पवनेश कुमार "आर्यन"

पवनेश कुमार "आर्यन" Basic Education Department Uttar Pradesh

17/08/2025

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स्वतंत्रता दिवस समारोह 🇮🇳 प्रा.वि.इमामुद्दीन नगर कक्षा 1 से 5 के निपुण छात्रों को ग्राम प्रधान,एसएमसी अध्यक्ष,वरिष्ठ अभि...
15/08/2025

स्वतंत्रता दिवस समारोह 🇮🇳 प्रा.वि.इमामुद्दीन नगर

कक्षा 1 से 5 के निपुण छात्रों को ग्राम प्रधान,एसएमसी अध्यक्ष,वरिष्ठ अभिभावक जन एवं विद्यालय स्टाफ द्वारा पुरस्कृत किया गया।

सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रतिभाग करने वाले समस्त छात्रों को भी पुरुस्कृत किया गया।🇮🇳

तिरंगा राखी कार्यशाला 🇮🇳
08/08/2025

तिरंगा राखी कार्यशाला 🇮🇳

पांच वर्ष की आयु पूरी करने के बाद देश के 7 करोड़ से अधिक बच्चों ने अब तक आधार में जरूरी बायोमेट्रिक अपडेट नहीं कराया है।...
23/07/2025

पांच वर्ष की आयु पूरी करने के बाद देश के 7 करोड़ से अधिक बच्चों ने अब तक आधार में जरूरी बायोमेट्रिक अपडेट नहीं कराया है। ऐसे बच्चों के लिए आधार जारी करने वाली संस्था भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण यानी UIDAI अब देशभर के स्कूलों के माध्यम से बच्चों के बायोमेट्रिक अपडेट की प्रक्रिया शुरू करने जा रही है। पीटीआई की खबर के मुताबिक, यह काम अगले 45 से 60 दिनों में चरणबद्ध तरीके से शुरू होगा। यह जानकारी UIDAI के सीईओ भुवनेश कुमार ने बीते रविवार को दी।

— feeling hopeful in India.

साभार  ,   मेरे विद्यालय के कुछ बच्चे कथित तौर पर प्राइवेट स्कूल में पढ़ने जा रहे थे।वास्तविकता जानने के लिए मैं उस स्कू...
22/07/2025

साभार ,
मेरे विद्यालय के कुछ बच्चे कथित तौर पर प्राइवेट स्कूल में पढ़ने जा रहे थे।वास्तविकता जानने के लिए मैं उस स्कूल गया। एक औरत जो अपने बच्चे को पहुंचाने स्कूल गई थी,मुझे देखकर लज्जित होती हुई कहने लगी,"गुरुजी 3 साल से सरकारी में जा रहा था। इसे कुछ आता ही नहीं था,तो हम सोचे कि प्राइवेट में लिखा दें।

मैं - "यह बहुत अच्छी बात है कि आप अपने बच्चे के प्रति इतनी जागरुक हैं।अच्छा इसे काजल कौन लगाया है ?
महिला - (प्रसन्न होकर चहकते हुए)"गुरु जी हम लगाए हैं।"
मैं - "और पाउडर तेल कंघी ?"
महिला - (अब वह प्रसन्न व सहज थी)"गुरुजी सब हम ही लगाए हैं। ड्रेस भी सिलवा दिए हैं,जूते मोजे और बैग भी खरीद दिए हैं।

मैं - "अच्छा कितने दिन बच्चे को यहां स्कूल तक पहुंचाई हैं ?"
महिला -"20 दिन हुआ नाम लिखाए,तब से हर दिन पहुंचाए हैं। टिफिन भी लगाना पड़ता है।
मैं - "अच्छा जब यह 3 साल तक सरकारी में पढ़ रहा था,तब कितने दिन इसे तेल,काजल,पाउडर लगाई थीं ?
महिला झेंप गई,बोली - "तब नहीं लगाए थे कभी ।

