दलीप बिशनोई

दलीप बिशनोई 📚 Government Primary Teacher
📜 RTI Activist & Social Worker
📰 Education Updates | Social Issues
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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट को मिले एक साथ 9 नए जज --
20/08/2026

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट को मिले एक साथ 9 नए जज --

🇮🇳 80वें स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ 🇮🇳आज का दिन केवल उत्सव मनाने का नहीं, बल्कि उन महान स्वतंत्रता सेनानियों ...
15/08/2026

🇮🇳 80वें स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ 🇮🇳
आज का दिन केवल उत्सव मनाने का नहीं, बल्कि उन महान स्वतंत्रता सेनानियों और वीर जवानों को नमन करने का दिन है, जिन्होंने राष्ट्र की स्वतंत्रता और अखंडता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। 🙏
आइए, इस स्वतंत्रता दिवस पर हम संकल्प लें कि एकता, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के साथ देश की प्रगति में अपना योगदान देंगे।
🇮🇳 एकता • अखंडता • प्रगति • समृद्धि 🇮🇳
जय हिन्द 🇮🇳
जय भारत 🇮🇳
वंदे मातरम् 🇮🇳
#स्वतंत्रतादिवस िन्द ारत #वंदे_मातरम् #भारत_माता_की_जय

13/08/2026
आपसी सहमति से आदेश पारित----High Court की Division Bench ने 06.08.2026 को State की appeal को इस तरह dispose किया है:High...
13/08/2026

आपसी सहमति से आदेश पारित----

High Court की Division Bench ने 06.08.2026 को State की appeal को इस तरह dispose किया है:

High Court ने सीधे यह आदेश नहीं दिया कि कर्मचारियों को नियमित कर दिया जाए।

लेकिन State को यह निर्देश दिया है कि वह कर्मचारियों के regularization के claim पर कानून के अनुसार विचार करे।

State को सभी facts/circumstances और settled principles of law को ध्यान में रखना होगा।

विशेष रूप से Supreme Court द्वारा निर्धारित कानून को ध्यान में रखकर निर्णय करना होगा।

यदि कर्मचारियों का दावा regularization के लिए लागू कानूनी सिद्धांतों के अंतर्गत आता है, तो उन्हें regularization का उचित लाभ दिया जाएगा।

यदि State claim स्वीकार नहीं करती है, तो उसे कारण सहित speaking order पारित करना होगा।
उस स्थिति में कर्मचारियों को उचित कानूनी remedy लेने की स्वतंत्रता रहेगी।

State को High Court के आदेश की copy प्राप्त होने की तारीख से 2 महीने के भीतर अपना निर्णय finalise करना है।

कच्चे कर्मचारियों को रेगुलर करने से सम्बन्धित सरकार का पत्र जारी ---पूरा हिंदी अनुवाद -----हरियाणा सरकारमानव संसाधन विभा...
11/08/2026

कच्चे कर्मचारियों को रेगुलर करने से सम्बन्धित सरकार का पत्र जारी ---

पूरा हिंदी अनुवाद -----

हरियाणा सरकार
मानव संसाधन विभाग
(मानव संसाधन-I शाखा)
क्रमांक: 6/6/2025-5HR-I

दिनांक: चंडीगढ़, 11 अगस्त, 2026

प्रेषित:
हरियाणा सरकार के सभी प्रशासनिक सचिवों को।
हरियाणा राज्य के सभी विभागाध्यक्षों को।
हरियाणा राज्य के सभी मंडलायुक्तों को।
हरियाणा राज्य के सभी उपायुक्तों को।
हरियाणा राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रारों को।

विषय: माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा Civil Appeal No. 1996 of 2024, titled “Madan Singh and Others vs. State of Haryana and Others” तथा अन्य संबंधित मामलों में दिनांक 16.04.2026 को पारित निर्णय के कार्यान्वयन के संबंध में।

