11/08/2025
देश के लिए जीने और मरने वालों की कोई उम्र नहीं होती... 19 वर्ष की अल्पायु में ही फाँसी के फंदे को चूमकर अमरत्व प्राप्त करने वाले महान क्रांतिकारी खुदीराम बोस जी के बलिदान दिवस पर शत शत नमन। उनकी निडरता और वीरता से आतंकित अंग्रेज सरकार ने उनकी कम उम्र को दरकिनार कर फांसी की सजा सुनाई। गीता हाथ में थामे इस वीर सपूत ने हंसते हुए फांसी स्वीकार की। हम उनके बलिदान को सम्मान देते हुए राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानते हुए भारत माता की एकता और अखंडता की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहेंगे।