01/10/2023
खुद को राख लपेटे फिरते,औरों को देते धन धाम ।देवो के हित विष पी डाला,नीलकंठ को कोटि प्रणाम ॥॥ सुबह सुबह ले शिव...॥ शिव के चरणों में मिलते है,सारी तीरथ चारो धाम ।करनी का सुख तेरे हाथों,शिव के हाथों में परिणाम ॥॥ सुबह सुबह ले शिव...॥ शिव के रहते कैसी चिंता,साथ रहे प्रभु आठों याम ।...
खुद को राख लपेटे फिरते,औरों को देते धन धाम ।देवो के हित विष पी डाला,नीलकंठ को कोटि प्रणाम ॥॥ सुबह सुबह ले शिव…॥ शिव क....