महोदय/महोदया,
मुझे उपर्युक्त विषय के संबंध में आपका ध्यान आकर्षित करने और यह कहने का निर्देश हुआ है कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने Madan Singh मामले में दिनांक 16.06.2014 और 18.06.2014 की नीतियों को बरकरार रखा है, जबकि दिनांक 07.07.2014 की नीतियों को रद्द (strike down) कर दिया है।
उक्त निर्णय का मुख्य अंश निम्नलिखित है:—
“आदेश”
25. तदनुसार, उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 31.05.2018 को दिए गए निर्णय में निम्नानुसार आंशिक संशोधन किया जाता है:
(क) यह माना जाता है कि दिनांक 16.06.2014 और 18.06.2014 की अधिसूचनाएं वैध हैं और उच्च न्यायालय के निर्णय को, जहां तक वह इसके विपरीत निष्कर्ष देता है, निरस्त किया जाता है। जो हस्तक्षेपकर्ता (Intervenors) समान स्थिति में हैं और दिनांक 16.06.2014 तथा 18.06.2014 की अधिसूचनाओं के लाभ के हकदार हैं, वे भी उक्त घोषणा से उत्पन्न होने वाली राहत के हकदार होंगे, बशर्ते सक्षम प्राधिकारी द्वारा उनका सत्यापन किया जाए।
(ख) यह घोषित किया जाता है कि हरियाणा राज्य में Group ‘B’, ‘C’ और ‘D’ कर्मचारियों की सेवाओं को नियमित करने के उद्देश्य से जारी दिनांक 07.07.2014 की अधिसूचनाएं मनमानी और अवैध हैं। अतः उन्हें रद्द किया जाता है।
हालांकि, मामले के विशेष तथ्यों को देखते हुए, वे Group ‘B’, ‘C’ और ‘D’ के ad-hoc कर्मचारी, जिन्होंने इन अधिसूचनाओं का लाभ प्राप्त कर लिया है और वर्तमान में सेवा में बने हुए हैं, उन्हें सेवा से हटाया नहीं जाएगा। लेकिन उन्हें उनके द्वारा धारित पद के सबसे निचले वेतनमान में रखा जाएगा।
जो हस्तक्षेपकर्ता वर्तमान में दिनांक 07.07.2014 की अधिसूचनाओं के कारण सेवा में हैं और उक्त Group ‘B’, ‘C’ और ‘D’ ad-hoc कर्मचारियों के समान स्थिति में हैं, वे भी उपर्युक्त राहत के हकदार होंगे, बशर्ते सक्षम प्राधिकारी द्वारा उनका सत्यापन किया जाए।
(ग) जिन कर्मचारियों ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था और जिन्हें वर्तमान अपीलों के निर्णय के बाद उचित कदम उठाने की स्वतंत्रता दी गई थी, वे इस निर्णय के अनुसार उचित कदम उठाने के लिए स्वतंत्र होंगे।
26. निर्णय समाप्त करने से पूर्व, हम विद्वान amicus curiae श्री Nidhesh Gupta तथा उनके सहयोगी अधिवक्ताओं Ms. Japneet Kaur, Ms. Jhanvi Dubey, Mr. Ashok Mathur, Ms. Vriti Gujral, Mr. Bikram Dwivedi तथा Mr. Jimut Mohopatra के प्रयासों को स्वीकार करते हैं। उन्होंने सभी प्रासंगिक सामग्री और मूल्यवान सुझाव हमारे समक्ष रखे, जिससे इन अपीलों के निर्णय में सहायता मिली।
हम उन सभी विद्वान अधिवक्ताओं के प्रभावी योगदान को भी रिकॉर्ड पर रखते हैं जिन्होंने न्यायालय की सहायता की। उनके महत्वपूर्ण सहयोग से मामले में शामिल जटिल तथ्यों को समझना और कार्य करना आसान हुआ।
27. उपर्युक्त शर्तों के अनुसार सभी Civil Appeals का निस्तारण किया जाता है। लागत के संबंध में कोई आदेश नहीं दिया जाता। लंबित interlocutory applications (अंतरिम आवेदन) भी निस्तारित माने जाएंगे।
2. नियमितीकरण नीतियों का लाभ देने का निर्णय
उपर्युक्त सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि निम्नलिखित नियमितीकरण नीतियों के लाभ को उन पात्र लाभार्थियों/हस्तक्षेपकर्ताओं तक जारी रखा एवं विस्तारित किया जाएगा, जो समान स्थिति में हैं और संबंधित अधिसूचनाओं/निर्देशों के तहत राहत के हकदार हैं:
(i) Group-B कर्मचारी
दिनांक 16 जून 2014 के Instruction No. 6/7/2014-IGS-I के अनुसार ऐसे Group-B कर्मचारी:

जो राज्य सरकार की सरकारी स्वीकृत एजेंसी के माध्यम से contract basis पर लगे थे;
जिन्होंने 28 मई 2014 तक कम से कम 3 वर्ष की सेवा की थी;
जो स्वीकृत रिक्त पद के विरुद्ध कार्यरत थे;
जो अभी भी सेवा में हैं; और
जिनके पास पद के लिए निर्धारित आवश्यक योग्यता है,
वे इस नीति के अंतर्गत पात्र होंगे।
(ii) Group-C एवं Group-D कर्मचारी
दिनांक 18 जून 2014 की Notification No. 6/7/2014-IGS-I, जिसे दिनांक 20.06.2014 के निर्देशों के माध्यम से प्रसारित किया गया था, के अनुसार ऐसे Group-C एवं Group-D कर्मचारी/वर्कर: जो राज्य सरकार की सरकारी स्वीकृत एजेंसी के माध्यम से contract basis पर लगे थे;
जिन्होंने 28 मई 2014 तक कम से कम 3 वर्ष की सेवा की थी;
जो स्वीकृत रिक्त पद के विरुद्ध कार्यरत थे;
जो अभी भी सेवा में हैं; तथा
जिनके पास आवश्यक शैक्षणिक/अनिवार्य योग्यता है,
उनके मामलों पर विचार किया जाएगा।
(iii) बचे हुए Group-C एवं Group-D कर्मचारी
दिनांक 18 जून 2014 की Notification No. 6/7/2014-IGS-I, जिसे 20.06.2014 के निर्देशों द्वारा प्रसारित किया गया था, के माध्यम से दिनांक 13 अप्रैल 2007 की अधिसूचना में संशोधन किया गया था। इसका संबंध उन बचे हुए Group-C एवं Group-D कर्मचारियों से है जो:
ad-hoc,
contract,
daily wages या
work-charged basis
पर कार्य कर रहे थे और जिन्हें प्रशासनिक कारणों से दिनांक 17 जून 1997, 5 नवंबर 1999, 1 अक्टूबर 2003 और 10 फरवरी 2004 की नियमितीकरण नीतियों के अंतर्गत नियमित नहीं किया जा सका था, जबकि वे अन्यथा पात्र थे।
3. विभागों को पात्र कर्मचारियों की पहचान करने के निर्देश
सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया जाता है कि वे उपर्युक्त नीतियों के अंतर्गत आने वाले सभी पात्र contractual कर्मचारियों की तत्काल पहचान करें। उनके मामलों की योग्यता/पात्रता के आधार पर जांच की जाए और:
निर्धारित पात्रता शर्तों तथा लागू वैधानिक प्रावधानों की पूर्ति सुनिश्चित करने के बाद नियमितीकरण के उचित आदेश जारी किए जाएं। यह कार्य माननीय सर्वोच्च न्यायालय के दिनांक 16.04.2026 के निर्णय के अनुसार तथा सक्षम प्राधिकारी द्वारा सत्यापन के अधीन किया जाएगा।
4. तीन पुराने निर्देश वापस लिए गए
माननीय सर्वोच्च न्यायालय के दिनांक 16.04.2026 के निर्णय के परिणामस्वरूप निम्नलिखित निर्देशों को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाता है। साथ ही, पात्रता की शर्तें पूरी करने वाले ऐसे नियमित किए गए कर्मचारियों को सभी परिणामी लाभ, जिसमें पदोन्नति का लाभ तथा अन्य सभी परिणामी सेवा लाभ शामिल हैं, उनकी पात्रता की तारीख से देने का निर्णय लिया गया है।
वापस लिए गए निर्देश हैं:
क्रमांक 6/29/2019-IGS-I, दिनांक 18 जून 2020
क्रमांक 6/2/2024-SIIR-I, दिनांक 13 जून 2024
क्रमांक 6/2/2024-SIIR-I, दिनांक 17 दिसंबर 2024
5. 07.07.2014 की नियमितीकरण नीतियां रद्द

