Janta Inter College Garh -hapur

Janta Inter College Garh -hapur Principal :- Shivani Saini
State Board

आपके अपने विद्यालय जनता इंटर कॉलेज गढ़मुक्तेश्वर(हापुड़)में कक्षा 1 से 12 तक प्रवेश प्रारंभ है। `हमारी प्राथमिकता संस्का...
28/04/2025

आपके अपने विद्यालय जनता इंटर कॉलेज गढ़मुक्तेश्वर(हापुड़)में कक्षा 1 से 12 तक प्रवेश प्रारंभ है।

`हमारी प्राथमिकता संस्कारयुक्त शिक्षा`
विद्यालय की प्रगति में सहयोग करे🙏

26/04/2025

प्रिया अभिभावक बंधु एवं छात्र- छात्राओं आपके विद्यालय जनता इंटर कॉलेज गढ़मुक्तेश्वर में नवीन सत्र 2025-26 का 1 अप्रैल से प्रारंभ हो चुका है। विद्यालय में कक्षा 1 से कक्षा 12 तक के प्रवेश भी प्रारंभ हो चुके हैं। आप सभी से विनम्र आग्रह है कि आप अपने बच्चों का प्रवेश विद्यालय में यथाशीघ्र कराये।
प्रधानाचार्या
जनता इंटर कॉलेज गढ़मुक्तेश्वर(हापुड़)
संपर्क सूत्र-9411608200

 #भारत माता के सच्चे सपूत ,  #आधुनिक भारत के देवता ,  #भारतीय संविधान के निर्माता ,  #गरीबों ,  #शोषित ,  #पीडित ,  #महि...
14/04/2025

#भारत माता के सच्चे सपूत , #आधुनिक भारत के देवता , #भारतीय संविधान के निर्माता , #गरीबों , #शोषित , #पीडित , #महिलाओं और #बच्चों के #अधिकारों को #संरक्षित करने वाले , अनेक विषय के जानकार #भारत रत्न डाक्टर भीमराव रामजी #अम्बेडकर जी की पावन #जयंती पर कोटी कोटी सादर नमन🙏🙏

*📚✨ नए शैक्षिक सत्र की हार्दिक शुभकामनाएँ ✨📚*सभी शिक्षक साथी और प्रिय विद्यार्थियों,  नए शैक्षिक सत्र की आप सभी को ढेरों...
01/04/2025

*📚✨ नए शैक्षिक सत्र की हार्दिक शुभकामनाएँ ✨📚*

सभी शिक्षक साथी और प्रिय विद्यार्थियों,
नए शैक्षिक सत्र की आप सभी को ढेरों शुभकामनाएँ! यह सत्र आपके लिए *नए अवसर, नई सीख और नई उपलब्धियों* से भरा हो। सभी शिक्षकगण अपने ज्ञान और मार्गदर्शन से विद्यार्थियों को उज्जवल भविष्य की ओर अग्रसर करें, और सभी छात्र अपनी मेहनत और लगन से नई ऊँचाइयों को छूएँ।

💡 *शिक्षा ही सफलता की कुंजी है, आगे बढ़ते रहें और अपने सपनों को साकार करें...*

🌟 *नया सत्र, नई ऊर्जा, नया संकल्प* 🌟

🙏💐💐💐🙏

हापुड़ जनपद में आज दिनांक 31-3-2025 को सेवानिवृत हो रहे सभी गुरुजनों लिपिकों ,कार्यालय सहयोगियों  को उनके द्वारा प्रदत्त ...
31/03/2025

हापुड़ जनपद में आज दिनांक 31-3-2025 को सेवानिवृत हो रहे सभी गुरुजनों लिपिकों ,कार्यालय सहयोगियों को उनके द्वारा प्रदत्त अमूल्य सेवाओं, मार्गदर्शन और योगदान के लिए आपका आभार रहेगा। ईश्वर आपको अच्छा स्वास्थ्य और चिरायु प्रदान करें आपने सदेव विभाग में तन्मयता कार्यकुशलता के साथ देश के कर्णधार बच्चों का भविष्य बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है विभाग आपका ऋणी रहेगा हम सब आपके मार्गदर्शन में निरंतर नये आयाम स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है 👏👏👏👏

शिवानी सैनी
प्रधानाचार्या
जनता इण्टर कॉलेज गढ़मुक्तेश्वर
हापुड़

28/03/2025
27/03/2025

एक बार एक चिंतनशील शिक्षक ने अपने 10th स्टेंडर्ड के बच्चों से पूछा कि
आप लोग कहीं जा रहे हैं और
सामने से कोई कीड़ा मकोड़ा या कोई साँप छिपकली या कोई गाय-भैंस या अन्य कोई ऐसा विचित्र जीव दिख गया, जो आपने जीवन में पहले कभी नहीं देखा हो, तो प्रश्न यह है कि
आप कैसे पहचानेंगे कि
वह जीव अंडे देता है या बच्चे ?
क्या पहचान है उसकी ?
अधिकांश बच्चे मौन रहे
जबकि कुछ बच्चों में बस आंतरिक खुसर-फुसर चलती रही...।
मिनट दो मिनट बाद
फिर उस चिंतनशील शिक्षक ने स्वयम ही बताया कि
बहुत आसान है,,
जिनके भी कान बाहर दिखाई देते हैं वे सब बच्चे देते हैं
और जिन जीवों के कान बाहर नहीं दिखाई देते हैं
वे अंडे देते हैं.... ।।
फिर दूसरा प्रश्न पूछा कि–
ये बताइए आप लोगों के सामने एकदम कोई प्राणी आ गया... तो आप कैसे पहचानेंगे की यह शाकाहारी है या मांसाहारी ?
क्योंकि आपने तो उसे पहले भोजन करते देखा ही नहीं,
बच्चों में फिर वही कौतूहल और खुसर फ़ुसर की आवाजें.....
शिक्षक ने कहा–
देखो भाई बहुत आसान है,,
जिन जीवों की आँखों की बाहर की यानी ऊपरी संरचना गोल होती है, वे सब के सब माँसाहारी होते हैं,
जैसे-कुत्ता, बिल्ली, बाज, चिड़िया, शेर, भेड़िया, चील या अन्य कोई भी आपके आस-पास का जीव-जंतु जिसकी आँखे गोल हैं वह माँसाहारी ही होगा है,
ठीक उसी तरह जिसकी आँखों की बाहरी संरचना लंबाई लिए हुए होती है, वे सब के सब जीव शाकाहारी होते हैं,
जैसे- हिरन, गाय, हाथी, बैल, भैंस, बकरी,, इत्यादि।
इनकी आँखे बाहर की बनावट में लंबाई लिए होती है ....
फिर उस चिंतनशील शिक्षक ने बच्चों से पूछा कि-
बच्चों अब ये बताओ कि मनुष्य की आँखें गोल हैं या लंबाई वाली ?
इस बार सब बच्चों ने कहा कि मनुष्य की आंखें लंबाई वाली होती है...
इस बात पर
शिक्षक ने फिर बच्चों से पूछा कि
यह बताओ इस हिसाब से मनुष्य शाकाहारी जीव हुआ या माँसाहारी ??
सब के सब बच्चों का उत्तर था शाकाहारी ।
फिर शिक्षक से पूछा कि
बच्चों यह बताओ कि
फिर मनुष्य में बहुत सारे लोग मांसाहार क्यों करते हैं ?
तो इस बार बच्चों ने बहुत ही गम्भीर उत्तर दिया
और वह उत्तर था कि अज्ञानतावश या मूर्खता के कारण।
फिर उस चिंतनशील शिक्षक ने बच्चों को दूसरी बात यह बताई कि
जिन भी जीवों के नाखून तीखे नुकीले होते हैं, वे सब के सब माँसाहारी होते हैं,
जैसे- शेर, बिल्ली, कुत्ता, बाज, गिद्ध या अन्य कोई तीखे नुकीले नाखूनों वाला जीव....
और