मैं - अच्छा 3 सालों में कभी नहलाई थीं ?
महिला - (बहुत लज्जित होकर)"हम नहाने के लिए डांटते थे,पर नहाता ही नहीं था ।
मैं - "फिर अब कैसे नहाता है ?"
महिला - "हम ही नहलाते हैं।"
मैं -"अच्छा 3 सालों में नाम लिखाने के अलावा,कभी सरकारी स्कूल में बच्चे को पहुंचाने या देखने आईं?
महिला लज्जित और निरुत्तर खड़ी थी।

मैं - "3 सालों में,आप तीन बार आई हैं।लेकिन बच्चे के लिए नहीं। इसलिए कि आपके बच्चे की ड्रेस क्यों नहीं आई। पूरे 3 सालों तक आपका बच्चा हफ्ते में दो दिन आता रहा।वह भी कच्छे और बनियान में।नहाना तो दूर,शायद ही कभी मुंह धोकर आया हो।कई बार उसे हमने नहलाया और मुंह धुलवाया।आज जितना इसके चेहरे पर पाउडर लगा दिख रहा है,इससे ज्यादा यह अपने चेहरे और बालों में मिट्टी लगाये आता था। कभी 3 सालों में आपने इसे कापी और पेन नहीं दिया।

महिला निरुत्तर खड़ी थी।

🙏🏻🙏🏻🙏🏻💐💐
C/p
साभार सोशल मीडिया

22/07/2025
I have reached 11K followers! Thank you for your continued support. I could not have done it without each of you. 🙏🤗🎉
08/11/2024

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 #शिक्षक 🌱📝📚🌱📝📚🌱-------------------------------मैं शिक्षक हूँप्रकाश की ओर बढ़नाबढ़ाना चाहता हूंँ।उन्नति का विषय पढ़नापढ़...
05/09/2024

#शिक्षक
🌱📝📚🌱📝📚🌱
-------------------------------
मैं शिक्षक हूँ
प्रकाश की ओर बढ़ना
बढ़ाना चाहता हूंँ।

उन्नति का विषय पढ़ना
पढ़ाना चाहता हूँ
अज्ञान तम से जग को
छुड़ाना चाहता हूँ।
बिना डोर की पतंग को
उड़ाना चाहता हूँ।।

जनहित के लिए सोचना
मेरा धर्म है, क्योंकि
मैं शिक्षक हूँ।
प्रतिभाओं का अंकुरण
करना है मुझे।
ज्ञान की रिक्तियों को भी
भरना है मुझे।।

बाधाओं से कभी नहीं
डरना है मुझे।
जीने के लिए ही तो
मरना है मुझे।।

ज्ञान का प्रसार करना
मेरा कर्म है, क्योंकि
मैं शिक्षक हूँ।
राग द्वेष इस मन के
अब विषय नहीं।
मान अपमान का भी
कोई संचय नहीं।।

अधिकारों का भी मन में
कोई मोह नहीं।
मेरा किसी से इस जग में
कोई द्रोह नहीं।।
मानवता के लिए जीना ही
मेरा मर्म है, क्योंकि
मैं शिक्षक हूँ।
कर्तव्य और अधिकार का
सही आकलन करता हूँ।
अशिष्टता के दुष्परिणामों से
सदैव ही मैं डरता हूँ।।

जीवन के निर्माण के लिए
आदर्श चरित्र पढ़ता हूँ।
नियति के बनाए मार्ग पर
ईमानदारी से बढ़ता हूँ।।

इसलिए ही मेरा व्यक्तिगत
व्यवहार नर्म है, क्योंकि
मैं शिक्षक हूँ।
मैंने विनम्रता के वस्त्र
धारण किए हैं।
नैतिक मूल्य ही मेरे
प्रिय आभूषण हैं।।

मैं एक शिक्षक हूं
📚📝🌱🖊️🎖️

Well Dressed...❤️
23/08/2024

Well Dressed...❤️

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Ganjdundwara
207242

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