माननीय सर्वोच्च न्यायालय के दिनांक 16.04.2026 के निर्णय के मद्देनजर राज्य सरकार ने Group ‘B’, ‘C’ एवं ‘D’ कर्मचारियों/वर्करों के नियमितीकरण से संबंधित निम्नलिखित निर्देशों/अधिसूचनाओं को निरस्त (rescind) कर दिया है:
(i) Instructions No. 6/23/2014-IGS-I, dated 07.07.2014 — Group ‘B’
(ii) Notification No. 6/23/2014-IGSI, dated 07.07.2014 — Group ‘C’ एवं ‘D’, जिसे दिनांक 09.07.2014 के निर्देशों के माध्यम से प्रसारित किया गया था।
इसके संबंध में निम्न शर्तें लागू होंगी:
(i) भविष्य में इन नीतियों के अंतर्गत किसी नए मामले पर विचार नहीं किया जाएगा।
(ii) हालांकि, वे Group ‘B’, ‘C’ एवं ‘D’ कर्मचारी/वर्कर जिन्होंने इन निर्देशों/अधिसूचनाओं का लाभ प्राप्त कर लिया है और वर्तमान में सेवा में हैं, उन्हें सेवा से नहीं हटाया जाएगा।
लेकिन उन्हें उनके द्वारा धारित पद के सबसे निचले वेतनमान में रखा जाएगा।
(iii) जो हस्तक्षेपकर्ता (Intervenors) उन Group ‘B’, ‘C’ एवं ‘D’ कर्मचारियों/वर्करों के समान स्थिति में हैं, जो दिनांक 07.07.2014 के निर्देशों/अधिसूचनाओं के कारण वर्तमान में सेवा में हैं, वे भी उपर्युक्त राहत के हकदार होंगे, बशर्ते सक्षम प्राधिकारी द्वारा उनका सत्यापन किया जाए।
6. समयबद्ध तरीके से कार्रवाई
सभी संबंधित अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि इन निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाए तथा आवश्यक पूरी प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए।
भवदीय,

मुख्य सचिव, हरियाणा सरकार की ओर से
प्रतिलिपि
क्रमांक 6/6/2025-5HR-I
दिनांक: चंडीगढ़, अगस्त 2026
हरियाणा सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव, वित्त एवं योजना विभाग को सूचना एवं आवश्यक कार्रवाई हेतु प्रतिलिपि भेजी गई है।
हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) के सचिव तथा हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC), पंचकूला को सूचना एवं आवश्यक कार्रवाई हेतु प्रतिलिपि भेजी गई है।
हरियाणा ब्यूरो ऑफ पब्लिक एंटरप्राइजेज को सूचना एवं आवश्यक कार्रवाई हेतु प्रतिलिपि भेजी गई है।
अधीक्षक, मानव संसाधन-I
मुख्य सचिव, हरियाणा सरकार की ओर से

🔴 आखिरी मौका — अब नहीं तो फिर कभी नहीं!हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश एवं चंडीगढ़ के कर्मचारियों की यूनियनों के लिए अपनी ...
09/08/2026

