11/05/2026
राज्य ललित कला अकादमी उत्तर प्रदेश द्वारा ओपीएस इंटरनेशनल स्कूल गजरौला में ग्रीष्मकालीन कला कार्यशाला का शुभारंभ
गजरौला।
राज्य ललित कला अकादमी, उत्तर प्रदेश द्वारा ओपीएस इंटरनेशनल स्कूल में 11 मई 2026 से 30 मई 2026 तक आयोजित ग्रीष्मकालीन कला कार्यशाला का शुभारंभ बड़े उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में किया गया। यह कार्यशाला जनपद अमरोहा में जूनियर विंग (10 वर्ष से 17 वर्ष आयु वर्ग) के लिए आयोजित होने वाली पहली विशेष कला कार्यशाला है।
कार्यशाला का उद्घाटन डॉ. दुर्जन सिंह राणा द्वारा किया गया। उन्होंने विद्यार्थियों को कला के क्षेत्र में आगे बढ़ने एवं अपनी प्रतिभा को निखारने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. पराग पंडित द्वारा मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इसके उपरांत उन्होंने स्वयं पेंटिंग बनाकर कला कार्यशाला की औपचारिक शुरुआत की। कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों एवं शिक्षकों ने भी उस पेंटिंग पर अपनी कलात्मक अभिव्यक्ति प्रस्तुत कर कार्यक्रम को विशेष रूप से आरंभ किया।
इस कला शिविर में लगभग 55-60 विद्यार्थी प्रतिभाग कर रहे हैं। कार्यशाला में विद्यार्थियों को चित्रकला एवं पेंटिंग निर्माण का विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इस कार्यशाला के प्रशिक्षक डॉ. सोहन सिंह हैं, जिन्हें राज्य ललित कला अकादमी, उत्तर प्रदेश द्वारा नियुक्त किया गया है, जबकि दूसरी प्रशिक्षिका अंजली शर्मा हैं। दोनों प्रशिक्षक विद्यार्थियों को विभिन्न कला विधाओं का प्रशिक्षण देंगे।
कार्यशाला में प्रतिभाग करने वाले प्रमुख विद्यार्थियों में अनमोल शर्मा, हनी शर्मा, विक्रांत शर्मा, देव अग्रवाल, रवि, रिया, आरक्षा, रोशनी, प्रशांत, वंशी त्यागी, कनक, योगिता, हिमांशु, दीपिका एवं नैंसी आदि शामिल हैं। विद्यार्थियों में कार्यशाला को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है।
कार्यशाला के अंतर्गत 28, 29 एवं 30 मई 2026 को विद्यार्थियों द्वारा बनाई गई पेंटिंग्स की प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी, जो सभी के लिए खुली रहेगी। समापन समारोह एवं प्रदर्शनी के मुख्य अतिथि डॉ. सुनील कुमार विश्वकर्मा होंगे। उल्लेखनीय है कि उन्होंने राम मंदिर में स्थापित श्रीराम जी की प्रतिमा का डिजाइन भी तैयार किया है।
डॉ. सुनील कुमार विश्वकर्मा विद्यार्थियों की पेंटिंग्स का अवलोकन करेंगे तथा चयनित कलाकृतियों को पुरस्कार हेतु लखनऊ भेजा जाएगा। प्रतियोगिता में प्रत्येक श्रेणी में 10-10 पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे, जिनकी पुरस्कार राशि ₹10,000 से लेकर ₹1,00,000 तक होगी।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. पराग पंडित ने विद्यार्थियों को कला के महत्व के बारे में बताते हुए कहा कि कला न केवल रचनात्मकता को बढ़ाती है बल्कि विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में भी सहायक होती है। उन्होंने विद्यार्थियों को मेहनत एवं समर्पण के साथ कला के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
कार्यशाला के सफल समापन पर सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों को सहभागिता प्रमाण पत्र भी प्रदान किए जाएंगे।