15/09/2025
हिंदी दिवस
डीएवी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट में हिंदी दिवस विशेष कार्यक्रम का भव्य आयोजन
डीएवी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट के साहित्यिक क्लब द्वारा 13 सितंबर 2025 को हिंदी दिवस विशेष कार्यक्रम का आयोजन बड़े उत्साह और उमंग के साथ किया गया। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि डीएवी सेंटेनरी कॉलेज के हिंदी संकाय सदस्य श्री देवदत्त शर्मा थे। कार्यक्रम में विद्यार्थियों के लिए कहानी वाचन प्रतियोगिता, दोहा पाठ प्रतियोगिता, हिंदी हस्तलेखन प्रतियोगिता तथा टंग ट्विस्टर चैलेंज जैसी विभिन्न प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं, जिनमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
“किस्सों की महफ़िल” यानी कहानी कथन प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने पंचतंत्र, अकबर-बीरबल, तेनालीराम और नैतिक कथाओं को रोचक ढंग से प्रस्तुत किया। इस प्रतियोगिता का मूल्यांकन श्री देवदत्त शर्मा और सुश्री रीमा नागिया ने किया। इसमें योगेश (BBA II) ने शानदार प्रस्तुति देकर ‘कहानी सम्राट ‘ का खिताब जीता, जबकि मानव (MBA) द्वितीय और कार्तिक (MBA) तृतीय स्थान पर रहे।
“दोहों का दरबार” में छात्रों ने कबीर, रहीम, तुलसीदास और सूरदास के दोहे सुनाकर उनके अर्थ को स्पष्ट किया। इस प्रतियोगिता का निर्णय श्री देवदत्त शर्मा और डॉ. सरिता कौशिक ने किया। इसमें भी योगेश (BBA II) ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर ‘दोहा दूत ‘ की उपाधि प्राप्त की। पायल (BBE) को द्वितीय तथा नेहा शर्मा (BBA) को तृतीय स्थान मिला।
“सुलेख उत्सव” में विद्यार्थियों ने अपने सुंदर और सुस्पष्ट लेखन से हिंदी के प्रति प्रेम को प्रदर्शित किया। निर्णायक की भूमिका श्री देवदत्त शर्मा और डॉ. प्रियंका गौर ने निभाई। इस प्रतियोगिता में राधिका (BBA) ने ‘सुलेख शिल्पी ‘ का सम्मान प्राप्त किया। सिद्धि (BBA) द्वितीय और खुशी शर्मा (BBA) तृतीय स्थान पर रहीं।
सबसे रोमांचक प्रतियोगिता रही “ज़ुबानी महासंग्राम” यानी टंग ट्विस्टर चैलेंज। इसमें विद्यार्थियों ने कठिन वाक्यों को तेजी और सटीकता से बोलकर अपनी योग्यता का प्रदर्शन किया। इस प्रतियोगिता का मूल्यांकन डॉ. प्रीति बाली ने किया। इसमें नेहा शर्मा (BBA) ने शानदार प्रदर्शन कर ‘जुबान जादूगर’ की उपाधि अर्जित की, जबकि कार्तिक (MBA) द्वितीय और पायल (BBE) तृतीय स्थान पर रहीं।
कार्यक्रम में केवल विद्यार्थियों ही नहीं, बल्कि संकाय सदस्यों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। डॉ. अंजली आहूजा और डॉ. अर्चना मित्तल ने लघु कथाएँ सुनाकर कार्यक्रम को रोचक बनाया। वहीं, डॉ. सुनीता बिश्नोई और डॉ. सरिता कौशिक ने दोहे प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. ऋतु गांधी अरोड़ा ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए साहित्यिक क्लब के प्रयासों को उत्कृष्ट बताया और कहा कि ऐसे आयोजन न केवल विद्यार्थियों में हिंदी भाषा के प्रति प्रेम जागृत करते हैं, बल्कि उनकी सृजनात्मकता और आत्मविश्वास को भी प्रोत्साहित करते हैं। यह आयोजन हिंदी भाषा की समृद्ध परंपरा, साहित्यिक धरोहर और उसकी जीवन्तता का सजीव उत्सव बनकर प्रस्तुत हुआ।