🔴 आखिरी मौका — अब नहीं तो फिर कभी नहीं!
हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश एवं चंडीगढ़ के कर्मचारियों की यूनियनों के लिए अपनी वर्तमान वेतन विसंगतियों और भविष्य की वेतन संबंधी मांगों को 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के सामने रखने का यह एक बेहद महत्वपूर्ण और सुनहरा अवसर है।
8वें केंद्रीय वेतन आयोग ने 25 अगस्त 2026 तक मांग-पत्र/मेमोरेंडम जमा करने तथा चंडीगढ़ प्रवास के दौरान आयोग के साथ बैठक के लिए समय मांगने का अवसर दिया है। आयोग 16 से 18 सितंबर 2026 के दौरान चंडीगढ़ में संबंधित यूनियनों/संगठनों से बातचीत करेगा।
जिस यूनियन को आयोग द्वारा समय आवंटित किया जाएगा, वह अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ आयोग के समक्ष अपनी वर्तमान वेतन विसंगतियों, वेतन निर्धारण, भत्तों, पदोन्नति, वेतनमान तथा भविष्य की अन्य महत्वपूर्ण मांगों को मजबूती से रख सकती है।
✊ अब जिम्मेदारी यूनियनों की है
मेरा मानना है कि हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ की कर्मचारी यूनियनों को इस अवसर को बिल्कुल भी नहीं गंवाना चाहिए।
सभी यूनियनों को चाहिए कि—
✅ अपने-अपने कर्मचारियों की वर्तमान वेतन विसंगतियों का पूरा अध्ययन करें।
✅ 8वें वेतन आयोग के लिए विस्तृत एवं तथ्यात्मक मांग-पत्र तैयार करें।
✅ वर्तमान के साथ-साथ भविष्य की वेतन संबंधी मांगों को भी उसमें शामिल करें।
✅ निर्धारित समय से पहले आयोग द्वारा दिए गए लिंक पर मेमोरेंडम जमा करें।
✅ आयोग के चंडीगढ़ प्रवास के दौरान बैठक के लिए समय अवश्य मांगें।
✅ अंतिम मांग-पत्र कर्मचारियों के बीच सर्कुलेट करके उनके सुझाव और आपत्तियां भी आमंत्रित करें।
✅ कर्मचारियों से प्राप्त अच्छे एवं व्यवहारिक सुझावों पर विचार करके एक सर्वश्रेष्ठ और मजबूत मांग-पत्र आयोग के सामने प्रस्तुत करें।
⚠️ समय निकलने के बाद केवल अफसोस रह जाएगा
इतने महत्वपूर्ण अवसर बार-बार नहीं आते।
जो काम समय रहते किया जाता है, उसी का फायदा मिलता है।
आज यदि हम अपनी बात तथ्यों, आंकड़ों और ठोस तर्कों के साथ आयोग के सामने रखेंगे, तभी भविष्य में उसका लाभ मिलने की संभावना बनेगी।
बाद में लकीर पीटने से बेहतर है कि अभी पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरा जाए।
🔥 इसलिए सभी कर्मचारी संगठनों से अपील है—
25 अगस्त 2026 की समय-सीमा को ध्यान में रखते हुए तुरंत अपने मांग-पत्र तैयार करें, कर्मचारियों से सुझाव लें और 8वें वेतन आयोग के समक्ष मजबूती से अपनी बात रखें।
यह केवल एक बैठक नहीं है—
यह आने वाले वर्षों के वेतन और सेवा-शर्तों को प्रभावित करने का अवसर है।
समय रहते जागिए, संगठित होइए और अपनी बात मजबूती से रखिए। ✊

इससे कपल केस अंकों के मामले की कई दुविधा समाप्त होगी
08/08/2026

इससे कपल केस अंकों के मामले की कई दुविधा समाप्त होगी

सही खबर इधर है---
07/08/2026

सही खबर इधर है---

बड़ी खबर --गेस्ट टीचर्स रेगुलराइजेशन मामले में सिंगल बेंच के आदेश के खिलाफ शिक्षा विभाग/सरकार द्वारा दायर अपील पर कल (06...
05/08/2026

बड़ी खबर --

गेस्ट टीचर्स रेगुलराइजेशन मामले में सिंगल बेंच के आदेश के खिलाफ शिक्षा विभाग/सरकार द्वारा दायर अपील पर कल (06-08-2026) को डबल बेंच में सुनवाई होगी। कोशिश है कि हम भी अपना पक्ष रख दें। बाकी कल देखते है कि क्या रहता है।

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