05/09/2021
ताज रखा है जमाने ने सरों पर उनके...
थे जो उस्ताद के जूतों को उठाने वाले..!
अपने जिंदगी के अव्वल दर्जे से लेकर आज तक के तमाम असात्जा(Teachers) को दिल की गहराईयों से मूबारकबादी..!
यूँ तो हम आपके एहसान का हक ताकयामत अदा नहीं कर सकते...लेकिन दुनिया ने एक खूसूसी दिन आपके लिए मूकर्रर किया है ताकि हम अपने एहसासात व जज्बात को इक धागे में पिरो कर आपके सामने रख सकें...!
आपके शुक्रिया के लिए कोई लफ्ज़ या जूमला काफी नहीं है.....
हाँ इतना जरूर कह सकता हूँ..
कि "दुनिया आपसे है.." !
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