिडी के बारे में बात करें.
2:अगर आप योग्य हैं तो पहले सेंट्रल नोडल एजेंसी को आपका आवेदन भेजा जायेगा.
3:अगर मंजूरी मिल गयी तो एजेंसी सब्सिडी की रकम कर्ज देने वाले बैंक को दे देगी.
4:यह रकम आपके लोन अकाउंट में आ जाएगी.
5:अगर आपकी सालाना आमदनी सात लाख है और लोन की रकम 9 लाख, तो आपकी सब्सिडी 2.35 लाख रुपये बनेगी.
6:इसे घटाने के बाद आपके लोन की रकम 6.65 लाख रुपये बचेगी. आप इस रकम पर मासिक किस्त भरेंगे.
7:अगर लोन की रकम आपकी सब्सिडी की योग्यता से अधिक है तो अतिरिक्त रकम पर आपको सामान्य दर से ब्याज चुकाना पड़ेगा.

क्या बरतें सावधानी?

1:वास्तव में होम लोन पर ब्याज दर नौ फीसदी से अलग भी हो सकते हैं.
2: इस समय MCLR पर आधारित होम लोन की दरें 8.5 फीसदी के करीब हैं.
3:इस वजह से ब्याज दर और मासिक क़िस्त कम हो सकती हैं.
4:इस योजना का लाभ उठाने के लिए योग्यता संबंधी मसले चेक कर लें.
5:अगर आपके, पति/पत्नी या बच्चे के नाम से देश में कहीं भी कोई पक्का मकान है तो इस योजना का लाभ नहीं मिल सकता.

14/10/2018
22/05/2018

Savi ko namskar
Gawani gaon k savi bandhuo se nivedan h ki kirpya apne gaon k itihas . Apne gaon me hue kary ya jo v jante ho .kirpya us k bare me apne vichar rakhe. Kuch time baad ham apne gaon ki website dubara se chalayenge . Koi purani picture ho . . Plz plz share kare

29/03/2017

हे निर्भगी,

तु कन गीत छै मिसाणी,
जौं गीतुंन बिन्सिरी नि देखी,
जौन सियां गोरु तका अर्यां मोर नि उगर्याँ,
जौं नि सारि उकाळयूँक पाणी ,
पंदेर्यु कि बाच बि नि बनानी जू ,
दथ्युं का छुणका बि नि बिंगणि जौं ,
प ळयेंरूं तक नि पछ्याणी ,
नि बींगी घसेन्यु का खुदेड़ गीत ,
बाजूबंद कि रस्याँ ,
नि पछ्याणी थड्या चौंफला का झुमैलो ,
बार त्यौवार कौथिगु का मेला ,
जौन नि बरती चर्कड़ी कादैं ,
हाथ - खुट्यू कि बारामासी तिड्वाल
जौन नि देखि सर्गे आसमा तपत्यंदी सांकि ,
दबद्यंदी आंखी, नि बींगी गोरु बछरू कि भोण ,
जौन माँ - बैणयूँ की पीड़ा बी नि बींगी ,
खुद म़ा लगदी बादुकी पराज नि सुवांदी जौं ,
तु धारू -धारू गीत गाणी छै ,
अर ल्वे का आंसु बोगाणी ब्वे ,
ल़ाटा ऐंची-ऐंच बुखु सी नि उड़ ,धर्तिम बी हेर ,
वख देख हपार ,कों चुलंख्युं म़ा पोंचिगै सूरज ,
छौंप सकदी त छौंप वैकि निवती तैं ,
ठेट समोदर कि जळद्यूं म़ा सेल़ेगे जौन ,
कर सकदी त महसूस कर वीं सेळी तै ,
काचा झ्याड़ों म़ा सुद्दी न कर स्याणी ,
इन हाल म़ा न हो एक दिन ,तेरवी छैल ,
पुछू त्वे सि - ल़ाटा तु कन गीत छें मिसाणी . .

Poem by वीरेन्द्र पंवार

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Garhwal
246169

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