जिन जीवों के नाखून चौड़े चपटे होते हैं वे सब के सब शाकाहारी होते हैं,
जैसे-मनुष्य, गाय, घोड़ा, गधा, बैल, हाथी, ऊँट, हिरण, बकरी इत्यादि।
इस हिसाब से भी अब ये बताओ बच्चों कि मनुष्य के नाखून तीखे नुकीले होते हैं या चौड़े चपटे ??
सभी बच्चों ने कहा कि
चौड़े चपटे,,
फिर शिक्षक ने पूछा कि
अब ये बताओ इस हिसाब से मनुष्य कौन से जीवों की श्रेणी में हुआ ??
सब के सब बच्चों ने एक सुर में कहा कि शाकाहारी ।
फिर शिक्षक ने बच्चों से तीसरी बात यह बताई कि,
जिन भी जीवों अथवा पशु-प्राणियों को पसीना आता है, वे सब के सब शाकाहारी होते हैं,
जैसे- घोड़ा, बैल, गाय, भैंस, खच्चर, आदि अनेकानेक प्राणी... ।
जबकि
माँसाहारी जीवों को पसीना नहीं आता है, इसलिए कुदरती तौर पर वे जीव अपनी जीभ निकाल कर लार टपकाते हुए हाँफते रहते हैं
इस प्रकार वे अपनी शरीर की गर्मी को नियंत्रित करते हैं.... ।
तो प्रश्न यह उठता है कि
मनुष्य को पसीना आता है या मनुष्य जीभ से अपने तापमान को एडजस्ट करता है ??
सभी बच्चों ने कहा कि मनुष्य को पसीना आता है,
शिक्षक ने कहा कि अच्छा यह बताओ कि
इस बात से भी मनुष्य कौन सा जीव सिद्ध हुआ, सब के सब बच्चों ने एक साथ कहा –
शाकाहारी ।
सभी लोग विशेषकर अहिंसा में, सनातन धर्म, संस्कृति और परम्पराओं में विश्वास करने वाले लोग भी चाहे तो बच्चों को नैतिक-बौद्धिक ज्ञान देने अथवा सीखने-पढ़ाने के लिए इस तरह बातचीत की शैली विकसित कर सकते हैं,
इससे जो वे समझेंगे सीखेंगे वह उन्हें जीवनभर काम आएगा...
याद रहेगा, पढ़ते वक्त बोर भी नहीं होंगे....।
बच्चे अगर बड़े हो जाएं तो उनको यह भी बताएं कि कैसे शाकाहारी मनुष्य जानकारी के अभाव में मांसाहार का उपयोग करता है और कहता है कि जब अन्न नहीं उपजाया जाता था तब मनुष्य मांसाहार का सेवन करते थे, जो सरासर गलत है तब मनुष्य कंद-मुल एवं फलों पर जीवित रहते थे, जो सही है एवं उसके संरचना और स्वभाव से मेल भी खाता है।

आसमान टेसू हुआ, धरती सब पुख़राज;मन सारा केसर हुआ, तन सारा ऋतुराज..रंग-रंग राधा हुयीं, कान्हा हुए ग़ुलाल;बृज क्षेत्र सब होल...
14/03/2025

आसमान टेसू हुआ, धरती सब पुख़राज;
मन सारा केसर हुआ, तन सारा ऋतुराज..
रंग-रंग राधा हुयीं, कान्हा हुए ग़ुलाल;
बृज क्षेत्र सब होली हुआ, बृजवासी रचें धमाल..
होली राधा - श्याम की, और न होली कोय;
जो मन राचे प्रेम रंग, फ़िर रंग चढ़े न कोय.....
🌻🌹🌻🌹🌻🌹🌻🌹🌻🌹🌻🌹
आपको एवं आपके परिवार को होली की शुभकामना

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